Nifty Outlook: शेयर बाजार में हाहाकार, क्या अब 23,500 तक फिसलेगा बाजार? एक्सपर्ट की चेतावनी

भारतीय शेयर बाजार में भारी गिरावट ने निवेशकों की चिंता बढ़ा दी है. शुक्रवार को निफ्टी 275 अंकों की गिरावट के साथ 23,897 पर बंद हुआ, जबकि वैश्विक तनाव, महंगे कच्चे तेल और IT शेयरों में बिकवाली ने बाजार का रुख पूरी तरह बदल दिया है. अब निवेशकों की नजर 29 अप्रैल की फेड बैठक और 23,700 के अहम सपोर्ट स्तर पर टिकी है.

शेयर बाजार गिरावट Image Credit: Money9 Live

Nifty Outlook 27 April: भारतीय शेयर बाजार के लिए पिछला कारोबारी सत्र किसी बुरे सपने से कम नहीं रहा. चौतरफा बिकवाली और वैश्विक दबाव के चलते बाजार ने अपनी पिछले दो हफ्तों की पूरी बढ़त गंवा दी है. निफ्टी 275 अंकों की भारी गिरावट के साथ 23,897 के स्तर पर बंद हुआ. बाजार में इस समय ‘सेल ऑन राइज’ यानी हर उछाल पर बिकवाली का माहौल दिख रहा है. दिग्गज आईटी शेयरों में आई 5% से ज्यादा की गिरावट ने निवेशकों की कमर तोड़ दी है.

तकनीकी संकेत: 23,700 का स्तर बेहद अहम

सैमको सिक्योरिटीज के डेरिवेटिव रिसर्च एनालिस्ट धुपेश धमेजा के अनुसार, निफ्टी ने तकनीकी चार्ट पर ‘लोअर हाई’ का ढांचा बनाया है, जो कमजोर सेंटिमेंट का संकेत है. बाजार के लिए अब 24,200-24,250 का जोन एक मजबूत बाधा (रेसिस्टेंस) बन गया है. अगर निफ्टी 23,700 के सपोर्ट लेवल को तोड़ता है, तो यह तेजी से 23,150 के स्तर तक नीचे जा सकता है. वर्तमान में पुट-कॉल रेशियो (PCR) 0.67 है, जो बाजार के बेयरिश (मंदी) मूड को दर्शाता है.

इसी तरह, HDFC सिक्योरिटीज के सीनियर टेक्निकल रिसर्च एनालिस्ट नागराज शेट्टी का मानना है कि निफ्टी ने डेली चार्ट पर एक लंबी ‘बियर कैंडल’ बनाई है. बाजार ने अपने 10 और 20 दिनों के मूविंग एवरेज (EMA) को नीचे की ओर तोड़ दिया है, जिससे गिरावट गहराने की आशंका बढ़ गई है. उनके अनुसार, अगला बड़ा सपोर्ट 23,500 के आसपास दिख रहा है.

वैश्विक तनाव और कच्चे तेल की आग

बाजार की इस गिरावट के पीछे घरेलू कारणों से ज्यादा वैश्विक परिस्थितियां जिम्मेदार हैं. जियोजित इन्वेस्टमेंट्स के रिसर्च हेड विनोद नायर ने बताया कि पश्चिम एशिया में बढ़ता भू-राजनीतिक तनाव और ईरान-यूएस शांति वार्ता का सफल न होना निवेशकों के लिए चिंता का सबसे बड़ा सबब है.

बढ़ती तेल कीमतों और अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में उछाल के कारण विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs) ने भारतीय बाजार से पैसे निकालने शुरू कर दिए हैं, जिससे रुपया अपने निचले स्तरों की ओर जा रहा है.

नजर 29 अप्रैल की फेड बैठक पर

बाजार के जानकारों का कहना है कि आगामी हफ्ता काफी उतार-चढ़ाव भरा रहने वाला है. सबका ध्यान 29 अप्रैल को होने वाली अमेरिकी फेडरल ओपन मार्केट कमेटी (FOMC) की बैठक पर है.

  • ब्याज दरें और महंगाई: बाजार यह समझने की कोशिश करेगा कि महंगाई को लेकर फेड का रुख क्या है.
  • डॉलर की मजबूती: यदि फेडरल रिजर्व सख्त (Hawkish) रुख अपनाता है और ब्याज दरों में कटौती की उम्मीदें कम होती हैं, तो डॉलर और मजबूत होगा. इससे इमर्जिंग मार्केट्स जैसे भारत से और अधिक फंड बाहर जा सकते हैं.

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आईटी सेक्टर में मंदी, डिफेंसिव शेयरों में भरोसा

HDFC सिक्योरिटीज के डिप्टी वाइस प्रेसिडेंट नंदिश शाह के मुताबिक, पिछले सत्र में आईटी इंडेक्स 5% से ज्यादा टूट गया. इंफोसिस और टीसीएस जैसे दिग्गजों के कमजोर तिमाही नतीजों और भविष्य के धुंधले अनुमानों ने बिकवाली को हवा दी. हालांकि, इस मंदी के बीच पावर, एफएमसीजी और फार्मा शेयरों में कुछ खरीदारी देखी गई, क्योंकि निवेशक अब जोखिम कम करने के लिए ‘डिफेंसिव’ शेयरों की शरण ले रहे हैं.

विशेषज्ञों की सलाह है कि जब तक निफ्टी 24,200 के ऊपर टिकने में कामयाब नहीं होता, तब तक बाजार में सावधानी बरतें. गिरावट की स्थिति में 23,700 और 23,500 के स्तरों पर नजर रखना जरूरी है.

डिस्क्लेमर: Money9live किसी स्टॉक, म्यूचुअल फंड, आईपीओ में निवेश की सलाह नहीं देता है. यहां पर केवल स्टॉक्स की जानकारी दी गई है. निवेश से पहले अपने वित्तीय सलाहकार की राय जरूर लें.