Closing Bell: निफ्टी 25450 पर, सेंसेक्स 220 अंक ऊपर बंद; IT-ऑयल & गैस और रियल्टी के शेयर चढ़े

Closing Bell: उतार-चढ़ाव भरे सेशन में बाजार हरे निशान में बंद हुआ. उतार-चढ़ाव भरे सत्र में भारतीय इक्विटी सूचकांक बढ़त के साथ बंद हुए और निफ्टी 25,450 के आसपास रहा. हालांकि, साप्ताहिक स्तर पर सेंसेक्स और निफ्टी 50 में दो सप्ताह की तेजी का सिलसिला टूट गया और गिरावट आई.

शेयर मार्केट आज. Image Credit: Tv9 Network

Closing Bell: भारतीय शेयर बाजार में शुक्रवार 4 जुलाई को तेजी दर्ज की गई है. बेंचमार्क इंडेक्स सेंसेक्स और निफ्टी में बढ़त देखने को मिली, क्योंकि बैंकिंग शेयरों में तेजी आई. उतार-चढ़ाव भरे सेशन में बाजार हरे निशान में बंद हुआ. उतार-चढ़ाव भरे सत्र में भारतीय इक्विटी सूचकांक बढ़त के साथ बंद हुए और निफ्टी 25,450 के आसपास रहा.

सेंसेक्स 193.42 अंक या 0.23 फीसदी बढ़कर 83,432.89 पर बंद हुआ. निफ्टी 55.7 अंक या 0.22 फीसदी बढ़कर 25,461 पर क्लोज हुआ. लगभग 1962 शेयरों में तेजी आई, 1612 शेयरों में गिरावट आई और 102 शेयरों में कोई बदलाव नहीं हुआ.

हालांकि, साप्ताहिक स्तर पर सेंसेक्स और निफ्टी 50 में दो सप्ताह की तेजी का सिलसिला टूट गया और इनमें लगभग 1 फीसदी की गिरावट आई.

सेक्टोरल इंडेक्स

बीएसई मिडकैप और स्मॉलकैप इंडेक्स मामूली बढ़त के साथ बंद हुए. ऑटो, टेलीकॉम, मेटल को छोड़कर अन्य सभी सेक्टोरल इंडेक्स हरे निशान में क्लोज हुए.

टॉप गेनर्स और लूजर्स

बजाज फाइनेंस, इंफोसिस, डॉ. रेड्डीज लैब्स, आईसीआईसीआई बैंक, विप्रो निफ्टी पर टॉप गेनर रहे, जबकि ट्रेंट, टाटा स्टील, आयशर मोटर्स, टेक महिंद्रा और मारुति सुजुकी में गिरावट दर्ज की गई.

सेंसेक्स के 30 में से 20 शेयर हरे निशान में बंद हुए

ट्रेड हाइलाइट्स

पूरे एशिया में, जापान का निक्केई 225 और चीन का एसएसई कंपोजिट ऊपर कारोबार कर रहा था, जबकि दक्षिण कोरिया का कोस्पी और हांगकांग का हैंग सेंग लाल निशान में था. गुरुवार को अमेरिकी बाजार ऊपर बंद हुए थे.

मार्केट में क्या रही हलचल?

टैरिफ संबंधी अनिश्चितता के कारण बाजार में उतार-चढ़ाव बना रहा, लेकिन आईसीआईसीआई बैंक, इंफोसिस, रिलायंस इंडस्ट्रीज और एचडीएफसी बैंक सहित चुनिंदा दिग्गज शेयरों में तेजी से बेंचमार्क को समर्थन मिला.

9 जुलाई की डेडलाइन नजदीक आने के साथ ही निवेशक भारत-अमेरिका व्यापार समझौते का इंतजार कर रहे हैं. आगामी Q1FY26 आय से पहले सतर्कता भी बाजार को सीमित दायरे में रख रही है.