E-Bus की रेस में नया स्टार, Tata Motors-Ashok Leyland जैसे दिग्गज को दे रही है चुनौती, 1 महीने में 36% का रिटर्न
दुनियाभर में इलेक्ट्रिक बस बाजार बहुत बड़ा है और आने वाले समय में और तेजी से बढ़ेगा. चीन इस क्षेत्र में आगे है, लेकिन भारत, यूरोप और लैटिन अमेरिका भी तेजी से आगे बढ़ रहे हैं. इस सेक्टर में मौके बड़े हैं, लेकिन जोखिम भी हैं. ओलेक्ट्रा जैसी कंपनियां तेजी से बढ़ सकती हैं.
Olectra Greentech: भारत में इलेक्ट्रिक बसों का बाजार तेजी से बढ़ रहा है और आने वाले सालों में यह एक बड़ा सेक्टर बन सकता है. सरकार की नीतियां, बढ़ती ईंधन कीमतें और पर्यावरण को लेकर बढ़ती जागरूकता इस बदलाव को और तेज कर रही हैं. अभी यह बाजार शुरुआती दौर में है, लेकिन इसमें बड़ी कंपनियों के साथ कुछ छोटी कंपनियां भी तेजी से अपनी जगह बना रही हैं.
खास बात यह है कि कुछ स्मॉलकैप कंपनियां अब टाटा मोटर्स और अशोक लेलैंड जैसे बड़े खिलाड़ियों को सीधी चुनौती दे रही हैं. इनमें ओलेक्ट्रा ग्रीनटेक का नाम तेजी से उभर रहा है. हालांकि इस सेक्टर में ग्रोथ के साथ चुनौतियां भी कम नहीं हैं. ऐसे में निवेशकों के लिए यह समझना जरूरी है कि भविष्य में कौन आगे निकल सकता है.
भारत में तेजी से बढ़ रहा ई-बस बाजार
भारत का इलेक्ट्रिक बस बाजार अभी छोटा है, लेकिन तेजी से बढ़ रहा है. 2026 में इसका आकार करीब 1.4 बिलियन डॉलर है और 2030 तक यह 2.5 बिलियन डॉलर के आसपास पहुंच सकता है. शुरुआती सालों में इसमें 60 प्रतिशत से ज्यादा की ग्रोथ देखी गई है. अभी कुल बस बिक्री में ई-बस की हिस्सेदारी करीब 4.5 प्रतिशत है.

ओलेक्ट्रा ग्रीनटेक की मजबूत पकड़
ओलेक्ट्रा ग्रीनटेक इस सेक्टर की प्रमुख कंपनी है. यह इलेक्ट्रिक बस और इंसुलेटर दोनों बिजनेस में काम करती है. कंपनी ने BYD के साथ साझेदारी की है, जिससे उसे तकनीकी बढ़त मिलती है. कंपनी को हाल ही में तेलंगाना से 1800 करोड़ रुपये का बड़ा ऑर्डर मिला है. इसके अलावा हिमाचल प्रदेश से भी ऑर्डर मिला है. कंपनी अपनी मैन्युफैक्चरिंग क्षमता भी तेजी से बढ़ा रही है.
हालांकि कंपनी की कमाई बढ़ रही है, लेकिन मुनाफे पर दबाव है. बैटरी और अन्य पार्ट्स की लागत बढ़ गई है. बड़े ऑर्डर पूरे करने में खर्च ज्यादा हो रहा है. इसी वजह से कंपनी का नेट प्रॉफिट ज्यादा नहीं बढ़ पाया है. हालांकि शेयर ने एक महीने में 36 प्रतिशत की तेजी दिखाई है.

Olectra Greentech की फाइनेंसियल पर डालें नजर
| सूचक (Indicator) | दिसंबर 2025 (Dec’25) | सितंबर 2025 (Sep’25) |
|---|---|---|
| टोटल रेवेन्यू | 657.9 | 651.4 |
| ऑपरेटिंग एक्सपेंस | 565.6 | 558.7 |
| ऑपरेटिंग प्रॉफिट | 88.8 | 88.4 |
| ऑपरेटिंग प्रॉफिट मार्जिन (%) | 13.57% | 13.66% |
| Depreciation | 9.2 | 8.8 |
| ब्याज (Interest) | 19.3 | 12.6 |
| Profit Before Tax | 63.8 | 71.3 |
| टैक्स | 16.7 | 18.6 |
| नेट प्रॉफिट | 47.1 | 52.8 |
अशोक लेलैंड और टाटा मोटर्स की मजबूत रणनीति
अशोक लेलैंड और टाटा मोटर्स इस सेक्टर में एक मजबूत और भरोसेमंद खिलाड़ी है. अशोक लेलैंड ने अपनी सब्सिडियरी के जरिए इलेक्ट्रिक बस बिजनेस में एंट्री ली है और तेजी से विस्तार कर रही है. कंपनी ने अब तक हजारों इलेक्ट्रिक बसें बेच दी हैं और करीब 25 प्रतिशत बाजार हिस्सेदारी हासिल की है. इसके अलावा कंपनी का पारंपरिक बिजनेस भी मजबूत है, जो उसे स्थिरता देता है. वहीं टाटा मोटर्स की भी इस सेक्टर में मजबूत पकड़ है.
ओलेक्ट्रा ग्रीनटेक vs अशोक लेलैंड vs अन्य
| कंपनी | P/E | डिविडेंड यील्ड(%) | ROCE (%) |
| ओलेक्ट्रा ग्रीनटेक | 69.64 | 0.03 | 20.52 |
| अशोक लेलैंड | 28.03 | 1.82 | 14.26 |
| टाटा मोटर्स कमर्शियल वाहन | 347.55 | – | – |
| JBM ऑटो | 68.15 | 0.15 | 14.20 |
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