LIC के पोर्टफोलियो में बदलाव: SBI, Coal India में बेची हिस्सेदारी, इन कंपनियों के शेयरों को खरीदा

NSE में लिस्टेड शेयरों में LIC की हिस्सेदारी 31 मार्च, 2026 को वैल्यू के हिसाब से मामूली रूप से घटकर 3.71 फीसदी रह गई, जो पहले 3.72 फीसदी थी. बैंकिंग और मेटल व माइनिंग सेक्टर के शेयर उन टॉप नामों में शामिल थे, जिनमें LIC ने बेचे गए शेयरों की वैल्यू के हिसाब से अपनी हिस्सेदारी सबसे ज्यादा कम की.

एलआईसी पोर्टफोलियो. Image Credit: @Money9live

इंश्योरेंस सेक्टर की दिग्गज कंपनी और सबसे बड़ी घरेलू संस्थागत निवेशक, भारतीय जीवन बीमा निगम (LIC) ने हाल ही में समाप्त हुई मार्च तिमाही के दौरान कई प्रमुख लार्ज-कैप कंपनियों में अपनी हिस्सेदारी कम कर दी है. लाइवमिंट ने primeinfobase.com से कलेक्ट डेटा के हवाले से बताया कि मार्च तिमाही के दौरान, NSE में लिस्टेड शेयरों में LIC की हिस्सेदारी 31 मार्च, 2026 को वैल्यू के हिसाब से मामूली रूप से घटकर 3.71 फीसदी रह गई, जो पहले 3.72 फीसदी थी. ऐसा इसलिए हुआ क्योंकि भारतीय शेयर बाजार में पश्चिम एशिया युद्ध के कारण भारी बिकवाली देखने को मिली और कच्चे तेल की कीमतों में भी जोरदार उछाल देखने को मिला.

बैंकिंग और मेटल व माइनिंग

बैंकिंग और मेटल व माइनिंग सेक्टर के शेयर उन टॉप नामों में शामिल थे, जिनमें LIC ने बेचे गए शेयरों की वैल्यू के हिसाब से अपनी हिस्सेदारी सबसे ज्यादा कम की. इस लिस्ट में सबसे ऊपर स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) है, क्योंकि LIC ने मार्च तिमाही में इस सरकारी बैंक के 4,22,25,994 शेयर बेचे, जिनकी कीमत लगभग 4,626 करोड़ रुपये थी. इस दौरान शेयर की कीमत एक सीमित दायरे में ही रही.

ICICI और HDFC बैंक

इसके बाद ICICI Bank का नंबर आया, जब LIC ने भारत के दूसरे सबसे बड़े प्राइवेट लेंडर के 2,57,04,000 शेयर बेच दिए, जिनकी कीमत 3,450 करोड़ रुपये थी. इस लिस्ट में HDFC Bank भी शामिल था. LIC ने HDFC Bank के 1145 करोड़ रुपये के शेयर बेचे, यानी कुल 1,32,43,043 शेयर.

पिरामल फाइनेंस

इस सूची में एक और फाइनेंशियल स्टॉक, पिरामल फाइनेंस भी शामिल रहा, क्योंकि LIC ने इस कंपनी में अपनी हिस्सेदारी 1% से कम कर दी है. यह पक्के तौर पर नहीं कहा जा सकता कि भारत के सबसे बड़े DII ने इस स्टॉक से पूरी तरह से किनारा कर लिया है या उसके पास अभी भी कुछ शेयर बचे हुए हैं, क्योंकि कंपनियों के लिए सिर्फ उन्हीं शेयरधारकों के नाम सार्वजनिक करना अनिवार्य होता है, जिनके पास कम से कम 1% या उससे अधिक की हिस्सेदारी हो.

मेटल और माइनिंग सेक्टर की जिन कंपनियों में LIC ने भारी बिकवाली की, उनमें कोल इंडिया, टाटा स्टील और SAIL शामिल थीं.

कोल इंडिया में भी बिक्री

Primeinfobase.com के डेटा से पता चलता है कि Coal India में वैल्यू के हिसाब से तीसरी सबसे अधिक बिक्री हुई, क्योंकि LIC ने 1431 करोड़ रुपये के 3,26,33,791 शेयर बेचे. इस बीच, SAIL और Tata Steel के 849 करोड़ रुपये और 715 करोड़ रुपये के शेयर भी बेचे गए. Grasim Industries, Britannia और L&T भी उन टॉप शेयरों में शामिल थे, जिनमें LIC ने Q4 में अपनी हिस्सेदारी कम की.

LIC ने कौन से टॉप स्टॉक्स खरीदे?

दूसरी ओर, LIC ने IT स्टॉक्स जैसे TCS, Infosys और HCL Technologies में वैल्यू बाइंग की. ये तीनों IT कंपनियां LIC की नजर में थीं, भले ही AI से होने वाले बदलावों की चिंताओं के चलते इस सेक्टर में बिकवाली के कारण मार्च तिमाही में इनके शेयरों में 15-25% की गिरावट आई थी. LIC ने TCS के 2,143 करोड़ रुपये, Infosys के 1,897 करोड़ रुपये और HCL Technologies के 1,399 करोड़ रुपये के शेयर खरीदे.

Hyundai और Maruti Suzuki जैसी ऑटो कंपनियां भी मार्च तिमाही में LIC द्वारा खरीदे गए टॉप 10 स्टॉक्स में शामिल थीं. LIC ने Hyundai के 1,390 करोड़ रुपये और Maruti के 1,374 करोड़ रुपये के शेयर अपने पोर्टफोलियो में जोड़े. जिन दो स्टॉक्स में सबसे अधिक खरीदारी हुई, उनमें Bajaj Finance और Bharti Airtel शामिल हैं. LIC ने इनके क्रमशः 2,167 करोड़ रुपये और 2,153 करोड़ रुपये के शेयर खरीदे.

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