SMRs पर सरकार खर्च करेगी ₹20000 करोड़, 100 GW न्यूक्लियर पावर क्षमता पर फोकस, इन 5 स्टॉक को मिल सकता है बूस्ट
सरकार ने न्यूक्लियर एनर्जी और Small Modular Reactors (SMRs) के लिए ₹20,000 करोड़ के निवेश का ऐलान किया है. इस कदम से BHEL, L&T, NTPC, MTAR Technologies और Walchandnagar Industries जैसी कंपनियों को नए ऑर्डर और लॉन्ग-टर्म ग्रोथ के मौके मिल सकते हैं.
भारत सरकार ने स्वच्छ और भरोसेमंद ऊर्जा को बढ़ावा देने के लिए न्यूक्लियर एनर्जी सेक्टर पर बड़ा फोकस किया है. सरकार का लक्ष्य 2047 तक भारत की न्यूक्लियर पावर क्षमता को कम से कम 100 गीगावॉट तक पहुंचाने का है ताकि फॉसिल फ्यूल पर निर्भरता कम हो और देश को स्थिर व क्लीन बेसलोड पावर मिल सके. फिलहाल भारत की न्यूक्लियर जनरेशन कैपेसिटी करीब 8,180 मेगावॉट है जिसे 2031-32 तक बढ़ाकर 22,480 मेगावॉट करने की योजना है. इस लक्ष्य को हासिल करने के लिए सरकार ने “विकसित भारत” विजन के तहत Nuclear Energy Mission की शुरुआत की है जिसमें खासतौर पर Small Modular Reactors (SMRs) पर जोर दिया गया है. इन छोटे और सुरक्षित रिएक्टर्स को पारंपरिक न्यूक्लियर प्लांट्स की तुलना में कम समय में लगाया जा सकता है और ये दूर-दराज के इलाकों में भी क्लीन एनर्जी उपलब्ध करा सकते हैं. इस सरकारी पुश का सीधा फायदा इन 5 कंपनियों को मिल सकता है, जो न्यूक्लियर इक्विपमेंट, EPC, पावर यूटिलिटी और स्पेशलाइज्ड कंपोनेंट्स से जुड़ी हैं.
क्या है सरकार का प्लान
सरकार ने SMR टेक्नोलॉजी के रिसर्च एंड डेवलपमेंट के लिए ₹20,000 करोड़ का बजट आवंटन किया है. लक्ष्य है कि 2033 तक कम से कम 5 स्वदेशी SMRs तैयार किए जाएं. ये रिएक्टर्स 30 MWe से लेकर 300 MWe से ज्यादा क्षमता तक के हो सकते हैं, जिससे यह टेक्नोलॉजी फ्लेक्सिबल, स्केलेबल और कॉस्ट-इफेक्टिव बन जाती है. यह कदम भारत के नेट-जीरो एमिशन टारगेट और एनर्जी सिक्योरिटी को मजबूत करने की दिशा में बड़ा माना जा रहा है.
इन कंपनियों को मिल सकता है फायदा
BHEL (भारत हेवी इलेक्ट्रिकल्स लिमिटेड) न्यूक्लियर सेक्टर की सबसे बड़ी लाभार्थी कंपनियों में शामिल मानी जा रही है. यह कंपनी NPCIL को स्टीम जनरेटर और टर्बाइन-जेनरेटर सेट जैसे अहम इक्विपमेंट सप्लाई करती है. SMR मिशन और न्यूक्लियर कैपेसिटी बढ़ाने की योजना से BHEL की ऑर्डर बुक को लॉन्ग टर्म में मजबूत सपोर्ट मिल सकता है. कंपनी का मार्केट कैप करीब ₹84,440 करोड़ है और शेयर भाव ₹242.50 पर बंद हुआ.
Larsen & Toubro (L&T) न्यूक्लियर प्रोजेक्ट्स में EPC और हेवी इंजीनियरिंग की बड़ी खिलाड़ी है. सिविल वर्क, फैब्रिकेशन और कूलिंग सिस्टम जैसे सेगमेंट में इसकी मजबूत पकड़ है. SMR और प्राइवेट सेक्टर की भागीदारी बढ़ने से L&T को भविष्य में नए न्यूक्लियर कॉन्ट्रैक्ट्स मिलने की संभावना बढ़ सकती है. कंपनी का मार्केट कैप करीब ₹5.15 लाख करोड़ है और इसके शेयर ₹3,745.05 पर कारोबार कर रहे हैं.
NTPC कोल से क्लीन एनर्जी की ओर शिफ्ट कर रही है और न्यूक्लियर पावर में एंट्री इसके लॉन्ग-टर्म ट्रांजिशन स्ट्रैटेजी का हिस्सा है. सरकार का न्यूक्लियर और SMR पुश NTPC की क्लीन बेसलोड पावर स्ट्रैटेजी को सपोर्ट करता है. हालांकि इस सेक्टर में निवेश का फायदा धीरे-धीरे दिखेगा. NTPC का मार्केट कैप करीब ₹3.26 लाख करोड़ है और इसके शेयर भाव ₹336.80 है.
MTAR Technologies हाई-प्रिसीजन न्यूक्लियर रिएक्टर कंपोनेंट्स की सप्लायर है. स्वदेशी मैन्युफैक्चरिंग और SMR प्रोजेक्ट्स पर फोकस से इसकी ऑर्डर पाइपलाइन को सपोर्ट मिल सकता है. हालांकि कंपनी का छोटा साइज इसे ज्यादा वोलाटाइल भी बनाता है. कंपनी का मार्केट कैप करीब ₹7,346 करोड़ है और इसके शेयर ₹2,388.40 पर ट्रेड कर रहे हैं.
Walchandnagar Industries न्यूक्लियर सेक्टर के लिए Class-I कंपोनेंट्स जैसे कैलेंड्रिया और हीट एक्सचेंजर सप्लाई करती है. नए रिएक्टर्स और SMRs के ऑर्डर बढ़ने से इस कंपनी को भी फायदा मिल सकता है. हालांकि स्टॉक की लिक्विडिटी और साइक्लिकल नेचर निवेशकों के लिए जोखिम बना रह सकता है. कंपनी का मार्केट कैप करीब ₹1,033 करोड़ है और इसके शेयर ₹152.35 पर कारोबार कर रहे हैं.
इसे भी पढे़ें: 27 जनवरी के लिए Choice Broking के एनालिस्ट ने इन 3 शेयरों पर दी Buy कॉल, बताया टारगेट और स्टॉप लॉस
डिस्क्लेमर: Money9live किसी स्टॉक, म्यूचुअल फंड, आईपीओ में निवेश की सलाह नहीं देता है. यहां पर केवल स्टॉक्स की जानकारी दी गई है. निवेश से पहले अपने वित्तीय सलाहकार की राय जरूर लें.
Latest Stories
Dividend Stocks: इन 5 कंपनियों से मिलेंगे ₹44 तक के डिविडेंड, रिकॉर्ड डेट तय; जानें डिटेल्स
एक साल में पैसा कर दिया डबल! मंगलवार को एक बार फिर चर्चा में रहेगा यह PSU स्टॉक; माइनिंग लीज में मिली बड़ी सफलता
बजट, फेड बैठक और Q3 नतीजों से पहले शेयर बाजार में अस्थिरता, अगले हफ्ते इन फैक्टर्स पर ध्यान दें निवेशक
