इस मल्टीबैगर में FII की तगड़ी एंट्री! 55 लाख शेयरों की फ्रेश खरीदारी, कीमत ₹50 से भी कम
कमजोरी के बावजूद, लंबे समय में इस स्टॉक का रिटर्न बेहद दमदार रहा है. पिछले 2 साल में स्टॉक ने 120 फीसदी रिटर्न, 3 साल में 225 फीसदी रिटर्न और 5 साल में 16,241 फीसदी का हैरान कर देने वाला रिटर्न दिया है. यानी 0.23 रुपये से 28 रुपये पार तक का सफर तक किया है. इस मल्टीबैगर परफॉर्मेंस के कारण यह गिरावट के बावजूद निवेशकों के रडार पर बना रहता है.
Hazoor Multi Projects Ltd (HMPL) फिर से एक बड़ा अपडेट आया है. कंपनी ने फंड रेजिंग प्रक्रिया के तहत वारंट कंवर्जन के जरिए 10,00,000 इक्विटी शेयर (फेस वैल्यू 1 रुपये) अलॉट किए हैं. ये शेयर कुमार अग्रवाल को 30 रुपये प्रति शेयर के इश्यू प्राइस पर दिए गए हैं. यह अलाटमेंट 1,00,000 वारंट के कंवर्जन के बाद हुआ है, जिसके लिए कंपनी को कुल 2,25,00,000 रुपये की राशि प्राप्त हुई. 1:10 स्टॉक स्प्लिट के एडजस्टमेंट के बाद कंपनी की इश्यूड और पेड-अप कैपिटल बढ़कर 23,43,39,910 इक्विटी शेयर हो गयी है. कंपनी के शेयरों ने बीते 5 साल में शानदार रैली की है. शेयर ने 0.23 रुपये से 28 रुपये तक का सफर इसी 5 साल में किया है. हालांकि, इस शेयर ने पिछले हफ्ते अपना फ्रेश 52-वीक लो बनाया है. मजे की बात तो ये है कि विदेशी निवेशकों की इसमें दमदार हिस्सेदारी है.
कंपनी के बारे में
Hazoor Multi Projects Ltd एक BSE लिस्टेड इंफ्रास्ट्रक्चर और इंजीनियरिंग कंपनी है. इसका मुख्य फोकस हाईवे प्रोजेक्ट्स, सिविल EPC वर्क्स, शिपयार्ड सर्विसेज और अब ऑयल एंड गैस सेगमेंट तक फैला हुआ है. बड़े और कॉम्प्लेक्स प्रोजेक्ट्स को समय पर पूरा करने में कंपनी का बेहतर ट्रैक रिकॉर्ड है.
वित्तीय प्रदर्शन (Q2FY26, H1FY26 और FY25)
कंपनी ने Q2FY26 में 102.11 करोड़ रुपये की नेट सेल्स और 9.93 करोड़ रुपये का नेट लॉस दर्ज किया, जबकि H1FY26 में इसकी नेट सेल्स 282.13 करोड़ रुपये और नेट प्रॉफिट 3.86 करोड़ रुपये रहा. सालाना नतीजों में FY25 के दौरान कंपनी ने 638 करोड़ रुपये की नेट सेल्स और 40 करोड़ रुपये का नेट प्रॉफिट दर्ज किया. तिमाही आधार पर दबाव जरूर दिखा है, लेकिन सालाना आधार पर कंपनी की परफॉर्मेंस स्थिर दिखाई देती है.
स्टॉक का प्रदर्शन
Hazoor Multi Projects का शेयर मंगलवार को 6.15 फीसदी इंट्राडे गिरावट के साथ ट्रेड कर रहा था. पिछले एक हफ्ते में स्टॉक 12.9 फीसदी टूटा है, तीन महीने में 34.53 फीसदी गिरा है. एक साल में 43.72 फीसदी की बिकवाली दिखा चुका है. पिछले हफ्ते स्टॉक ने अपना नया 52 हफ्ते का लो भी बनाया.

शेयरहोल्डिंग और वैल्यूएशन
कंपनी का मार्केट कैप 700 करोड़ रुपये से अधिक है. सितंबर 2025 में FIIs ने 55,72,348 शेयर खरीदे और अपनी हिस्सेदारी बढ़ाकर 23.84 फीसदी कर ली. कंपनी का PE 17x है, जबकि सेक्टोरल PE 42x — यानी स्टॉक वैल्यूएशन के लिहाज से सस्ता माना जा सकता है.
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मल्टीबैगर रिटर्न देने का ट्रैक रिकॉर्ड
कमजोरी के बावजूद, लंबे समय में इस स्टॉक का रिटर्न बेहद दमदार रहा है. पिछले 2 साल में स्टॉक ने 120 फीसदी रिटर्न, 3 साल में 225 फीसदी रिटर्न और 5 साल में 16,241 फीसदी का हैरान कर देने वाला रिटर्न दिया है (0.23 रुपये से 28 रुपये पार तक का सफर). इस मल्टीबैगर परफॉर्मेंस के कारण यह गिरावट के बावजूद निवेशकों के रडार पर बना रहता है.
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डिस्क्लेमर: Money9live किसी स्टॉक, म्यूचुअल फंड, आईपीओ में निवेश की सलाह नहीं देता है. यहां पर केवल स्टॉक्स की जानकारी दी गई है. निवेश से पहले अपने वित्तीय सलाहकार की राय जरूर लें.
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