गूगल-माइक्रोसॉफ्ट को पछाड़कर यह बना पराग पारिख फ्लेक्सी कैप फंड का सबसे पसंदीदा स्टॉक, ₹10000 करोड़ से ज्यादा का निवेश
पराग पारिख फ्लेक्सी कैप फंड के पोर्टफोलियो में बड़ा बदलाव देखने को मिला है. नवंबर 2025 के ताजा आंकड़ों के मुताबिक, फंड ने ग्लोबल टेक शेयरों को पीछे छोड़ते हुए HDFC Bank को अपना सबसे बड़ा निवेश बनाया है. फंड की कुल एसेट्स का 8 फीसद से ज्यादा हिस्सा अब अकेले HDFC Bank में लगा हुआ है, जिसकी वैल्यू 10,000 करोड़ रुपये से अधिक है.
Parag Parikh Flexi Cap Fund: देश के सबसे ज्यादा चर्चित फ्लेक्सी कैप म्यूचुअल फंड पराग पारिख फ्लेक्सी कैप फंड के पोर्टफोलियो में बड़ा बदलाव देखने को मिला है. नवंबर 2025 के लेटेस्ट पोर्टफोलियो डेटा के मुताबिक, इस फंड ने ग्लोबल टेक दिग्गजों जैसे गूगल और माइक्रोसॉफ्ट को पीछे छोड़ते हुए भारतीय प्राइवेट बैंक HDFC Bank को अपना सबसे बड़ा दांव बना लिया है. फंड की कुल एसेट्स का 8 फीसद से ज्यादा हिस्सा अब अकेले HDFC Bank में निवेश किया गया है, जो इस फंड हाउस की हाई कन्विक्शन रणनीति को साफ तौर पर दिखाता है.
नवंबर 2025 तक पराग पारिख फ्लेक्सी कैप फंड का कुल एसेट अंडर मैनेजमेंट करीब 1.3 लाख करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंच चुका है. फाइनेंशियल एक्सप्रेस की एक रिपोर्ट के मुताबिक, इसी पोर्टफोलियो में HDFC Bank में 10.34 करोड़ शेयरों का निवेश है, जिसकी कुल वैल्यू 10,427 करोड़ रुपये बैठती है. यह निवेश न सिर्फ घरेलू पोर्टफोलियो की रीढ़ बन गया है, बल्कि फंड के विदेशी निवेशों के मुकाबले भी कहीं ज्यादा वेटेज रखता है.
बैंकिंग सेक्टर पर मजबूत भरोसा
फंड मैनेजमेंट की अगुवाई कर रहे राजीव ठक्कर की रणनीति साफ तौर पर बैंकिंग सेक्टर के इर्द-गिर्द घूमती नजर आती है. पूरे पोर्टफोलियो में बैंकिंग सेक्टर की हिस्सेदारी 20.14 फीसद है. HDFC Bank के अलावा आईसीआईसीआई बैंक और कोटक महिंद्रा बैंक भी सेकेंडरी सपोर्ट की भूमिका में हैं, जिससे यह स्पष्ट होता है कि फंड हाउस भारतीय बैंकिंग सिस्टम की लंबी अवधि की ग्रोथ पर भरोसा जता रहा है.
परफॉर्मेंस के आंकड़े भी मजबूत
मई 2013 में लॉन्च होने के बाद से इस फंड ने लगातार बेहतर प्रदर्शन किया है. रेगुलर प्लान ने अब तक करीब 18.85 फीसद का सीएजीआर रिटर्न दिया है, जो निफ्टी 500 और निफ्टी 50 दोनों से बेहतर है. फंड का बीटा 0.57 है, जो कम उतार-चढ़ाव को दर्शाता है, जबकि शार्प रेशियो 1.66 यह बताता है कि रिस्क के मुकाबले रिटर्न काफी संतुलित रहा है. पोर्टफोलियो टर्नओवर भी महज 12.67 फीसद है, जो लॉन्ग टर्म अप्रोच को दर्शाता है.
ग्लोबल टेक शेयरों का घटता दबदबा
एक समय पर फंड के पोर्टफोलियो में अहम भूमिका निभाने वाले ग्लोबल टेक शेयर अब सीमित हिस्सेदारी तक सिमट गए हैं. अल्फाबेट, मेटा, माइक्रोसॉफ्ट और अमेजन जैसे शेयरों की कुल विदेशी हिस्सेदारी फिलहाल करीब 11.51 फीसद पर स्थिर है. रेगुलेटरी लिमिट और ऊंचे वैल्यूएशन के चलते फंड फिलहाल इन शेयरों में आक्रामक दांव लगाने से बचता दिख रहा है.
30,000 करोड़ रुपये का वेट एंड वॉच मोड
इस फंड की सबसे दिलचस्प बात इसका बड़ा कैश पोजीशन है. कुल पोर्टफोलियो का करीब 24 फीसद हिस्सा कैश, डेट, मनी मार्केट इंस्ट्रूमेंट्स और आर्बिट्राज पोजीशंस में रखा गया है. यह करीब 30,000 करोड़ रुपये का वॉर चेस्ट है, जिसे फंड मैनेजमेंट सही मौके का इंतजार करते हुए सुरक्षित रखे हुए है. डेट पोर्टफोलियो में टॉप रेटेड सर्टिफिकेट ऑफ डिपॉजिट और ट्रेजरी बिल्स शामिल हैं, जिससे लिक्विडिटी और सेफ्टी दोनों बनी रहती हैं.
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डिस्क्लेमर: Money9live किसी स्टॉक, म्यूचुअल फंड, आईपीओ में निवेश की सलाह नहीं देता है. यहां पर केवल स्टॉक्स की जानकारी दी गई है. निवेश से पहले अपने वित्तीय सलाहकार की राय जरूर लें.