Closing Bell: बाजार की जोरदार वापसी, निफ्टी 24300 के पार और सेंसेक्स 940 अंक की तेजी के साथ बंद, निवेशकों ने कमाए 6 लाख करोड़
Closing Bell: भारतीय शेयर बाजार के बेंचमार्क- सेंसेक्स और निफ्टी50 बुधवार 6 मई को 1 फीसदी से अधिक चढ़ गए. ऐसा उन रिपोर्ट्स के बीच हुआ जिनमें कहा गया था कि अमेरिका और ईरान अपने आपसी टकराव को खत्म करने के लिए एक समझौते के करीब पहुंच रहे हैं.
Closing Bell: बुधवार दोपहर को भारतीय शेयर बाजार में जबरदस्त उछाल आया. Axios की एक रिपोर्ट में कहा गया था कि ईरान और अमेरिका पश्चिम एशिया में चल रहे युद्ध को खत्म करने के लिए एक-पेज के मेमो पर सहमति के करीब पहुंच रहे हैं, Sensex और Nifty ने अपनी सारी गिरावट मिटा दी और 1 फीसदी से अधिक की बढ़त हासिल कर ली. इस खबर से तेल की कीमतों में भी भारी गिरावट आई.
6 मई को भारतीय इक्विटी इंडेक्स मजबूत बढ़त के साथ बंद हुए, जिसमें निफ्टी 24,300 के ऊपर रहा. यह बढ़त पावर और FMCG सेक्टर को छोड़कर बाकी सभी सेक्टरों में हुई खरीदारी की वजह से देखने को मिली.
टॉप गेनर्स और लूजर्स
निफ्टी पर टॉप गेनर्स शेयरों की लिस्ट में इंटरग्लोब एविएशन, ट्रेंट, टाटा मोटर्स पैसेंजर व्हीकल्स, श्रीराम फाइनेंस और अडानी एंटरप्राइजेज शामिल थे. वहीं, सबसे अधिक गिरावट ONGC, L&T, रिलायंस इंडस्ट्रीज, पावर ग्रिड कॉर्प और इंफोसिस के शेयरों में देखने को मिली.
सेक्टोरल इंडेक्स
पावर, FMCG और एनर्जी सेक्टर को छोड़कर, बाकी सभी सेक्टोरल इंडेक्स हरे निशान में बंद हुए. इनमें ऑटो, मीडिया, प्राइवेट बैंक, PSU बैंक, रियल्टी, मेटल और फार्मा सेक्टर में 1-2 फीसदी की बढ़त दर्ज की गई.
निवेशकों ने कमाए 6 लाख करोड़
निवेशकों ने लगभग 6 लाख करोड़ रुपये की कमाई की, क्योंकि BSE में लिस्टेड कंपनियों का कुल मार्केट कैपिटलाइजेशन पिछले सत्र के 467 लाख करोड़ रुपये से बढ़कर 473 लाख करोड़ रुपये हो गया.
US-ईरान डील के करीब?
रिपोर्ट्स के मुताबिक, US और ईरान अपनी लड़ाई खत्म करने के करीब हैं, जिससे एनर्जी की कीमतें तेजी से बढ़ी हैं, जिससे दुनिया भर में इन्वेस्टर्स का सेंटीमेंट बिगड़ा है और ग्लोबल ग्रोथ और महंगाई के रास्ते पर इसके असर को लेकर चिंता बढ़ गई है.
न्यूज़ एजेंसी रॉयटर्स के मुताबिक, एक्सियोस ने बताया कि US का मानना है कि वह ‘ईरान के साथ एक पेज के मेमोरेंडम ऑफ अंडरस्टैंडिंग पर एक समझौते के करीब पहुंच रहा है ताकि जंग खत्म की जा सके और अधिक डिटेल्ड न्यूक्लियर बातचीत के लिए एक फ्रेमवर्क बनाया जा सके.
कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट
ब्रेंट क्रूड की कीमतें 6% गिरकर लगभग $103 प्रति बैरल के स्तर पर आ गईं. ऐसा उन खबरों के बीच हुआ जिनमें कहा जा रहा था कि पश्चिम एशिया का संघर्ष अब खत्म होने के करीब है. इससे ‘स्ट्रेट ऑफ होर्मुज’ के फिर से खुलने की संभावना बढ़ गई है, जो ऊर्जा आपूर्ति के लिए एक बेहद अहम जलमार्ग है और जिससे दुनिया की लगभग 20% ऊर्जा आपूर्ति होती है.
L&T को मिला अब तक का सबसे बड़ा डोमेस्टिक ऑर्डर, JSW स्टील है क्लाइंट, क्या शेयरों में लगेंगे पंख?
Latest Stories
Bharti Airtel ने HDFC Bank को पछाड़ा! अब Reliance के बाद बनी दूसरी सबसे मूल्यवान कंपनी, शेयरों में 2.6% तेजी
अब शेयरों की तरह खरीद-बेच सकेंगे सोना! NSE ने शुरू की Electronic Gold Receipt की लाइव ट्रेडिंग
Stock Market Outlook: कौन सी रणनीति अपना रहे निवेशक, किस लेवल पर सपोर्ट; एक्सपर्ट्स से जानें कल कैसी रहेगी बाजार की चाल
