इन सेंटीमेंट्स ने बदला निवेशकों का मूड, बेचने लगे शेयर; जानें क्यों 500 अंक टूटा सेंसेक्स

कमजोर वैश्विक संकेत, Nvidia के बाद टेक शेयरों में दबाव, ईरान को लेकर बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव और विदेशी निवेशकों की बिकवाली के कारण भारतीय शेयर बाजार में गिरावट देखी गई. सेंसेक्स 500 अंक से ज्यादा टूटा जबकि निफ्टी 25,300 के नीचे तक फिसल गया. अधिकांश सेक्टरों में व्यापक बिकवाली रही.

बाजार में गिरावट Image Credit: Canva & AI

Why is stock market falling: 27 फरवरी (शुक्रवार) को भारतीय शेयर बाजार में गिरावट का माहौल देखने को मिल रहा है. कमजोर वैश्विक संकेतों और ईरान को लेकर बढ़ते जियो-पॉलिटिकल तनाव के बीच निवेशकों ने सतर्क रुख अपनाते हुए शेयरों की बिकवाली शुरू कर दी जिससे इंडेक्स पर दबाव दिखा. सुबह 11:28 बजे तक बीएसई सेंसेक्स 524 अंक टूटकर 81,723 के स्तर पर कारोबार कर रहा था. वहीं एनएसई निफ्टी 200.60 अंक फिसलकर 26,026 पर आ गया. शुरुआती कारोबार से ही बाजार में कमजोरी बनी रही और बिकवाली का दबाव प्रमुख सेक्टरों में देखने को मिला. बैंकिंग और ऑटो शेयरों में भारी बिकवाली रही. आइये जानते हैं कि इस गिरावट के प्रमुख कारण क्या हैं?

सेंसेक्स के शेयरों का हाल

गिरावट के प्रमुख कारण

कमजोर ग्लोबल संकेत

अमेरिकी बाजारों में रातभर भारी दबाव रहा, खासकर टेक्नोलॉजी शेयरों में बड़ी गिरावट रही. Nvidia के बेहतर नतीजों के बावजूद उसके शेयरों में 5.5% की गिरावट आई, क्योंकि निवेशकों की अपेक्षाएं बहुत ऊंची थीं. इसके चलते नैस्डैक में गिरावट आई और एशियाई बाजार भी लाल निशान में खुले. भारतीय बाजार पर इसका सीधा असर पड़ा, क्योंकि वैश्विक निवेशकों का मूड कमजोर रहा.

ट्रेड टैरिफ और जियो-पॉलिटिकल तनाव

वैश्विक स्तर पर ट्रेड टैरिफ को लेकर अनिश्चितता बनी हुई है. अमेरिका और अन्य देशों के बीच व्यापार नीतियों को लेकर स्पष्टता नहीं है. साथ ही ईरान और पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव ने कच्चे तेल की कीमतों और वैश्विक स्थिरता को लेकर चिंता बढ़ा दी है. ऐसे माहौल में निवेशक जोखिम वाले एसेट्स से दूरी बनाते हैं.

मुनाफावसूली और टेक्निकल कारण

हाल के दिनों में बाजार में अच्छी तेजी देखने को मिली थी. इस तेजी के बाद निवेशकों ने ऊंचे स्तरों पर मुनाफावसूली शुरू कर दी. एक्सपर्ट के मुताबिक, बाजार फिलहाल रेंज-बाउंड है और “रैली में बेचो, गिरावट में खरीदो” की रणनीति चल रही है. टेक्निकल चार्ट पर भी कुछ प्रमुख रेजिस्टेंस स्तरों के पास दबाव दिखा.

व्यापक सेक्टोरल बिकवाली

गिरावट सिर्फ एक-दो सेक्टर तक सीमित नहीं रही, बल्कि लगभग सभी प्रमुख सेक्टरों में बिकवाली देखने को मिली.

  • ऑटो, बैंकिंग और फाइनेंशियल शेयरों में दबाव
  • FMCG और मेटल सेक्टर में कमजोरी
  • रियल्टी, फार्मा और ऑयल एंड गैस में गिरावट

विदेशी निवेशकों की बिकवाली

हाल के सत्र में विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs) ने बड़ी मात्रा में बिकवाली की. 26 फरवरी को FIIs ने करीब 3,466 करोड़ रुपये की शुद्ध बिकवाली की. हालांकि घरेलू संस्थागत निवेशक (DIIs) खरीदार रहे, लेकिन FII दबाव ने बाजार की धारणा कमजोर कर दी.

बढ़ती अस्थिरता और सतर्कता

India VIX 13.44 तक पहुंच गया है. इसमें उछाल से यह संकेत मिला कि बाजार में घबराहट बढ़ रही है. साथ ही निवेशक घरेलू GDP आंकड़ों और आगे आने वाले वैश्विक संकेतों से पहले सतर्क रुख अपना रहे हैं.