FMCG से लेकर एग्री कंपनियों तक… गांवों में खपत लौटने से इन 4 कंपनियों की मौज, रेवेन्यू में 22% तक की बढ़ोतरी

ग्रामीण परिवार सिर्फ खाने-पीने पर ही नहीं, बल्कि गाड़ियों, घर सुधार और रोजमर्रा की गैर-जरूरी चीजों पर भी ज्यादा खर्च कर रहे हैं. इस बदले माहौल में कई कंपनियों को सीधा फायदा मिल रहा है. मजबूत बैलेंस शीट, बेहतर बिक्री और साफ वित्तीय स्थिति वाली चुनिंदा कंपनियां इस ट्रेंड का लाभ उठा रही हैं.

4 Indian stocks Image Credit: Money9 live

4 Indian stocks: भारत के गांवों और छोटे कस्बों में खपत तेजी से लौट रही है. लंबे समय तक सुस्ती के बाद ग्रामीण अर्थव्यवस्था फिर से गति पकड़ रही है. खेतों में बेहतर इनकम, सरकारी योजनाओं, कम महंगाई और आसान कर्ज ने गांवों में खर्च बढ़ाया है. नतीजा यह है कि अब ग्रामीण बाजार शहरों से भी तेज बढ़ रहा है. नाबार्ड का ग्रामीण आर्थिक स्थिति और भावना सर्वेक्षण के मुताबिक सितंबर तिमाही में ग्रामीण क्षेत्रों में FMCG खपत 7.7 फीसदी बढ़ी, जबकि शहरी खपत सिर्फ 3.7 फीसदी रही. इसका मतलब साफ है कि मांग का केंद्र अब गांव बन रहा है.

ग्रामीण परिवार सिर्फ खाने-पीने पर ही नहीं, बल्कि गाड़ियों, घर सुधार और रोजमर्रा की गैर-जरूरी चीजों पर भी ज्यादा खर्च कर रहे हैं. इस बदले माहौल में कई कंपनियों को सीधा फायदा मिल रहा है. मजबूत बैलेंस शीट, बेहतर बिक्री और साफ वित्तीय स्थिति वाली चुनिंदा कंपनियां इस ट्रेंड का लाभ उठा रही हैं. इसी आधार पर चार भारतीय शेयर चुने गए हैं जो ग्रामीण खपत के बढ़ते 250 अरब डॉलर के बाजार से सबसे ज्यादा लाभ उठा सकते हैं.

हिंदुस्तान यूनिलीवर

हिंदुस्तान यूनिलीवर देश की सबसे बड़ी FMCG कंपनी है. सितंबर तिमाही में उसके नतीजे कमजोर रहे. बिक्री 2 प्रतिशत बढ़कर 16,241 करोड़ रुपये रही. GST में बदलाव से करीब 40 फीसदी उत्पाद 5 फीसदी टैक्स स्लैब में आ गए. इससे ट्रेड में अस्थायी मंदी आई और खरीद टल गई. कंपनी ने ब्रांड प्रचार पर ज्यादा खर्च किया. इससे मार्जिन दबाव में आया. हालांकि नवंबर से मांग सुधरने लगी है. पिछले एक साल में शेयर करीब 0.7 प्रतिशत ही बढ़ा है.

महिंद्रा एंड महिंद्रा

महिंद्रा एंड महिंद्रा ने शानदार प्रदर्शन किया. सितंबर तिमाही में रेवेन्यू 22 फीसदी बढ़कर 46106 करोड़ रुपये पहुंचा. मुनाफा 28 फीसदी बढ़ा. ट्रैक्टर बिक्री 32 फीसदी बढ़ी क्योंकि किसानों की इनकम बेहतर हुई. फार्म बिजनेस का मुनाफा 54 फीसदी बढ़ा. SUV बिक्री भी 13 फीसदी बढ़ी और निर्यात लगभग 40 फीसदी बढ़ा. इलेक्ट्रिक वाहन कुल बिक्री का 8.7 फीसदी रहे. कंपनी को उम्मीद है कि ग्रामीण मांग मजबूत रहेगी. एक साल में शेयर 26.7 प्रतिशत चढ़ा है.

फिनोलेक्स इंडस्ट्रीज

फिनोलेक्स PVC पाइप और रेजिन बनाती है. सितंबर तिमाही में कुल बिक्री मात्रा 6 फीसदी घटी, लेकिन रेवेन्यू 4 फीसदी बढ़ा. गैर-कृषि प्रोडक्ट की हिस्सेदारी 44 प्रतिशत हो गई, जिससे मुनाफा सुधरा. नेट प्रॉफिट 119 करोड़ रुपये रहा, जो पिछले साल से 133 फीसदी ज्यादा है. कंपनी के पास करीब 2,360 करोड़ रुपये का नेट कैश है. मैनेजमेंट को उम्मीद है कि बारिश का असर खत्म होने पर मांग सुधरेगी. हालांकि पिछले साल शेयर 16 फीसदी गिरा है.

चोलामंडलम फाइनेंस

चोलामंडलम फाइनेंस ने भी अच्छा प्रदर्शन किया. सितंबर तिमाही में कुल इनकम 21 प्रतिशत बढ़कर 7,590 करोड़ रुपये रही. मुनाफा 20 प्रतिशत बढ़कर 1,155 करोड़ रुपये पहुंचा. एसेट अंडर मैनेजमेंट 2.1 लाख करोड़ रुपये के पार हो गया. गांवों में ट्रैक्टर, पुरानी गाड़ियों और छोटे ट्रकों के लिए कर्ज बढ़ा. हालांकि खराब कर्ज 4.5 प्रतिशत तक बढ़ा, लेकिन पूंजी पर्याप्त रही. पिछले एक साल में शेयर 36.2 प्रतिशत उछला है.

कंपनीEV/EBITDA Ratio5 Year Median EV/EBITDAROCE
हिंदुस्तान यूनिलीवर35.338.327.8%
महिंद्रा एंड महिंद्रा14.812.413.9%
फिनोलेक्स इंडस्ट्रीज15.217.48.8%
चोलामंडलम फाइनेंस15.916.010.3%

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