REL में बड़े बदलाव की तैयारी! फाइनेंशियल और इंश्योरेंस बिजनेस अलग करेगी कंपनी, निवेशकों को क्या मिलेगा?

इस कंपनी ने अपने फाइनेंशियल और इंश्योरेंस कारोबार को अलग-अलग लिस्टेड कंपनियों में बांटने का ऐलान किया है. डीमर्जर के बाद शेयरधारकों को 1:1 रेशियो में नई कंपनी RFL के शेयर मिलेंगे, जिसे भविष्य में स्टॉक एक्सचेंज पर लिस्ट किया जाएगा. जानें क्या है कंपनी की प्लानिंग और शेयर का प्रदर्शन.

दो हिस्सों में बंटेगी कंपनी Image Credit: @Tv9

Religare Enterprises Demerger Plan: रेलिगेयर एंटरप्राइजेज लिमिटेड (REL) ने अपने कारोबार को पुनर्गठित करने के लिए डीमर्जर की बड़ी योजना का ऐलान किया है. कंपनी अपने फाइनेंशियल सर्विसेज और बीमा से जुड़े कारोबार को अलग-अलग इंडीपेंडेंट लिस्टेड कंपनियों में बांटने जा रही है. बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स ने इस प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है. गौरतलब है कि फरवरी 2025 में बर्मन परिवार की ओर से कंपनी का नियंत्रण संभालने के बाद यह पहली बड़ी स्ट्रक्चरल पहल मानी जा रही है.

कैसे बंटेगी कंपनी?

प्रस्तावित योजना के तहत हेल्थ इंश्योरेंस बिजनेस को अलग पहचान के साथ जारी रखा जाएगा. केयर हेल्थ इंश्योरेंस लिमिटेड बीमा सेक्टर पर केंद्रित इकाई के रूप में काम करती रहेगी, जिसमें रेलिगेयर एंटरप्राइजेज की हिस्सेदारी बनी रहेगी. दूसरी ओर, लेंडिंग, ब्रोकिंग, निवेश और संबंधित वित्तीय सेवाओं से जुड़े कारोबार को रेलिगेयर फिनवेस्ट लिमिटेड (RFL) में स्थानांतरित किया जाएगा. इस घोषणा के बाद सोमवार, 16 फरवरी को कंपनी के शेयरों में हलचल देखने की संभावना जताई जा रही है.

निवेशकों को क्या मिलेगा फायदा?

कंपनी ने स्पष्ट किया है कि डीमर्जर के बाद मौजूदा शेयरधारकों को भी फायदा मिलेगा. RFL, REL के शेयरहोल्डर्स को 1:1 के रेशियो में पूरी तरह चुकता यानी फुली पेड-अप इक्विटी शेयर जारी करेगी. इसके साथ ही नई कंपनी RFL को BSE और NSE दोनों स्टॉक एक्सचेंजों पर लिस्ट कराने की योजना है. इस पुनर्गठन का मुख्य उद्देश्य दोनों व्यवसायों को स्वतंत्र रूप से संचालित करना और उन्हें अपने-अपने क्षेत्र के अनुरूप विकास रणनीति अपनाने की सुविधा देना है. हालांकि इस योजना को लागू करने से पहले नेशनल कंपनी लॉ ट्रिब्यूनल (NCLT) सहित शेयरधारकों, कर्जदाताओं और नियामकीय संस्थाओं की मंजूरी आवश्यक होगी.

क्या करना चाहती है कंपनी?

ग्रुप का लक्ष्य है कि सभी अनुमतियां मिलने के बाद इस प्रक्रिया को पूरा कर वित्त वर्ष 2027-28 की पहली तिमाही तक RFL को स्टॉक एक्सचेंजों पर लिस्ट कर दिया जाए. कंपनी ने भरोसा दिलाया है कि इस बदलाव से उसके रोजाना के ऑपरेशन, कर्मचारियों या ग्राहकों पर कोई प्रतिकूल असर नहीं पड़ेगा. रेलिगेयर इंटरप्राइजेज के मुख्य वित्तीय अधिकारी (CFO) प्रतुल गुप्ता के अनुसार, यह कदम दोनों कंपनियों को अपने-अपने क्षेत्रों में अधिक फोकस्ड और कंपटेटिव बनाएगा, जिससे वे आगे के अवसरों का बेहतर तरीके से फायदा उठा सकेंगी और लॉन्ग टर्म विकास की दिशा में मजबूत आधार तैयार कर पाएंगी.

कंपनी के शेयरों का हाल?

शुक्रवार, 13 फरवरी को Religare Enterprises के शेयर लाल निशान में कारोबार करते हुए बंद हुए. कंपनी के शेयर 3.34 फीसदी टूटकर 244 रुपये पर बंद हुए. कंपनी के शेयर पिछले कुछ समय से दबाव में हैं. साल भर में स्टॉक 3.43 फीसदी ही चढ़ पाया है. हालांकि, लॉन्ग टर्म में स्टॉक ने अच्छा प्रदर्शन किया है. 3 साल में 60 फीसदी और 5 साल में 265 फीसदी का रिटर्न दिया है. कंपनी का मार्केट कैप 8,133 करोड़ रुपये दर्ज किया गया है.

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डिस्क्लेमर: Money9live किसी स्टॉक, म्यूचुअल फंड, आईपीओ में निवेश की सलाह नहीं देता है. यहां पर केवल स्टॉक्स की जानकारी दी गई है. निवेश से पहले अपने वित्तीय सलाहकार की राय जरूर लें.

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