एक तरफ बाजार से भाग रहे थे FIIs, दूसरी तरफ इन 3 स्टॉक में बढ़ा रहे थे हिस्सेदारी; मुनाफा-ऑर्डर बुक दमदार
FY26 में विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs) ने भारतीय शेयर बाजार से ₹1.5 लाख करोड़ से ज्यादा की इक्विटी निकाली, लेकिन इसके बावजूद 3 शेयरों में लगातार अपनी हिस्सेदारी बढ़ाई. मजबूत ऑर्डर बुक, रिकॉर्ड मुनाफा, आकर्षक वैल्यूएशन और लंबी अवधि की ग्रोथ संभावनाओं ने इन कंपनियों को विदेशी निवेशकों की पसंद बनाया.
FIIs Buying Stock: वित्तीय वर्ष 2025-26 (FY26) में भारतीय शेयर बाजार के लिए विदेशी संस्थागत निवेशक (FIIs) बड़े बिकवाल साबित हुए. NSDL के आंकड़ों के मुताबिक, FIIs ने हर तिमाही में केवल बिकवाली की और बाजार से कुल ₹1.5 लाख करोड़ से ज्यादा की इक्विटी निकाल ली. लेकिन इस भारी गिरावट और नकारात्मक माहौल के बीच भी तीन ऐसे शेयर रहे, जिनमें FIIs ने बिकवाली करने के बजाय हर तिमाही में अपनी हिस्सेदारी बढ़ाई. आइए जानते हैं कि इन कंपनियों में ऐसा क्या खास है जो विदेशी निवेशकों को अपनी तरफ खींच रहा है.
- GE Vernova T&D India
यह कंपनी भारत में पावर ट्रांसमिशन और डिस्ट्रीब्यूशन के क्षेत्र में पिछले 100 साल से काम कर रही है. देश में AI डेटा सेंटर्स, औद्योगीकरण और इलेक्ट्रिक वाहनों (EV) के बढ़ने से बिजली की मांग तेजी से बढ़ी है, जिसने इस कंपनी के बिजनेस को चमका दिया है.
- FIIs हिस्सेदारी: मार्च 2025 में FIIs की हिस्सेदारी 13.04% थी, जो मार्च 2026 के अंत तक बढ़कर 20.39% हो गई.
- मजबूत ऑर्डर बुक: FY26 में कंपनी को ₹14,800 करोड़ के नए ऑर्डर मिले, जिससे इसका कुल ऑर्डर बैकलाग ₹12,700 करोड़ से बढ़कर ₹21,500 करोड़ पर पहुंच गया.
- धमाकेदार मुनाफा: FY26 में कंपनी की कुल सेल्स 44.6% बढ़कर ₹6,206 करोड़ रही. वहीं, इसका नेट प्रॉफिट 102.8% की भारी उछाल के साथ ₹608 करोड़ से बढ़कर ₹1,233 करोड़ हो गया.
- दमदार रिटर्न: कंपनी का ROCE 76.4% और ROE 57.3% है, जो इंडस्ट्री के औसत से काफी ज्यादा है. इसका PE रेशियो 97.6x है, लेकिन PEG रेशियो 0.2x होने के कारण यह भविष्य के लिहाज से आकर्षक दिख रहा है.

