Budget 2026: इंफ्रास्ट्रक्चर से लेकर ग्रीन एनर्जी तक, इन सेक्टरों पर रहेगी नजर; फोकस में रहेंगे ये शेयर

Budget 2026 को लेकर बाजार और निवेशकों की नजरें टिकी हुई हैं, जहां सरकार से ग्रोथ, कैपेक्स और फाइनेंशियल डिसिप्लिन के संतुलन की उम्मीद की जा रही है. Union Budget 2026 में इंफ्रास्ट्रक्चर, मैन्युफैक्चरिंग, रिन्यूएबल एनर्जी, EV, बैंकिंग और टेक्नोलॉजी सेक्टर फोकस में रह सकते हैं. रेलवे, रोड्स और अर्बन प्रोजेक्ट्स पर एलोकेशन बढ़ने की संभावना है, जबकि मेक इन इंडिया और पीएलआई से एक्सपोर्ट को सपोर्ट मिल सकता है.

बजट 2026 Image Credit: AI/canva

Union Budget 2026: केंद्रीय बजट 2026 को लेकर बाजार, उद्योग जगत और निवेशकों की निगाहें टिकी हुई हैं. यह बजट ऐसे समय में पेश होने जा रहा है, जब वैश्विक स्तर पर अनिश्चितता बनी हुई है और घरेलू अर्थव्यवस्था को गति देने के लिए संतुलित नीतियों की जरूरत है. विशेषज्ञों का मानना है कि सरकार का फोकस विकास, आत्मनिर्भरता और वैश्विक चुनौतियों से निपटने पर रहेगा. अनुमान है कि बजट 2026 में राजकोषीय घाटा करीब 4.2 फीसदी के स्तर पर रखा जा सकता है, जिससे विकास को प्रोत्साहन देने के साथ-साथ वित्तीय अनुशासन भी बनाए रखने की कोशिश होगी.

बजट 2026 की बड़ी प्राथमिकताएं

Budget 2026 में सरकार के एजेंडे में इंफ्रास्ट्रक्चर, मैन्युफैक्चरिंग और सस्टेनेबल ग्रोथ प्रमुख रूप से शामिल रह सकते हैं. सड़कों, रेलवे, शहरी विकास और स्मार्ट सिटी परियोजनाओं पर भारी खर्च जारी रहने की उम्मीद है. इसके अलावा रिन्यूएबल एनर्जी, सोलर और विंड एनर्जी प्रोजेक्ट को बढ़ावा देकर भारत के क्लाइमेट गोल के साथ तालमेल बैठाने की कोशिश की जा सकती है. ‘मेक इन इंडिया’ पहल के तहत घरेलू मैन्युफैक्चरिंग और एक्सपोर्ट को मजबूत करने के लिए भी नई घोषणाएं संभव हैं.

इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टर पर रहेगी खास नजर

इंफ्रास्ट्रक्चर बजट 2026 का सबसे बड़ा फोकस सेक्टर बना रह सकता है. हाइवे, रेलवे और शहरी इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए ज्यादा एलोकेशन से इस सेक्टर की कंपनियों को फायदा मिलने की उम्मीद है. इंजीनियरिंग और कंस्ट्रक्शन क्षेत्र की दिग्गज कंपनी Larsen & Toubro और हिंदुस्तान कंस्ट्रक्शन कंपनी जैसे शेयर बजट के दौरान निवेशकों के रडार पर रह सकते हैं.

बैंकिंग और फाइनेंस सेक्टर

आर्थिक गतिविधियों को रफ्तार देने के लिए क्रेडिट ग्रोथ को बढ़ावा देना सरकार की प्राथमिकता हो सकती है. बैंकिंग सेक्टर में सुधार और क्रेडिट फ्लो बढ़ने से प्राइवेट और पब्लिक सेक्टर दोनों बैंकों को फायदा मिलने की संभावना है. देश के सबसे बड़े बैंक State Bank of India और ICICI जैसे शेयर बजट से जुड़ी घोषणाओं पर तेजी से प्रतिक्रिया दिखा सकते हैं.

मैन्युफैक्चरिंग, टेक्नोलॉजी और एक्सपोर्ट

‘मेक इन इंडिया’ और PLI जैसी योजनाओं के जरिए ऑटोमोबाइल, टेक्सटाइल और इलेक्ट्रॉनिक्स सेक्टर को और मजबूती मिल सकती है. इसके साथ ही डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और क्लाउड कंप्यूटिंग पर सरकार के जोर से टेक्नोलॉजी सेक्टर में नई संभावनाएं बन सकती हैं.

EV और रिन्यूएबल एनर्जी

इलेक्ट्रिक व्हीकल और ग्रीन एनर्जी बजट 2026 के अहम थीम बन सकते हैं. EV अपनाने के लिए इंसेंटिव और चार्जिंग इन्फ्रास्ट्रक्चर पर खर्च बढ़ने की उम्मीद है. रिन्यूएबल एनर्जी में सक्रिय Tata Power और NTPC जैसी कंपनियां निवेशकों के फोकस में रह सकती हैं.

लॉजिस्टिक्स , एविएशन और अन्य सेक्टर

लॉजिस्टिक्स पार्क, पोर्ट्स और रीजनल कनेक्टिविटी बढ़ाने की योजनाओं से लॉजिस्टिक्स और एविएशन सेक्टर को भी सपोर्ट मिल सकता है. इसके अलावा ऑयल & गैस, मेटल्स और सीमेंट सेक्टर को इंफ्रास्ट्रक्चर ग्रोथ से डिमांड का फायदा मिलने की उम्मीद है. FMCG सेक्टर में ग्रामीण आय बढ़ाने वाली नीतियों से कंजंप्शन में सुधार देखा जा सकता है.

कुल मिलाकर, Budget 2026 से विकास को गति देने वाले कदमों, मजबूत कैपेक्स और सस्टेनेबल ग्रोथ पर जोर रहने की संभावना है. ऐसे में निवेशकों की नजर बजट घोषणाओं के साथ-साथ इन सेक्टरों और उनसे जुड़े शेयरों पर बनी रहेगी, जो आने वाले समय में बाजार की दिशा तय कर सकते हैं.

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डिस्क्लेमर: Money9live किसी स्टॉक, म्यूचुअल फंड, आईपीओ में निवेश की सलाह नहीं देता है. यहां पर केवल स्टॉक्स की जानकारी दी गई है. निवेश से पहले अपने वित्तीय सलाहकार की राय जरूर लें.