अमेरिकी हमला, FIIs फ्लो और भारत कोकिंग Coal IPO तक, इस हफ्ते दलाल स्ट्रीट की दिशा तय करेंगे ये 8 बड़े फैक्टर

नए साल के पहले हफ्ते में बाजार की दिशा कई बड़े संकेतों से तय होती दिख रही है. तकनीकी स्तर, वैश्विक घटनाक्रम, नतीजों का सीजन और निवेशकों का रुख मिलकर बाजार की चाल को प्रभावित कर सकते हैं. निवेशकों की नजर इस हफ्ते कई अहम ट्रिगर्स पर टिकी रहेगी.

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Nifty weekly outlook: नए साल की पहली पूरी कारोबारी सप्ताह में घरेलू शेयर बाजार मजबूत स्थिति के साथ प्रवेश कर रहा है. पिछले हफ्ते निफ्टी ने 1 फीसदी से ज्यादा की बढ़त दर्ज की और शुक्रवार को आई तेज खरीदारी ने निवेशकों का भरोसा बढ़ाया. मेटल और PSUबैंक शेयरों में आई मजबूती के दम पर निफ्टी ने नया रिकॉर्ड भी बनाया. हालांकि, आने वाला हफ्ता सिर्फ तकनीकी संकेतों पर नहीं, बल्कि भू-राजनीतिक घटनाओं, कच्चे तेल, विदेशी निवेश, तिमाही नतीजों और रुपये की चाल जैसे कई अहम फैक्टर्स पर निर्भर रहने वाला है.

निफ्टी की चाल और तकनीकी संकेत

शुक्रवार को निफ्टी 182 अंकों की बढ़त के साथ 26,328.55 पर बंद हुआ और कारोबार के दौरान 26,340 का नया ऑल-टाइम हाई भी छू गया. तकनीकी विश्लेषकों के मुताबिक इंडेक्स की संरचना फिलहाल मजबूत दिख रही है. चार्ट्स में पिछले स्विंग हाई के ऊपर ब्रेकआउट, 20 और 50 दिन के EMA का बुलिश क्रॉसओवर और RSI में तेजी जैसे संकेत बाजार के पक्ष में हैं. जब तक निफ्टी 26,000 के ऊपर बना रहता है, तब तक गिरावट पर खरीदारी की रणनीति कारगर मानी जा रही है. ऊपर की ओर 26,350 के पार मजबूती आने पर 26,600 तक की तेजी संभव मानी जा रही है.

भू-राजनीतिक तनाव से बढ़ी अनिश्चितता

सप्ताहांत में सामने आए वैश्विक घटनाक्रम ने निवेशकों को सतर्क कर दिया है. अमेरिका द्वारा वेनेजुएला में की गई सैन्य कार्रवाई ने वैश्विक जोखिम भावना को प्रभावित किया है. निवेशक अब इस बात पर नजर रखे हुए हैं कि हालात आगे कैसे बढ़ते हैं और इसका असर उभरते बाजारों, ऊर्जा कीमतों और वैश्विक इक्विटी पर कितना पड़ता है.

कच्चा तेल: सप्लाई बनाम सेंटीमेंट

वेनेजुएला पर हमले का असर कच्चे तेल पर भावनात्मक रूप से दिख सकता है. देश के पास दुनिया के सबसे बड़े तेल भंडारों में से एक है, इसलिए किसी भी तरह की अनिश्चितता सप्लाई को लेकर चिंता बढ़ा सकती है. हालांकि पीटीआई की रिपोर्ट्स के मुताबिक वहां उत्पादन और रिफाइनिंग सामान्य बनी हुई है. चूंकि अमेरिकी प्रतिबंधों के चलते पहले ही वेनेजुएला का निर्यात सीमित है, इसलिए तात्कालिक असर सीमित रहने की संभावना जताई जा रही है.

अमेरिकी बाजारों से संकेत

घरेलू बाजारों की नजर अमेरिकी बाजारों पर भी रहेगी. शुक्रवार को डाउ जोंस और S&P 500 में बढ़त देखने को मिली, जबकि नैस्डैक हल्की गिरावट के साथ बंद हुआ. वॉल स्ट्रीट की चाल से ही यह तय होगा कि वैश्विक निवेशकों का जोखिम लेने का मूड कैसा रहता है.

FII और DII का रुख

शुक्रवार को विदेशी संस्थागत निवेशकों ने 290 करोड़ रुपये की खरीदारी की, लेकिन जनवरी के पहले दो सत्रों में कुल मिलाकर 7,608 करोड़ रुपये की निकासी हो चुकी है. दिसंबर में भी एफआईआई बिकवाल रहे थे और पूरे 2025 में 1.66 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा की निकासी दर्ज की गई. इसके बावजूद जानकारों को उम्मीद है कि 2026 में मजबूत घरेलू फंडामेंटल और कॉरपोरेट कमाई में सुधार से विदेशी निवेश लौट सकता है.

तिमाही नतीजों पर रहेगी नजर

तीसरी तिमाही के नतीजों का सीजन धीरे-धीरे रफ्तार पकड़ रहा है. 12 जनवरी से Tata Consultancy Services और HCL Technologies के नतीजों के साथ बड़ी शुरुआत होगी. इससे पहले Avenue Supermarts के आंकड़े आए हैं, जिसमें बिक्री में 13 फीसदी की सालाना बढ़त दिखी है. इसके अलावा Marico, Punjab National Bank और Bajaj Finance जैसे शेयर भी फोकस में रहेंगे.

IPO और लॉक-इन फैक्टर

इस हफ्ते आईपीओ मोर्चे पर भी हलचल रहेगी. Bharat Coking Coal Limited का आईपीओ 9 जनवरी से खुलेगा. इसके अलावा कई कंपनियों के एंकर और प्रमोटर लॉक-इन खत्म होने से सेकेंडरी मार्केट में सप्लाई बढ़ सकती है, जिससे संबंधित शेयरों में उतार-चढ़ाव संभव है.

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रुपया और कीमती धातुएं

रुपया शुक्रवार को डॉलर के मुकाबले 90 के नीचे फिसलकर 90.20 पर बंद हुआ. विदेशी फंड आउटफ्लो और मजबूत डॉलर का दबाव बना हुआ है, हालांकि कच्चे तेल में नरमी और शेयर बाजार की मजबूती कुछ राहत दे रही है. वहीं, सोना और चांदी की मजबूत पिछली तेजी के बाद 2026 में भी सुरक्षित निवेश के तौर पर इन पर निवेशकों की नजर बनी रह सकती है.

कुल मिलाकर, आने वाला सप्ताह बाजार के लिए अहम संकेत लेकर आ सकता है, जहां घरेलू मजबूती और वैश्विक अनिश्चितता के बीच संतुलन बनता दिखेगा.

डिस्क्लेमर: Money9live किसी स्टॉक, म्यूचुअल फंड, आईपीओ में निवेश की सलाह नहीं देता है. यहां पर केवल स्टॉक्स की जानकारी दी गई है. निवेश से पहले अपने वित्तीय सलाहकार की राय जरूर लें.