PSU बैंकिंग में नया फोकस, 2026 के लिए तैयार दो मिडकैप स्टॉक्स, बदल सकते हैं निवेश की तस्वीर
BSE बैंकिंग इंडेक्स बैंकएक्स हाल ही में अपने अब तक के सबसे ऊंचे स्तर के करीब बंद हुआ है. इसका मतलब साफ है कि बाजार को बैंकों की कमाई और भविष्य की ग्रोथ पर भरोसा बढ़ रहा है. इसी बीच दो मिडकैप सरकारी बैंक, Indian Overseas Bank और Bank of Maharashtra ने अपने तिमाही नतीजे जारी किए हैं.
2 Midcap PSU Banks: बैंकिंग सेक्टर एक बार फिर निवेशकों के रडार पर आ गया है. BSE बैंकिंग इंडेक्स बैंकएक्स हाल ही में अपने अब तक के सबसे ऊंचे स्तर के करीब बंद हुआ है. इसका मतलब साफ है कि बाजार को बैंकों की कमाई और भविष्य की ग्रोथ पर भरोसा बढ़ रहा है. इसी बीच दो मिडकैप सरकारी बैंक, Indian Overseas Bank और Bank of Maharashtra ने अपने तिमाही नतीजे जारी किए हैं.
इन नतीजों के बाद निवेशक यह समझने की कोशिश कर रहे हैं कि आने वाले सालों में छोटे PSU बैंक किस तरह का प्रदर्शन कर सकते हैं. यह सब ऐसे समय हो रहा है, जब Reserve Bank of India ने ब्याज दरों में कटौती कर लोन सस्ता करने के कदम उठाए हैं. इससे बैंकों के मुनाफे और रणनीति दोनों पर असर पड़ सकता है.
मार्जिन पर दबाव और रिटेल रणनीति
बैंकों के लिए नेट इंटरेस्ट मार्जिन यानी NIM बहुत अहम होता है. दिसंबर 2025 तिमाही में इंडियन ओवरसीज बैंक का NIM 3.32 फीसदी रहा, जो साल-दर-साल लगभग स्थिर है. वहीं बैंक ऑफ महाराष्ट्र का NIM 3.88 फीसदी रहा, जो पिछले साल के मुकाबले थोड़ा कम है. RBI द्वारा रेपो रेट घटाने से बैंकों पर मार्जिन का दबाव आया है. ऐसे में रिटेल लोन पर फोकस करना बैंकों के लिए मददगार साबित हो रहा है.
लोन बुक में मजबूत ग्रोथ
इंडियन ओवरसीज बैंक के कुल लोन दिसंबर 2025 तिमाही में बढ़कर 2.91 लाख करोड़ रुपये हो गए. यह सालाना आधार पर करीब 19 फीसदी की बढ़त है. इस ग्रोथ में रिटेल लोन और कृषि लोन की बड़ी भूमिका रही. वहीं बैंक ऑफ महाराष्ट्र के कुल लोन 2.69 लाख करोड़ रुपये रहे, जो करीब 20 फीसदी की ग्रोथ दिखाते हैं. कार लोन और गोल्ड लोन जैसे रिटेल लोन बैंकों को बेहतर ब्याज कमाने में मदद करते हैं.
| Point | Indian Overseas Bank (IOB) | Bank of Maharashtra |
|---|---|---|
| कुल एडवांस (Q3 FY26) | ₹2.91 लाख करोड़ | ₹2.69 लाख करोड़ |
| एडवांस ग्रोथ (YoY) | 18.8% | 20% |
| रिटेल लोन ग्रोथ | 43% | 36.4% |
| नेट इंटरेस्ट मार्जिन (NIM) | 3.32% | 3.88% |
| नेट NPA | 0.24% | 0.15% |
| NPA प्रावधान (Q3 FY26) | ₹307.7 करोड़ | ₹660 करोड़ |
| मुनाफा (Q3 FY26) | ₹1,365 करोड़ | ₹1,779 करोड़ |
| मुनाफा ग्रोथ (YoY) | 56.4% | 26.5% |
| रिटर्न ऑन एसेट्स (RoA) | 1.28% | 1.86% |
| शेयर प्राइस | ₹36 | ₹66 |
| P/E रेशियो | 14.6 | 7.8 |
| प्राइस टू बुक वैल्यू | 1.9 गुना | 1.5 गुना |
एसेट क्वालिटी में सुधार
दोनों बैंकों की एसेट क्वालिटी में सुधार दिख रहा है. इंडियन ओवरसीज बैंक का नेट NPA घटकर 0.24 फीसदी रह गया है.
बैंक ऑफ महाराष्ट्र का नेट एनपीए और भी कम, 0.15 फीसदी पर है. कम NPA का मतलब है कि बैंकों को खराब लोन के लिए कम प्रावधान करना पड़ रहा है.
मुनाफे में तेजी
इंडियन ओवरसीज बैंक का मुनाफा दिसंबर तिमाही में 56 फीसदी बढ़कर 1,365 करोड़ रुपये पहुंच गया. वहीं बैंक ऑफ महाराष्ट्र का मुनाफा 26.5 फीसदी बढ़कर 1,779 करोड़ रुपये रहा. दोनों बैंकों के बेहतर नतीजों के पीछे लोन ग्रोथ और कंट्रोल्ड खर्च बड़ी वजह हैं. इंडियन ओवरसीज बैंक का रिटर्न ऑन एसेट्स 1.28 फीसदी रहा. बैंक ऑफ महाराष्ट्र इस मामले में आगे है, जिसका RoA 1.86 फीसदी रहा.
वैल्यूएशन और स्टॉक मूवमेंट
इंडियन ओवरसीज बैंक का शेयर हाल ही में अपने 52 हफ्ते के निचले स्तर के पास ट्रेड कर रहा है. इसका पीई करीब 14.6 है.
बैंक ऑफ महाराष्ट्र का पीई 7.8 है और शेयर अपने 52 हफ्ते के हाई के करीब पहुंच चुका है. देश का सबसे बड़ा PSU बैंक State Bank of India करीब 13.3 के PE पर ट्रेड करता है. इंडियन ओवरसीज बैंक और बैंक ऑफ महाराष्ट्र दोनों ही बेहतर लोन ग्रोथ, मजबूत एसेट क्वालिटी और संतुलित वैल्यूएशन के साथ 2026 और आगे के लिए दिलचस्प विकल्प बनकर उभर रहे हैं.
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डिस्क्लेमर: Money9live किसी स्टॉक, म्यूचुअल फंड, आईपीओ में निवेश की सलाह नहीं देता है. यहां पर केवल स्टॉक्स की जानकारी दी गई है. निवेश से पहले अपने वित्तीय सलाहकार की राय जरूर लें.
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