गोल्ड–सिल्वर ETFs निचले स्तर से 30% तक चढ़े, Tata Silver ETF ने एक दिन में दिखाई 17% की रिकवरी

तेज गिरावट के बाद कीमती धातुओं से जुड़े ETFs में अचानक आई मजबूती ने बाजार का ध्यान खींचा है. आंकड़े तेज उतार-चढ़ाव की कहानी कहते हैं, लेकिन आगे की चाल पर मतभेद हैं। क्या यह मौका है या जोखिम, इसका जवाब निवेश रणनीति में छिपा है।

गोल्ड में निवेश Image Credit: FreePik

Gold-Silver ETFs Surge: वैश्विक अनिश्चितता और सुरक्षित निवेश की बढ़ती मांग के बीच सोने और चांदी से जुड़े ETFs एक बार फिर निवेशकों के फोकस में आ गए हैं. गुरुवार को तेज गिरावट के बाद शुक्रवार को इन ETFs में जोरदार रिकवरी देखने को मिली. कई गोल्ड और सिल्वर ETFs अपने निचले स्तर से 30 फीसदी तक उछल गए, जिससे बाजार में यह सवाल फिर खड़ा हो गया है कि क्या मौजूदा स्तरों पर निवेश करना सही रहेगा या अब सावधानी जरूरी है.

उछाल के बावजूद एक वर्ष के नीचले स्तर पर

23 जनवरी को गोल्ड और सिल्वर ETFs ने मजबूत वापसी दर्ज की. इससे एक दिन पहले इनमें तेज बिकवाली देखी गई थी, लेकिन अब कीमती धातुओं की कीमतें नए ऑल-टाइम हाई पर पहुंचने के साथ ETFs में भी तेजी लौटी. हालांकि, यह बात भी अहम है कि कई ETFs अभी अपने 52-वीक हाई से नीचे कारोबार कर रहे हैं, जिसे उन्होंने हाल ही में छुआ था.

शुक्रवार को MCX के अनुसार गोल्ड फ्यूचर में 1.30 फीसदी की तेजी आई है. इस तेजी के बाद यह 1,58,377 रुपये पर पहुंच गया. वहीं चांदी की कीमतों में 2.66 फीसदी का उछाल देखा गया. इस तेजी आने के बाद यह 3,36,000 रुपये के स्तर पर पहुंच गई.

Gold-Silver ETF में भारी उतार-चढ़ाव

Tata Silver ETF में उतार-चढ़ाव सबसे ज्यादा रहा. गुरुवार को यह ETF करीब 24 प्रतिशत टूटकर Rs 25.56 के निचले स्तर तक आ गया था. शुक्रवार को इसमें तेज रिकवरी हुई और यह 17 प्रतिशत से ज्यादा उछलकर Rs 33 तक पहुंच गया. यानी एक दिन पहले के लो से इसमें करीब 29 प्रतिशत की तेजी देखने को मिली.

वहीं, Groww Gold ETF शुक्रवार को गोल्ड ETFs में सबसे ज्यादा बढ़त दिखाने वाला फंड रहा, जो करीब 7 प्रतिशत उछलकर Rs 155.97 के स्तर पर पहुंच गया.

मार्केट एक्सपर्ट्स के मुताबिक, गोल्ड और सिल्वर ETFs में आई तेजी यह दिखाती है कि निवेशक तेजी से सुरक्षित निवेश विकल्पों की ओर लौट रहे हैं. वैश्विक स्तर पर अनिश्चित माहौल के बीच सोना और चांदी फिर से पोर्टफोलियो हेज के तौर पर मजबूत विकल्प बनकर उभरे हैं.

मजबूत हेज बना हुआ है सोना-चांदी

दिसंबर 2025 और जनवरी 2026 की शुरुआत में कीमती धातुओं में तेज अस्थिरता देखने को मिली है. इसके बावजूद सोने और चांदी के फंडामेंटल मजबूत बने हुए हैं. बाजार विश्लेषकों की मानें तो सोलर पैनल, इलेक्ट्रिक व्हीकल्स और AI इंफ्रास्ट्रक्चर से जुड़ी लगभग रिकॉर्ड औद्योगिक मांग इन धातुओं को सपोर्ट दे रही है.

उनका मानना है कि मिडिल ईस्ट और यूक्रेन में जारी संघर्ष, अमेरिका-चीन तनाव और नई ट्रंप सरकार की ट्रेड पॉलिसी को लेकर अनिश्चितता के चलते कीमती धातुएं अब भी मजबूत हेज बनी हुई हैं.

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गोल्ड या सिल्वर, किसमें ज्यादा मौका?

Motilal Oswal Financial Services के मुताबिक, हालिया तेज रैली के बाद गोल्ड का रिस्क-रिवार्ड प्रोफाइल फिलहाल सिल्वर से बेहतर दिख रहा है. कंपनी के कमोडिटी एक्सपर्ट्स का कहना है कि सिल्वर ने कम समय में जबरदस्त प्रदर्शन किया है, जिससे शॉर्ट टर्म में इसमें ज्यादा उतार-चढ़ाव की संभावना बढ़ गई है.

हालांकि, लंबी अवधि में औद्योगिक मांग के चलते सिल्वर की संभावनाएं बनी हुई हैं, लेकिन इस चरण में गोल्ड में ज्यादा एलोकेशन पोर्टफोलियो को स्थिर रखने में मदद कर सकता है.