HAL–BEL छोड़िए… ये हैं भारत का ‘हिडन डिफेंस जेम’, हथियारों के लिए बनाता है हाई-टेक इलेक्ट्रॉनिक्स पार्ट, दिया 293% रिटर्न
साल 1980 के दशक में छोटी-सी जगह में शुरू हुई यह कंपनी शुरुआत से ही मुश्किल और तकनीकी काम करती थी. बड़े कॉन्ट्रैक्ट के बजाय इसने वही इलेक्ट्रॉनिक पार्ट बनाने शुरू किए जिन्हें कोई हाथ नहीं लगाता था. इसमें मिसाइल कंट्रोल सिस्टम, रडार के डिजिटल हिस्से, फ्लाइट कंप्यूटर और सिग्नल प्रोसेसर शामिल था. ये सब वे चीजें थीं जिन्हें विदेशी कंपनियां भारत को आसानी से नहीं देती थीं.
Data Patterns: भारत के डिफेंस सिस्टम में मिसाइल, फाइटर जेट, रडार और ड्रोन जितने महत्वपूर्ण हैं, उतना ही जरूरी है वह दिमाग जो इन्हें चलाता और बनाता है. हथियारों के पीछे बैठा यह “ब्रेन” न तो दिखाई देता है, न ही चर्चा में आता है, लेकिन इसकी भूमिका हर मिशन में सबसे अहम होती है. इन दिमागों को बनाने वाली कंपनी कोई विशाल हथियार फैक्ट्री नहीं, बल्कि चेन्नई की एक शांत-सी इमारत में काम करने वाली एक भारतीय टेक कंपनी है. इसका नाम डेटा पैटर्न्स है.
एक ऐसी संस्था जिसने चुपचाप भारत की रक्षा इलेक्ट्रॉनिक्स को आत्मनिर्भर बनाने का बड़ा जिम्मा उठा लिया है. बड़े-बड़े हथियार, जहाज और लड़ाकू विमान भले सुर्खियों में आते हों, मगर इनके भीतर बैठा इलेक्ट्रॉनिक सिस्टम काफी हद तक इसी कंपनी से आता है. आइए आज हम इसी कंपनी के बारे में विस्तार से जानते है, साथ ही फंडामेंटल्स के जरिए जानेंगे कि ये निवेश के लिए किताना सही है.
कैसे शुरू हुआ सफर?
साल 1980 के दशक में छोटी-सी जगह में शुरू हुई यह कंपनी शुरुआत से ही मुश्किल और तकनीकी काम करती थी. बड़े कॉन्ट्रैक्ट के बजाय इसने वही इलेक्ट्रॉनिक पार्ट बनाने शुरू किए जिन्हें कोई हाथ नहीं लगाता था. इसमें मिसाइल कंट्रोल सिस्टम, रडार के डिजिटल हिस्से, फ्लाइट कंप्यूटर और सिग्नल प्रोसेसर शामिल था. ये सब वे चीजें थीं जिन्हें विदेशी कंपनियां भारत को आसानी से नहीं देती थीं. बीस साल तक कंपनी चुपचाप, छोटे लेकिन बेहद खास प्रोजेक्ट बनाती रही. इसी दौरान इसने हजारों हाई-वैल्यू इलेक्ट्रॉनिक डिजाइंस और तकनीक (IP) जमा की जो इसका सबसे बड़ा ताकत बन गया.
कंपोनेंट मेकर से इलेक्ट्रॉनिक्स IP जायंट तक
साल 2015 के बाद DRDO और भारतीय सेना ने साफ कहा कि उन्हें अपने खुद के रडार इलेक्ट्रॉनिक्स, एवियोनिक्स, कम्युनिकेशन सिस्टम और EW तकनीक चाहिए. यहीं से डेटा पैटर्न्स की उड़ान शुरू हुई. एक मिसाइल बिना कंट्रोल कंप्यूटर के सिर्फ एक खाली नली है. एक रडार बिना डिजिटल प्रोसेसर के सिर्फ घूमती हुई डिश है और ड्रोन बिना फ्लाइट कंट्रोलर के सिर्फ एक खिलौना. डेटा पैटर्न्स ने ये सब दिमाग बनाए.
