सोमवार को ईरान-इजराइल युद्ध का बाजार पर दिखेगा असर, कच्चे तेल की कीमतों में उछाल के संकेत; खामनेई की मौत से गहराया संकट
ईरान, अमेरिका और इजराइल के बीच बढ़ते सैन्य तनाव का असर अब वैश्विक बाजारों पर दिखने लगा है. संयुक्त हमलों और ईरान की जवाबी कार्रवाई के बीच हालात गंभीर बने हुए हैं. सोमवार को जब भारतीय शेयर बाजार खुलेंगे, तो निवेशकों की नजरें तेल कीमतों और भू-राजनीतिक घटनाक्रम पर टिकी रहेंगी, जिससे बाजार में तेज उतार-चढ़ाव संभव है.
Sensex Nifty after Israel Iran War: ईरान, अमेरिका और इजराइल के बीच बढ़ते सैन्य तनाव का असर अब वैश्विक बाजारों पर साफ दिखाई देने लगा है. सोमवार को भारतीय शेयर बाजार पर भी इसका असर दिख सकता है. शनिवार को अमेरिका और इजराइल द्वारा ईरान पर संयुक्त सैन्य कार्रवाई के बाद स्थिति और गंभीर हो गई है. ऐसे में जब सोमवार, 2 मार्च को भारतीय शेयर बाजार खुलेंगे, तो निवेशकों की नजरें इसी घटनाक्रम पर टिकी रहेंगी. अगर हालात नहीं सुधरे तो बाजार में तेज उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है.
सोमवार को बाजार में दिख सकती है घबराहट
सोमवार को बाजार खुलते ही शुरुआती झटका देखने को मिल सकता है. अगर तनाव जारी रहता है तो पूरे सप्ताह बाजार में भारी उतार-चढ़ाव बना रह सकता है. हालांकि, यदि हालात में सुधार या तनाव कम होने के संकेत मिलते हैं, तो बाजार में राहत की रैली भी देखने को मिल सकती है.
पहले से ही दबाव में है भारतीय बाजार
पिछले कुछ हफ्तों से भारतीय शेयर बाजार में अस्थिरता बनी हुई है. अमेरिका की टैरिफ नीति को लेकर अनिश्चितता, एआई सेक्टर में वैल्यूएशन की चिंता और लगातार भू-राजनीतिक तनाव ने निवेशकों को सतर्क बना रखा है. ऐसे में मध्य पूर्व का यह नया तनाव बाजार के लिए अतिरिक्त दबाव पैदा कर सकता है.
कच्चा तेल बना सबसे बड़ा खतरा
इस पूरे घटनाक्रम में सबसे बड़ा जोखिम कच्चे तेल की कीमतों से जुड़ा है. अगर हालात बिगड़ते हैं और तेल की सप्लाई प्रभावित होती है, तो अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमतें तेजी से बढ़ सकती हैं. यदि सप्लाई बाधित हुई तो तेल की कीमत 80 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच सकती है. भारत के लिए यह चिंता की बात है क्योंकि कच्चा तेल देश का सबसे बड़ा आयात है.
होर्मुज जलडमरूमध्य पर टिकी दुनिया की नजर
सबसे संवेदनशील इलाका होर्मुज जलडमरूमध्य माना जा रहा है. यह समुद्री मार्ग दुनिया की करीब 20% तेल आपूर्ति को संभालता है. रिपोर्ट्स के मुताबिक, भारत का लगभग 50% कच्चा तेल और करीब 60% एलएनजी आयात इसी रास्ते से आता है. यदि इस मार्ग पर कोई बाधा आती है, तो भारत की अर्थव्यवस्था पर इसका सीधा और बड़ा असर पड़ सकता है. फिलहाल स्थिति पर दुनिया भर की नजर बनी हुई है और सभी देश तनाव कम करने की अपील कर रहे हैं.
अमेरिका–इजराइल का ईरान पर हमला, बढ़ा तनाव
शनिवार तड़के अमेरिका और इजराइल ने ईरान के सैन्य और परमाणु ठिकानों को निशाना बनाकर हमले किए. तेहरान सहित कई इलाकों में धमाकों की आवाज सुनी गई. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक वीडियो संदेश में कहा कि अमेरिका ने बड़े सैन्य अभियान की शुरुआत की है ताकि ईरान से उत्पन्न खतरे को खत्म किया जा सके. वहीं इजराइल ने इसे अपनी सुरक्षा के लिए उठाया गया पहले से किया गया हमला बताया है. दूसरी ओर, ईरान ने जवाबी कार्रवाई की चेतावनी दी है और मिसाइल हमलों की शुरुआती खबरें भी सामने आई हैं. रविवार की सुबह तक ईरान के सर्वोच्य नेता खामनेई की मौत से अनिश्चितता और बढ़ गई है.
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