Closing Bell: उतार-चढ़ाव के बीच सेंसेक्स और निफ्टी फ्लैट बंद, ऑटो और डिफेंस शेयरों में तेजी

Closing Bell: भारतीय शेयर बाजार के बेंचमार्क- सेंसेक्स और निफ्टी50, गुरुवार 7 मई को गिरावट के साथ बंद हुए. इसकी मुख्य वजह HUL, TCS, ITC और Reliance जैसी चुनिंदा बड़ी कंपनियों में हुई प्रॉफिट बुकिंग थी.

शेयर बाजार में गिरावट. Image Credit: Tv9

Closing Bell: गुरुवार को भारतीय शेयर बाजार में उतार-चढ़ाव देखने को मिला. सुबह के सत्र में बाजार में भारी उतार-चढ़ाव और अस्थिरता बनी रही. बाजार में ओवरऑल कमजोरी और अनिश्चितता के बावजूद, स्मॉलकैप और मिडकैप इंडेक्स ने मजबूती दिखाई.

गुरुवार के सेशन में भारतीय बेंचमार्क इंडेक्स कमजोर रहे और उतार-चढ़ाव के बीच निफ्टी 24,330 के स्तर के आसपास रहा.

सेंसेक्स 114 अंक (या 0.15%) गिरकर 77,844.52 पर बंद हुआ, जबकि निफ्टी-50, 4.30 अंक (या 0.02%) की गिरावट के साथ 24,326.65 पर स्थिर हुआ.

टॉप गेनर्स और लूजर्स

निफ्टी पर टॉप गेनर्स वाले शेयरों की लिस्ट में एचडीएफसी लाइफ इंश्योरेंस, बजाज ऑटो, महिंद्रा एंड महिंद्रा, ग्रासिम इंडस्ट्रीज और NTPC शामिल रहे. सबसे अधिक गिरावट वाले शेयरों में टेक महिंद्रा, हिंदुस्तान यूनिलिवर, टाइटन कंपनी, टीसीएस और आईटीसी शामिल थे.

ब्रॉडर मार्केट ने बेंचमार्क से बेहतर प्रदर्शन किया. निफ्टी मिडकैप इंडेक्स 1.2 फीसदी बढ़ा और स्मॉलकैप इंडेक्स में 1 फीसदी की बढ़त हुई.

सेक्टोरल इंडेक्स

सेक्टर के हिसाब से FMCG, IT, PSU Bank और कंज्यूमर ड्यूरेबल स्टॉक्स में बिकवाली का दबाव देखा गया, जबकि ऑटो, डिफेंस, मीडिया और मेटल स्टॉक्स में खरीदारी में दिलचस्पी दिखी.

विभिन्न सेक्टरों का प्रदर्शन मिला-जुला रहा. Nifty Auto, Nifty Realty और Nifty Chemicals सबसे ज्यादा बढ़त बनाने वाले सेक्टर रहे, जिनमें क्रमशः 2%, 0.63% और 0.40% की बढ़ोतरी हुई. दूसरी ओर, Nifty Consumer Durables में 0.94% की गिरावट आई, जबकि Nifty FMCG और Nifty IT क्रमशः 0.76% और 0.70% नीचे गिरे.

पश्चिम एशिया में तनाव पर अपडेट्स

पश्चिम एशिया में तनाव और कम होता दिखा, जब ऐसी खबरें आईं कि ईरान संघर्ष को खत्म करने के मकसद से अमेरिका के ताजा प्रस्तावों पर विचार कर रहा है. हालिया मीडिया रिपोर्टों से संकेत मिला कि अमेरिका ने पाकिस्तानी मध्यस्थों के जरिए एक-पेज का समझौता ज्ञापन भेजा है, ताकि औपचारिक रूप से संघर्ष को समाप्त किया जा सके और होर्मुज जलडमरूमध्य को धीरे-धीरे फिर से खोलने का मार्ग प्रशस्त हो सके.

बुधवार को अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को बमबारी की एक नई लहर की चेतावनी दी, जब तक कि कोई ऐसा समझौता नहीं हो जाता जिसमें महत्वपूर्ण होर्मुज जलडमरूमध्य को अंतर्राष्ट्रीय जहाजरानी के लिए फिर से खोलना शामिल हो.

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