शेयरधारकों के लिए खुशखबरी, KPR Mill का FY26 दूसरा इंटरिम डिविडेंड जारी; जानें डिटेल

KPR Mill ने FY26 में दूसरा इंटरिम डिविडेंड 2.50 रुपये प्रति शेयर घोषित किया है, रिकॉर्ड डेट 13 फरवरी है. दिसंबर तिमाही में नेट प्रॉफिट 208.6 करोड़ रुपये रहा. राजस्व 1,406.45 करोड़ रुपये दर्ज हुआ और EBITDA 295 करोड़ रुपये रही. फरवरी में शेयर 12.6% बढ़े.

अगले हफ्ते शेयर बाजार में कई कंपनियां डिविडेंड का ऐलान करने वाली हैं. Image Credit: Canva

Dividends: भारत की बड़ी टेक्सटाइल कंपनी KPR Mill ने वित्तीय वर्ष 2025–26 के लिए दूसरा इंटरिम डिविडेंड घोषित किया है. कंपनी ने 1 रुपये के फेस वैल्यू पर 2.50 रुपये प्रति शेयर का डिविडेंड देने का ऐलान किया. शेयरधारकों को यह फायदा 13 फरवरी को रिकॉर्ड डेट के आधार पर मिलेगा. कंपनी की तिमाही रिपोर्ट में नेट प्रॉफिट बढ़ा है और शेयर हाल के दिनों में अमेरिकी टैरिफ कट के बाद मजबूत प्रदर्शन कर रहे हैं.

KPR Mill का डिविडेंड डिस्ट्रीब्यूशन

KPR Mill ने 2.50 रुपये प्रति शेयर का दूसरा इंटरिम डिविडेंड घोषित किया है. यह 1 रुपये के फेस वैल्यू का 250 फीसदी है. रिकॉर्ड डेट 13 फरवरी तय की गई है. इससे उन शेयरधारकों को लाभ मिलेगा जो इस तारीख तक कंपनी के शेयरधारक होंगे.

दिसंबर तिमाही का प्रदर्शन

कंपनी ने Q3FY26 में 208.6 करोड़ रुपये का नेट प्रॉफिट दर्ज किया. यह पिछले साल के 202.25 करोड़ रुपये से अधिक है लेकिन पिछले तिमाही के 218.03 करोड़ रुपये से कम रहा. रेवेन्यू में गिरावट के कारण प्रॉफिट अपेक्षा के मुताबिक थोड़ा कमजोर रहा.

रेवेन्यू और ऑपरेटिंग आंकड़े

कंपनी का कंसोलिडेटेड ऑपरेशन रेवेन्यू 1,406.45 करोड़ रुपये रहा, जो पिछले साल के 1,467.42 करोड़ रुपये से कम है. सितंबर तिमाही में यह 1,568.86 करोड़ रुपये था. ऑपरेटिंग EBITDA 295 करोड़ रुपये रही और मार्जिन स्थिर 20 फीसदी रहा.

शेयर में तेजी और फरवरी का प्रदर्शन

KPR Mill के शेयर फरवरी में करीब 12.6 फीसदी की तेजी के साथ 978 रुपये के करीब कारोबार कर रहे हैं. अमेरिकी टैरिफ कट के कारण टेक्सटाइल कंपनियों की इनकम की संभावना बेहतर दिख रही है और निवेशकों का भरोसा बढ़ा है.

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अमेरिकी टैरिफ कट का असर

अमेरिका और भारत के बीच नए समझौते के बाद अमेरिकी टैरिफ घटकर 18 फीसदी हो गया है. इससे भारत की टेक्सटाइल कंपनियों को वैश्विक बाजार में प्रतिस्पर्धात्मक बढ़त मिली है. चीन जैसे अन्य देशों को उच्च टैरिफ का सामना करना पड़ रहा है.

टेक्सटाइल सेक्टर को फायदा

अमेरिकी टैरिफ कट और यूरोपीय संघ के साथ फ्री ट्रेड एग्रीमेंट के बाद भारत की टेक्सटाइल कंपनियों के लिए वैश्विक आदेश सुरक्षित हुए हैं. यह कदम लंबे समय में निर्यात और शेयरधारकों के लाभ में सुधार करेगा.