डिफेंस से लेकर न्यूक्लियर और एयरोस्पेस तक: कैसे क्रिटिकल सेक्टर्स में अपना कारोबार बढ़ा रहा यह स्टील शेयर

Welspun Corp तेल-गैस पाइपलाइन से आगे बढ़ते हुए डिफेंस, न्यूक्लियर, एयरोस्पेस और एनर्जी ट्रांजिशन सेक्टर्स में विस्तार कर रही है. ₹23,500 करोड़ का ऑर्डर बुक, मजबूत Q2 FY26 नतीजे और अमेरिका, भारत व सऊदी अरब में मौजूदगी कंपनी को लंबी अवधि की ग्रोथ विजिबिलिटी देती है.

Welspun Corp Image Credit: canva

तेल और गैस पाइपलाइन कारोबार के लिए पहचानी जाने वाली Welspun Corp अब खुद को एक डाइवर्सिफाइड और स्ट्रैटेजिक इंफ्रास्ट्रक्चर कंपनी के तौर पर स्थापित कर रही है. कंपनी धीरे-धीरे डिफेंस, न्यूक्लियर, एयरोस्पेस और एनर्जी ट्रांजिशन जैसे अहम सेक्टर्स में अपनी मौजूदगी बढ़ा रही है. यह बदलाव किसी अचानक फैसले का नतीजा नहीं बल्कि एक सोची-समझी और चरणबद्ध रणनीति का हिस्सा है. कुल मिलाकर Welspun Corp का यह विस्तार उसके कोर बिजनेस से हटने के बजाय, उसी ताकत के आधार पर नए और रणनीतिक सेक्टर्स में प्रवेश की रणनीति का हिस्सा है. मजबूत ऑर्डर बुक और वैश्विक मौजूदगी के साथ कंपनी खुद को आने वाले वर्षों के लिए एक भरोसेमंद इंफ्रास्ट्रक्चर और क्रिटिकल-सैक्टर सप्लायर के रूप में स्थापित कर रही है.

₹23,500 करोड़ का रिकॉर्ड ऑर्डर

बड़े डायमीटर की ऑयल, गैस और वॉटर पाइपलाइन अब भी Welspun के रेवेन्यू का आधार बनी हुई हैं लेकिन मैनेजमेंट कमेंट्री और हालिया निवेश यह संकेत देते हैं कि कंपनी हाई-वैल्यू और रेगुलेटेड एंड-मार्केट्स की ओर फोकस बढ़ा रही है. कंपनी के पास इस समय ₹23,500 करोड़ का रिकॉर्ड ऑर्डर बुक है जो भारत, अमेरिका और सऊदी अरब जैसे बाजारों में मल्टी-ईयर विजिबिलिटी प्रदान करता है.

डिफेंस सेक्टर में एंट्री

डिफेंस सेक्टर में Welspun ने हाई-ग्रेड स्टेनलेस स्टील बार्स और पाइप्स की सप्लाई के जरिए एंट्री की है, जहां गुणवत्ता, ट्रेसेबिलिटी और सख्त मानकों का पालन जरूरी होता है. यह सेगमेंट अभी रेवेन्यू में बड़ा योगदान नहीं देता, लेकिन भारत में डिफेंस मैन्युफैक्चरिंग के लोकलाइजेशन के चलते इसे भविष्य का ग्रोथ एरिया माना जा रहा है. लंबी अप्रूवल प्रक्रिया के कारण यहां एंट्री बैरियर ऊंचे हैं, जिससे मार्जिन क्वालिटी बेहतर हो सकती है.

न्यूक्लियर सेक्टर

न्यूक्लियर सेक्टर को Welspun एक लॉन्ग-टर्म अवसर के रूप में देख रही है. कंपनी ने स्पष्ट किया है कि फिलहाल यह सेगमेंट शुरुआती चरण में है और यहां 5-10 साल का समय लग सकता है. न्यूक्लियर प्लांट्स के लिए जरूरी प्रिसिजन स्टील प्रोडक्ट्स में अत्यधिक तकनीकी और रेगुलेटरी अनुपालन की जरूरत होती है.

इन सेक्टर्स में भी प्रवेश

एयरोस्पेस और स्पेस सेगमेंट में भी Welspun की स्पेशियलिटी स्टील क्षमताएं उसे भविष्य के लिए तैयार करती हैं. यह फिलहाल वॉल्यूम-ड्रिवन बिजनेस नहीं है, बल्कि वैल्यू-चेन में ऊपर जाने की रणनीति का हिस्सा है.

एनर्जी ट्रांजिशन के तहत कंपनी हाइड्रोजन-रेडी पाइपलाइंस और कार्बन कैप्चर एंड स्टोरेज (CCUS) से जुड़े इंफ्रास्ट्रक्चर पर भी काम कर रही है. यह Welspun की मौजूदा पाइप मैन्युफैक्चरिंग विशेषज्ञता का स्वाभाविक विस्तार है.

फाइनेंशियल

फाइनेंशियल मोर्चे पर, Q2 FY26 में कंपनी का रेवेन्यू ₹4,374 करोड़ रहा, जो सालाना आधार पर 32.5% की बढ़त है. EBITDA ₹591 करोड़ और PAT ₹444 करोड़ रहा, जिसमें मजबूत ऑपरेटिंग लीवरेज दिखता है. 18.6% ROE, 21.2% ROCE और 0.19 का डेट-टू-इक्विटी रेशियो कंपनी की मजबूत वित्तीय स्थिति को दर्शाता है.

डिस्क्लेमर: Money9live किसी स्टॉक, म्यूचुअल फंड, आईपीओ में निवेश की सलाह नहीं देता है. यहां पर केवल स्टॉक्स की जानकारी दी गई है. निवेश से पहले अपने वित्तीय सलाहकार की राय जरूर लें.

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