NSE के IPO की खबर से दौड़ पड़ा इसका कॉम्पटीटर स्टॉक, इस सरकारी कंपनी का शेयर 17 फीसदी उछला

नेशनल स्टॉक एक्सचेंज भारत की अनलिस्टेड कंपनियों में सबसे अधिक वैल्यू वाली कंपनी है. रेगुलेटर इस महीने के आखिर तक इसके प्रस्तावित पब्लिक इश्यू के लिए नो-ऑब्जेक्शन सर्टिफिकेट (NoC) जारी कर सकता है. पब्लिक सेक्टर NBFC IFCI का शेयर 17 फीसदी बढ़कर 57.30 रुपये हो गया.

इन शेयरों में जोरदार तेजी. Image Credit: Getty image

नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) की लिस्टिंग की उम्मीद में सोमवार को BSE और IFCI के शेयर की कीमतों में तेजी आई. नेशनल स्टॉक एक्सचेंज भारत की अनलिस्टेड कंपनियों में सबसे अधिक वैल्यू वाली कंपनी है. यह तेजी तब आई जब सिक्योरिटीज एंड एक्सचेंज बोर्ड ऑफ इंडिया (SEBI) के प्रमुख तुहिन कांत पांडे ने शनिवार को कहा कि रेगुलेटर इस महीने के आखिर तक इसके प्रस्तावित पब्लिक इश्यू के लिए नो-ऑब्जेक्शन सर्टिफिकेट (NoC) जारी कर सकता है.

अनलिस्टेड स्पेस में NSE का शेयर

इससे अनलिस्टेड स्पेस में NSE का शेयर भी बढ़कर 2,160 रुपये के नए हाई पर पहुंच गया, जो अगस्त के आखिर के लेवल पर था. इसके कॉम्पिटिटर BSE का शेयर प्राइस लिस्टिंग से मिलने वाले वॉल्यूम से होने वाले संभावित फायदे की उम्मीद में 4.8 फीसदी बढ़कर 2,797 रुपये प्रति शेयर पर बंद हुआ.

IFCI का शेयर जोरदार उछला

पब्लिक सेक्टर NBFC IFCI का शेयर 17 फीसदी बढ़कर 57.30 रुपये हो गया, जिसकी स्टॉक होल्डिंग कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया (SHCIL) में 52.86 फीसदी हिस्सेदारी है, जिसके पास NSE का 4.4 फीसदी हिस्सा है. दिसंबर में खत्म हुई तिमाही में कंपनी में रिटेल इन्वेस्टर्स की होल्डिंग 12.12 फीसदी थी, जबकि पिछली तिमाही में यह 12.30 फीसदी थी.

NSE Q2 FY26 कमाई

नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) ने वित्त वर्ष 2025-26 (FY26) की सितंबर तिमाही के लिए कंसोलिडेटेड प्रॉफिट आफ्टर टैक्स (PAT) में साल-दर-साल (YoY) 33 फीसदी की गिरावट के साथ 2,098 करोड़ रुपये की रिपोर्ट दी. पिछले साल इसी तिमाही में इसने 3,137 करोड़ रुपये का PAT दर्ज किया था.

NSE ने एक बयान में कहा था कि मार्केट रेगुलेटर सिक्योरिटीज एंड एक्सचेंज बोर्ड ऑफ इंडिया (SEBI) के पास सेटलमेंट रेगुलेशन के तहत दायर सेटलमेंट आवेदनों के लिए किए गए 1,297 करोड़ रुपये के प्रोविजन को छोड़कर, एक्सचेंज का एडजस्टेड PAT 3,396 करोड़ रुपये रहा, जो 16 फीसदी की क्रमिक वृद्धि दर्शाता है.

NSE ने Q2 FY26 में ब्याज सहित 1,297 करोड़ का प्रोविजन किया, जो को-लोकेशन और डार्क फाइबर मामलों के संबंध में SEBI (सेटलमेंट रेगुलेशन) 2018 के तहत SEBI के पास NSE द्वारा दायर किए गए सेटलमेंट आवेदनों के लिए था.

यह भी पढ़ें: HCL का मुनाफा घटा, लेकिन शेयरधारकों के लिए अच्छी खबर; कंपनी बांटेगी इतने रुपये का डिविडेंड

डिस्क्लेमर: Money9live किसी स्टॉक, म्यूचुअल फंड, आईपीओ में निवेश की सलाह नहीं देता है. यहां पर केवल स्टॉक्स की जानकारी दी गई है. निवेश से पहले अपने वित्तीय सलाहकार की राय जरूर लें.