Closing Bell: सेंसेक्स और निफ्टी 1% से अधिक टूटे, निवेशकों के 6 लाख करोड़ खाक, लाल निशान में सभी सेक्टर्स
Closing Bell: इंट्राडे कारोबार में सेंसेक्स 800 अंकों से अधिक टूटा, जबकि निफ्टी 24,700 से नीचे चला गया. सेशन के दौरान मिड और स्मॉल-कैप सेगमेंट में एक फीसदी तक की गिरावट आई. एफआईआई और डीआईआई दोनों ने एक साथ शेयर बेचे.
Closing Bell: मिले-जुले वैश्विक संकेतों के बीच मंगलवार 20 मई को भारतीय शेयर बाजार के प्रमुख इंडेक्स में गिरावट दर्ज की गई. इंट्राडे कारोबार में सेंसेक्स 800 अंकों से अधिक टूटा, जबकि निफ्टी 24,700 से नीचे चला गया. बिकवाली का यह दौर व्यापक था, क्योंकि सेशन के दौरान मिड और स्मॉल-कैप सेगमेंट में एक फीसदी तक की गिरावट आई. आज के कारोबार में 92 शेयरों ने 52-वीक के हाई लेवल को हिट किया. 28 शेयर 52 वीक के लो लेवल पर चले गए. सेंसेक्स, निफ्टी 1 फीसदी से अधिक की गिरावट के साथ बंद हुए.
सेंसेक्स 872.98 अंक या 1.06 फीसदी की गिरावट के साथ 81,186.44 पर बंद हुआ. निफ्टी 261.55 अंक या 1.05 फीसदी की गिरावट के साथ 24,683.90 पर क्लोज हुआ. लगभग 1398 शेयरों में बढ़त दर्ज की गई, 2415 शेयरों में गिरावट दर्ज की गई और 127 शेयरों में कोई बदलाव नहीं हुआ.
मिडकैप और स्मॉलकैप में गिरावट
ब्रॉडर मार्केट में मिडकैप और स्मॉलकैप में लगभग 1 से 1.60 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई. इंडिया VIX 0.12% पर नजर आया. ऑटो सेक्टर में सबसे ज्यादा गिरावट दर्ज की गई. बाजार में आई आज गिरावट से निवेशकों को 6 लाख करोड़ रुपये का नुकसान हुआ.
बीएसई-लिस्टेड फर्मों का संचयी मार्केट कैप पिछले सत्र के लगभग 444 लाख करोड़ रुपये से घटकर लगभग 438 लाख करोड़ रुपये हो गया, जिससे निवेशकों को एक ही सत्र में लगभग 6 लाख करोड़ रुपये का नुकसान हुआ.
बाजार में आज
- निफ्टी बैंक 543 अंक गिरकर 54,877 पर आ गया, जिसमें एचडीएफसी सबसे आगे रहा.
- मिडकैप इंडेक्स 923 अंक गिरकर 56,183 पर आ गया.
- निफ्टी पर इटरनल सबसे अधिक नुकसान वाला काउंटर रहा. एफआईआई होल्डिंग कैप के लिए शेयरधारक की मंजूरी के बाद 4 फीसदी की गिरावट आई.
- ऑटो ने सोमवार की बढ़त को पलट दिया, निफ्टी के 4 सबसे अधिक नुकसान वाले में से 3 ऑटो स्टॉक रहे.
- डिफेंस स्टॉक में लगातार दूसरे दिन गिरावट आई. ये 2 से 8 फीसदी तक टूटे.
सभी सेक्टरों में, निफ्टी बैंक, वित्तीय सेवाएं, फार्मा और FMCG में 1-1.5% की गिरावट आई, जबकि निफ्टी ऑटो में 2.2% की गिरावट आई.
विदेशी निवेशकों की बिकवाली
फॉरेन इंस्टीट्यूशनल इन्वेस्टर्स (FII) ने सतर्कता बरतते हुए 19 मई को 526 करोड़ रुपये निकाले, जबकि घरेलू संस्थागत निवेशकों (DII) ने भी 238 करोड़ रुपये की शुद्ध बिकवाली की. यह एक महीने से अधिक समय में पहला मौका था जब एफआईआई और डीआईआई दोनों ने एक साथ शेयर बेचे.
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