India-Brazil ट्रेड डील पर अगले हफ्ते लगेगी मुहर, दवा कंपनियों की मौज! बनें स्मार्ट, अभी से इन 3 फार्मा स्टॉक को रखें रडार में
भारत और ब्राजील के बीच अगले हफ्ते होने वाली ट्रेड डील में फार्मा सेक्टर सबसे अहम रहने वाला है. ब्राजील की हेल्थ सिस्टम में दवाओं की बढ़ती जरूरत के चलते भारतीय कंपनियों के लिए नए मौके बन सकते हैं. इसी वजह से ब्राजील में पहले से बिजनेस करने वाली फार्मा कंपनियों के शेयर निवेशकों के रडार पर आ गए हैं.
Pharma Companies in Brazil: भारत और ब्राजील के बीच ट्रेड डील पर अगले हफ्ते मुहर लगने की तैयारी है और इस समझौते का सबसे बड़ा फायदा फार्मा सेक्टर को मिल सकता है. ब्राजील के पब्लिक हेल्थ केयर सिस्टम को बड़ी मात्रा में सस्ती दवाओं की जरूरत है, और भारत की फार्मा कंपनियां इस मांग को पूरा करने की मजबूत स्थिति में हैं. ऐसे में जिन भारतीय कंपनियों का ब्राजील में पहले से बिजनेस है, उनके शेयर आने वाले दिनों में निवेशकों के रडार पर रह सकते हैं.
क्यों अहम है India-Brazil फार्मा डील
ब्राजील के भारत में राजदूत केनेथ एच दा नोब्रेगा के मुताबिक, हेल्थ सेक्टर से जुड़ा एक अहम MoU अगले हफ्ते राष्ट्रपति लूला की भारत यात्रा के दौरान साइन किया जाएगा. ब्राजील की सरकारी हेल्थ सिस्टम बड़े पैमाने पर जेनेरिक दवाओं पर निर्भर है. भारत की फार्मा इंडस्ट्री, जो कम कीमत में दवाइयां उपलब्ध कराने के लिए जानी जाती है, इस बाजार में अपनी पकड़ और मजबूत कर सकती है. यही वजह है कि अगर निवेशक अभी से फार्मा शेयरों पर नजर बनाए रखें तो उनके लिए ये सौदा फैसला मुनाफेदार हो सकता है.
Sun Pharma Share
Sun Pharmaceutical Industries ब्राजील के हेल्थकेयर मार्केट में रिटेल और हॉस्पिटल दोनों सेगमेंट में काम करती है. कंपनी पहले ही ग्लोबल लेवल पर मजबूत है. दिसंबर तिमाही में Sun Pharma ने उम्मीद से बेहतर नतीजे दिए हैं, जिससे निवेशकों का भरोसा बढ़ा है. ब्राजील जैसे बड़े बाजार में मांग बढ़ने से कंपनी के लिए नए मौके बन सकते हैं.
Dr. Reddy’s Share
Dr. Reddy’s Laboratories की ब्राजील में पूरी तरह से मालिकाना हक वाली सब्सिडियरी है. हाल की तिमाही में कंपनी के मुनाफे में गिरावट जरूर आई, लेकिन नतीजे बाजार के अनुमान से बेहतर रहे. ग्लोबल जेनेरिक बिजनेस में ग्रोथ यह संकेत देती है कि ब्राजील जैसे बाजार कंपनी के लिए सपोर्टिव रह सकते हैं.
Cipla
Cipla की भी ब्राजील में 100% सब्सिडियरी है. हालिया तिमाही में US बिजनेस कमजोर रहने से कंपनी के नतीजों पर असर पड़ा है. ऐसे में अगर ब्राजील से ऑर्डर और डिमांड बढ़ती है, तो यह Cipla के लिए बैलेंस बनाने का मौका हो सकता है.
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इन कंपनियों के ताजा नतीजे और शेयर प्राइस
| कंपनी | Q3FY26 नेट प्रॉफिट | Q3FY26 रेवेन्यू | मौजूदा शेयर प्राइस | 5 वर्षों में रिटर्न |
|---|---|---|---|---|
| Sun Pharma | ₹3,368.8 करोड़ | ₹15,520.5 करोड़ | ₹1,697 | 168% |
| Dr. Reddy’s | ₹1,209.8 करोड़ | ₹8,726.8 करोड़ | ₹1,268 | 32% |
| Cipla | ₹675 करोड़ | ₹7,074 करोड़ | ₹1,331 | 56% |
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