तेज रैली के बाद मेटल सेक्टर में बड़ी फिसलन, HindZinc, HindCopper, Vedanta और Nalco में 5% तक गिरावट की वजह क्या?
तेज रैली के बाद अब एक सेक्टर में अचानक दबाव दिखने लगा है. मुनाफावसूली, वैश्विक संकेत और कीमतों में नरमी ने निवेशकों की रणनीति बदल दी है. बाजार में यह चर्चा तेज है कि हालिया तेजी के बाद अगला कदम क्या होगा. सेक्टर के 15 शेयर नुकसान में हैं.
Nifty metal stocks: गुरुवार के कारोबारी सत्र में मेटल शेयरों पर जबरदस्त दबाव देखने को मिला और निवेशकों में साफ बेचैनी नजर आई. मजबूत तेजी के बाद अचानक आई इस गिरावट ने पूरे सेक्टर को हिला दिया. नतीजा यह रहा कि मेटल इंडेक्स से जुड़े लगभग सभी बड़े शेयर लाल निशान में चले गए. बाजार में यह सवाल उठने लगा कि क्या यह सिर्फ मुनाफावसूली है या आगे और गिरावट का संकेत.
गुरुवार को Nifty Metal Index में दोपहर, 11.45 बजे तक 3.4 फीसदी तक की भारी गिरावट दर्ज की गई और यह 11,130 के आसपास फिसल गया. इंडेक्स के सभी 15 शेयर नुकसान में रहे, जो इस गिरावट की गंभीरता को दिखाता है. हाल के महीनों में जिस सेक्टर ने निवेशकों को अच्छा रिटर्न दिया था, वही सेक्टर अब दबाव में नजर आया.
सबसे ज्यादा टूटे ये मेटल शेयर
मेटल शेयरों में Hindustan Zinc सबसे ज्यादा टूटता दिखा. शेयर करीब 6 फीसदी गिरकर 590 रुपये के आसपास आ गया, जो अगस्त 2024 के बाद का निचला स्तर है. इसके अलावा NALCO में करीब 5.7 फीसदी और Hindustan Copper में 4 फीसदी से ज्यादा की गिरावट रही. Vedanta भी 4 फीसदी से ज्यादा लुढ़क गया. स्टील कंपनियों में जिंदल स्टील, SAIL और JSW Steel में भी कमजोरी दिखी, हालांकि Tata Steel में गिरावट अपेक्षाकृत कम रही.
कमोडिटी कीमतों से जुड़ा असर
मेटल शेयरों की यह गिरावट सीधे तौर पर ग्लोबल कमोडिटी कीमतों से जुड़ी मानी जा रही है. अंतरराष्ट्रीय बाजार में तांबा और निकेल की कीमतों में 2 फीसदी से ज्यादा की गिरावट आई. एल्यूमिनियम, जिंक, लेड और टिन जैसी बेस मेटल्स भी दबाव में रहीं. चूंकि इन कंपनियों की कमाई, मार्जिन और कैश फ्लो वैश्विक धातु कीमतों पर निर्भर करते हैं, इसलिए कीमतों में गिरावट का असर शेयरों पर साफ दिखा.
क्यों हो रही है मुनाफावसूली
पिछले एक साल में मेटल शेयरों ने जोरदार रैली दिखाई थी और निफ्टी मेटल इंडेक्स 20 फीसदी से ज्यादा चढ़ा था. ऐसे में मौजूदा गिरावट को काफी हद तक मुनाफावसूली से जोड़कर देखा जा रहा है. शेयरों के दाम ऊंचे स्तर पर पहुंचने के बाद निवेशकों ने मुनाफा काटना शुरू किया, जिससे एक साथ बिकवाली बढ़ गई.
एक और बड़ी वजह वैल्यूएशन को लेकर बढ़ती चिंता है. मौजूदा स्तरों पर मेटल कंपनियों के शेयर महंगे नजर आ रहे हैं. भविष्य की कमाई को ध्यान में रखें, तब भी कई मेटल स्टॉक्स का पीई काफी ऊंचा बना हुआ है, जबकि ऐतिहासिक तौर पर यह सेक्टर कम वैल्यूएशन पर ट्रेड करता रहा है.
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ग्लोबल संकेतों का दबाव
इसके अलावा वैश्विक स्तर पर टैरिफ और प्रतिबंधों से जुड़ी चर्चाओं ने भी बाजार की धारणा को कमजोर किया है. वैश्विक ग्रोथ पर असर पड़ने की आशंका से कमोडिटी और उससे जुड़े शेयरों में सतर्कता बढ़ गई है. कुल मिलाकर, मेटल शेयरों में आई यह गिरावट फिलहाल मुनाफावसूली और ऊंचे वैल्यूएशन का नतीजा लगती है, लेकिन निवेशकों के लिए यह संकेत जरूर है कि आगे इस सेक्टर में उतार-चढ़ाव बना रह सकता है.
डिस्क्लेमर: Money9live किसी स्टॉक, म्यूचुअल फंड, आईपीओ में निवेश की सलाह नहीं देता है. यहां पर केवल स्टॉक्स की जानकारी दी गई है. निवेश से पहले अपने वित्तीय सलाहकार की राय जरूर लें.
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