तेजी से बढ़ता बिजनेस
कंपनी के नंबर भी कमाल के हैं:
- बिक्री Q2 FY25 के 91 करोड़ से बढ़कर 307 करोड़ रुपये, 238 फीसदी की ग्रोथ
- मुनाफा 49 करोड़ रुपये, 62 फीसदी की बढ़त
- लगभग 1286 करोड़ रुपये का ऑर्डर बुक
- लगभग बिना कर्ज (Zero Debt)
कंपनी की सबसे बड़ी ताकत
भारत के हर बड़े डिफेंस PSUs जैसे HAL, BEL, BDL, ISRO, DRDO, ब्रह्मोस को इलेक्ट्रॉनिक्स चीजें चाहिए. अगर डेटा पैटर्न्स का सिस्टम हटा दिया जाए, तो पूरा प्लेटफॉर्म “अंधा” हो जाएगा. यानी रडार, मिसाइल, वॉरशिप, ड्रोन सभी इसके इलेक्ट्रॉनिक्स पर चलते हैं. पहले कंपनी छोटे मॉड्यूल और कार्ड बनाती थी. अब यह पूरे इलेक्ट्रॉनिक वॉरफेयर सिस्टम, पूरी रडार इलेक्ट्रॉनिक्स यूनिट, UAV कंट्रोल स्टेशन और नेवल कमांड सिस्टम बना रही है. इससे इसके ऑर्डर बड़े, मार्जिन बेहतर और कंपनी की भूमिका और मजबूत हो गई है.
शेयर होल्डिंग पैटर्न

आगे की चुनौतियां
- ज्यादातर ऑर्डर DRDO/PSUs से आते हैं. अगर वे कम हुआ तो असर दिखेगा
- डीप-टेक प्रोजेक्ट में समय ज्यादा लगता है.
- कुछ चिप्स अभी भी विदेशों से आती हैं.
लेकिन इसके बावजूद यह भारत की डिफेंस इलेक्ट्रॉनिक्स की रीढ़ है. भारत का डिफेंस डेवल्पमेंट 4 चरणों में आगे बढ़ता है. पार्ट्स, प्लेटफॉर्म, इंजन और अब इलेक्ट्रॉनिक्स. डेटा पैटर्न्स पूरी तरह इस चौथे और सबसे महत्वपूर्ण चरण में है. यह कंपनी छोटी है, शोर नहीं करती, लेकिन इसका असर बहुत बड़ा है.
शेयरों का क्या है हाल
शुक्रवार को कंपनी के शेयर 2,962.00 खुलकर 5.20 अंक (0.18%) की बढ़त दर्ज करते हुए 2,970.80 पर बंद हुआ. पिछले 5 सालों में कंपनी ने निवेशकों को 293.48% का अच्छा रिटर्न दिया है. इसके शेयर का 52 वीक हाई 3,268.80 और लो 1,351.15 है. वहीं मार्केट कैप 16.70KCr है.
| Mkt cap | 16.70KCr |
| P/E ratio | 71.56 |
| Div yield | 0.27% |
सोर्स: FE, Trendlyne, BSE, google Finnance
यह भी पढ़ें: मलेशियन बैंक से मिले ऑर्डर का कमाल, बाजार खुलते ही दौड़ने लगा ये शेयर; 5 साल में दे चुका है 550% रिटर्न
डिस्क्लेमर: Money9live किसी स्टॉक, म्यूचुअल फंड, आईपीओ में निवेश की सलाह नहीं देता है. यहां पर केवल स्टॉक्स की जानकारी दी गई है. निवेश से पहले अपने वित्तीय सलाहकार की राय जरूर लें.
Latest Stories
Exide vs Amara Raja: करोड़ों की EV रेस में कौन आगे, एक ने दिया 17291% रिटर्न! निवेश से पहले जानें पूरी कहानी
सेंसेक्स-निफ्टी सुस्त पर 4 पेनी स्टॉक्स ने किया धमाकेदार प्रदर्शन, एक हफ्ते में 84 फीसदी तक उछले
मलेशियन बैंक से मिले ऑर्डर का कमाल, बाजार खुलते ही दौड़ने लगा ये शेयर; 5 साल में दे चुका है 550% रिटर्न