- Great Eastern Shipping Company
यह भारत की सबसे बड़ी प्राइवेट शिपिंग और ऑयलफील्ड सर्विसेज प्रदाता कंपनी है, जिसके पास 3.2 मिलियन टन की क्षमता वाला विशाल जहाजी बेड़ा है.
- FIIs हिस्सेदारी: विदेशी निवेशकों ने इसमें अपनी हिस्सेदारी को 25.44% से बढ़ाकर 28.44% कर दिया है.
- कमाई और मुनाफा: वैश्विक तनाव के बावजूद FY26 में कंपनी ने ₹5,409 करोड़ की सेल्स दर्ज की. कंपनी का नेट प्रॉफिट 26% बढ़कर ₹2,943 करोड़ रहा, जो कंपनी के इतिहास का सबसे बड़ा कंसोलिडेटेड मुनाफा है.
- ऑर्डर और क्षमता: कंपनी के पास जहाजों का आधुनिक बेड़ा (औसत उम्र 14-16 साल) है. मैनेजमेंट के मुताबिक, FY27 के लिए करीब 80% से 85% वेसल डेज पहले से ही बुक हो चुके हैं.
- बंपर डिविडेंड: इसका वर्तमान डिविडेंड यील्ड 2.29% है. FY26 में कंपनी ने ₹35.1 प्रति शेयर का अब तक का सबसे ज्यादा डिविडेंड दिया है. इसका PE रेशियो 7.2x है, जो इंडस्ट्री औसत (11.2x) से कम यानी सस्ता है.

- UPL Limited
दुनिया की 5वीं सबसे बड़ी एग्रोकेमिकल कंपनी UPL लिमिटेड, फसलों की सुरक्षा और बायो-सॉल्यूशंस के क्षेत्र में काम करती है. बढ़ती आबादी और कीड़ों के कारण फसलों के नुकसान को देखते हुए इसके प्रोडक्ट्स की मांग तेजी से बढ़ी है.
- FIIs हिस्सेदारी: FY26 में विदेशी निवेशकों ने इसमें बड़ा दांव खेला और अपनी हिस्सेदारी 34.2% से बढ़ाकर सीधे 41.8% कर दी.
- मुनाफे में 170% का उछाल: कंपनी की सालाना सेल्स 11.2% बढ़कर ₹51,839 करोड़ रही. वहीं, इसका शुद्ध मुनाफा ₹820 करोड़ से 170% की रॉकेट रफ्तार से बढ़कर ₹2,220 करोड़ पर पहुंच गया.
- स्पेशलिटी केमिकल्स और ‘चीन प्लस 1’: कंपनी की स्पेशलिटी केमिकल विंग (SSC) ने FY26 में 20% की ग्रोथ दर्ज की और भारत से ₹1,000 करोड़ का एक्सपोर्ट किया. कंपनी ने लुब्रिकेंट्स एडिटिव्स की क्षमता को भी 3 गुना बढ़ा दिया है.
- वैल्यूएशन: इसका ROCE 10.2% और डिविडेंड यील्ड 0.94% है. यह स्टॉक फिलहाल 28.9x के PE रेशियो पर ट्रेड कर रहा है.

यह भी पढ़ें: Dividend-Bonus Share: अगले हफ्ते 40 से अधिक कंपनियां बांटेंगी डिविडेंड, चेक करें रिकॉर्ड डेट
पूरे बाजार में बिकवाली के बीच इन तीन शेयरों में FIIs का लगातार पैसा लगाना यह दिखाता है कि इन कंपनियों के बिजनेस मॉडल और भविष्य की ग्रोथ को लेकर ‘स्मार्ट मनी’ का भरोसा बेहद मजबूत है. निवेशक इन शेयरों को अपनी वॉचलिस्ट में रख सकते हैं.
डिस्क्लेमर: Money9live किसी स्टॉक, म्यूचुअल फंड, आईपीओ में निवेश की सलाह नहीं देता है. यहां पर केवल स्टॉक्स की जानकारी दी गई है. निवेश से पहले अपने वित्तीय सलाहकार की राय जरूर लें.
Latest Stories
रिकॉर्ड डेट नजदीक! ₹1.61 लाख करोड़ के मार्केट कैप वाली कंपनी दे रही 1240% डिविडेंड
डिफेंस बूम में चमके ये दो शेयर, पांच साल में 3500% तक उछले स्टॉक, रखें नजर
क्या खत्म हो रहा Bitcoin का जलवा? एक साल में 40% की गिरावट; AI क्रांति के बीच फीका पड़ा क्रिप्टो बाजार
