2026 में भागने को तैयार ये 2 शेयर! ऑयल एंड गैस सेक्टर में मची हलचल, आ सकता है ब्रेकआउट
ट्रेडर्स और निवेशकों की नजर नए साल की पहली तिमाही पर है. जहां, मौके बनते दिख रहे हैं. ऐसे में एक सेक्टर जो चुपचाप लेकिन मजबूती के साथ उभर रहा है, वह है निफ्टी ऑयल एंड गैस. Q1 2026 में रिलायंस इंडस्ट्रीज और पेट्रोनेट एलएनजी पर खास नजर रखा जा सकता है.
साल 2025 कमोडिटी बाजार के लिहाज से खास रहा. एक तरफ सोना और चांदी जैसी कमोडिटी ने निवेशकों को शानदार रिटर्न दिए, वहीं शेयर बाजार की कहानी थोड़ी जटिल रही. बेंचमार्क निफ्टी 50 ने पूरे साल में करीब 10.51 प्रतिशत की बढ़त दिखाई. लार्ज कैप शेयरों ने इंडेक्स को संभाले रखा, जबकि मिड और स्मॉल कैप शेयरों में कमजोरी से कुल रिटर्न पर दबाव बना रहा.
अब जब 2026 की शुरुआत हो रही है, तो ट्रेडर्स और निवेशकों की नजर नए साल की पहली तिमाही पर है, जहां स्थिरता के साथ मौके भी बनते दिख रहे हैं. ऐसे में एक सेक्टर जो चुपचाप लेकिन मजबूती के साथ उभर रहा है, वह है निफ्टी ऑयल एंड गैस. Q1 2026 में Reliance Industries और Petronet LNG पर खास नजर रखा जा सकता है. इन शेयरों पर बात करने से पहले पूरे सेक्टर की तस्वीर समझते हैं.
निफ्टी ऑयल एंड गैस इंडेक्स दे रहा है मजबूती के संकेत
निफ्टी ऑयल एंड गैस इंडेक्स लगातार पॉजिटिव संकेत दे रहा है. वीकली चार्ट पर इंडेक्स अपने पुराने हाई के ऊपर निकल चुका है, जो टेक्निकल एनालिसिस में एक क्लासिक बुलिश ब्रेकआउट माना जाता है. इसका मतलब है कि जहां पहले बिकवाली हावी रहती थी, अब वहां खरीदारों का कंट्रोल नजर आ रहा है. बोलिंजर बैंड्स भी सेक्टर में मजबूती का इशारा कर रहे हैं.
Reliance Industries
Reliance Industries निफ्टी ऑयल एंड गैस इंडेक्स का सिर्फ एक शेयर नहीं, बल्कि इसकी असली ताकत है. इंडेक्स में इसका वेट करीब 32.48 प्रतिशत है. ऐसे में अगर इंडेक्स को नए हाई बनाने हैं, तो रिलायंस का लीड करना लगभग तय माना जाता है.
रिलायंस को खास बनाता है इसका दूसरे शेयरों के मुकाबले बेहतर प्रदर्शन. अक्टूबर 2025 से यह शेयर निफ्टी 50 से बेहतर रिटर्न दे रहा है, जो दिखाता है कि बड़े निवेशकों की इसमें दिलचस्पी बनी हुई है. जब तक बाजार का माहौल सपोर्टिव रहता है, ऐसी आउटपरफॉर्मेंस अक्सर आगे भी जारी रहती है.

टेक्निकल चार्ट पर रिलायंस ने वीकली टाइमफ्रेम में कप एंड हैंडल पैटर्न से ब्रेकआउट दिया है. आसान भाषा में समझें तो कप लंबा कंसोलिडेशन दिखाता है, जहां कमजोर हाथ बाहर हो जाते हैं, और हैंडल छोटा सा ब्रेक होता है, जिसके बाद शेयर तेजी के लिए तैयार होता है. इस पैटर्न से ब्रेकआउट अक्सर लंबी तेजी की शुरुआत का संकेत देता है.
स्प्लिट और बोनस को एडजस्ट करने के बाद रिलायंस का पिछला ऑल टाइम हाई करीब 1608.80 रुपये है. शेयर एक बार फिर इसी जोन के पास पहुंच रहा है. अगर यह स्तर मजबूती से पार होता है, तो शेयर ऐसे इलाके में जा सकता है जहां कोई पुराना रेजिस्टेंस नहीं होगा. ऐसे फेज में ट्रेंड अक्सर तेज हो जाते हैं.
Petronet LNG
जहां रिलायंस सेक्टर का लीडर है, वहीं पेट्रोनेट एलएनजी एक साइलेंट परफॉर्मर की तरह है. हालिया बाजार गिरावट के दौरान पेट्रोनेट ने वीकली चार्ट पर अपने 2023 के हाई के ऊपर मजबूत बेस बनाया. साल 2025 में कई बार करीब 260 रुपये के आसपास लो बनना इस बात का संकेत है कि बिकवाली का दबाव अब कम हो चुका है. लंबे समय की ट्रेंडलाइन से ऊपर निकलना, खासकर बेस बनने के बाद, अक्सर ट्रेंड रिवर्सल का शुरुआती संकेत होता है.

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