श्रीलंका से माइनिंग लाइसेंस मिलने के बाद फोकस में आया ये रेयर अर्थ स्टॉक, 2 साल में 38% CAGR; रखें नजर
श्रीलंका में हेवी मिनरल सैंड माइनिंग के चार लाइसेंस मिलने के बाद Midwest Ltd निवेशकों के रडार पर आ गई है. कंपनी अब केवल ग्रेनाइट तक सीमित नहीं है, बल्कि Rare Earth और क्वार्ट्ज कारोबार में भी विस्तार कर रही है. बीते दो साल में इसका ऑपरेटिंग प्रॉफिट 38 फीसदी CAGR से बढ़ा है और EBITDA मार्जिन मजबूत रहा है.
Rare Earth Stock: देश में रेयर अर्थ और क्रिटिकल मिनरल्स को लेकर चर्चा तेज है. चीन पर बढ़ती निर्भरता और बदलते जियोपॉलिटिकल हालात के बीच सरकार आत्मनिर्भरता पर जोर दे रही है. इसी थीम के बीच एक पुरानी लेकिन कम चर्चित कंपनी फिर सुर्खियों में है. यहां बात हो रही है Midwest Ltd की, जो अब तक ग्रेनाइट कारोबार के लिए जानी जाती थी. लेकिन कंपनी अब रेयर अर्थ, क्वार्ट्ज और हेवी मिनरल सैंड से जुड़े नए बिजनेस में उतर रही है. अगर आप भी किसी ऐसे स्टॉक की खोज में थे तो इसपर दांव लगाना फायदे का सौदा हो सकता है.
ग्रेनाइट से रेयर अर्थ तक का सफर
Midwest Ltd पिछले करीब 40 साल से ग्रेनाइट कारोबार में एक्टिव है. Black Galaxy Granite के सेक्टर में कंपनी भारत की बड़ी प्रोडक्शन और निर्यातक मानी जाती है. इसके प्रोडक्ट 17 देशों में निर्यात होते हैं. लेकिन अब कंपनी अपने ट्रेडिशनल बिजनेस से आगे बढ़ते हुए हाई वैल्यू मिनरल्स सेगमेंट में एंट्री ले रही है. यही बदलाव इसे निवेशकों की नजर में खास बना रहा है.
क्वार्ट्ज और सेमीकंडक्टर पर फोकस
कंपनी सोलर ग्लास इंडस्ट्री के लिए कच्चा माल उपलब्ध कराने की योजना पर काम कर रही है. भारत अभी अपनी जरूरत का लगभग 65 फीसदी सोलर ग्लास आयात करता है. Midwest का लक्ष्य इस बढ़ते बाजार की 11 से 13 फीसदी कच्चे माल की जरूरत पूरी करना है. Phase 2 विस्तार में कंपनी Ultra High Purity Quartz बनाने की योजना रखती है, जिसका यूज सेमीकंडक्टर इंडस्ट्री में होता है. यह कदम कंपनी को टेक सप्लाई चेन से जोड़ सकता है.
रेयर अर्थ और हेवी मिनरल सैंड में एंट्री
कंपनी ने श्रीलंका में हेवी मिनरल सैंड माइनिंग के लिए चार एक्सप्लोरेशन लाइसेंस हासिल किए हैं. FY27 तक कमर्शियल ऑपरेशन शुरू करने का लक्ष्य है. मोनाजाइट जैसे मिनरल रेयर अर्थ एलिमेंट्स के लिए अहम कच्चा माल हैं, जिनका इस्तेमाल डिफेंस, एयरोस्पेस, EV, इलेक्ट्रॉनिक्स और मेडिकल डिवाइस में होता है. कंपनी ने केरल मिनरल्स एंड मेटल्स के साथ MoU भी साइन किया है ताकि कच्चे माल को हाई वैल्यू ऑक्साइड में बदला जा सके.
सरकार की पॉलिसी से मिल सकता है सपोर्ट
सरकार ने रेयर अर्थ और स्थायी मैग्नेट उत्पादन के लिए 73 अरब रुपये की प्रोत्साहन योजना की घोषणा की है. लक्ष्य भारत में 6000 MTPA क्षमता विकसित करना है. अगर यह योजना तेजी से आगे बढ़ती है तो इस थीम से जुड़ी कंपनियों को लंबी अवधि में फायदा मिल सकता है. Midwest खुद को इसी आत्मनिर्भर भारत नैरेटिव के साथ पोजिशन कर रही है.
कैसा है कंपनी का वित्तीय प्रदर्शन
वित्तीय प्रदर्शन की बात करें तो 2023 से 2025 के बीच कंपनी का ऑपरेटिंग प्रॉफिट लगभग 38 फीसदी CAGR से बढ़ा है. EBITDA मार्जिन करीब 30 फीसदी रहा है. मैनेजमेंट का टारगेट अगले दो से तीन साल में रिवेन्यू को ढाई गुना और तीन से चार साल में मुनाफे को तीन गुना करने का है. साथ ही 35 फीसदी ROCE हासिल करने की योजना है. कंपनी के शेयर शुक्रवार को 2.13 फीसदी की तेजी के साथ 1335 रुपये पर बंद हुए. इसने अपने निवेशकों को पिछले 1 साल में 14 फीसदी का रिटर्न दिया है.
डिस्क्लेमर: Money9live किसी स्टॉक, म्यूचुअल फंड, आईपीओ में निवेश की सलाह नहीं देता है. यहां पर केवल स्टॉक्स की जानकारी दी गई है. निवेश से पहले अपने वित्तीय सलाहकार की राय जरूर लें.
Latest Stories
FY26 में 205% तक उछले ये 10 पेनी स्टॉक, 4 बने मल्टीबैगर, आपके पास है इनमें से कोई शेयर
AI और रोबोटिक सर्जरी से बदल रहा हेल्थकेयर, ये 3 स्माल कैप स्टॉक्स दे सकते हैं मल्टीबैगर रिटर्न! 5 साल में 672% तक का उछाल
2033 तक ₹4 लाख करोड़ की स्पेस इकॉनमी, ISRO से जुड़े इन 3 शेयरों में बड़ा मौका; 5 साल में 1927% तक रिटर्न
