पांडवों ने छीनी TCS की बादशाहत, 14 साल बाद हिला सिंहासन; ऐसे बिगड़ गई वैल्यूएशन की चाल
टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (TCS) का 14 साल का दबदबा अब खत्म होता नजर आ रहा है. इंफोसिस और एचसीएलटेक जैसी कंपनियां अब उसे कड़ी चुनौती दे रही हैं. P/E रेशियो और बाजार मार्केट कैप के मामले में TCS पिछड़ गई है. निवेशक अब TCS के शेयरों को उतनी ऊंची कीमत देने को तैयार नहीं हैं, जितनी उसके प्रतिद्वंद्वियों के लिए दे रहे हैं.
TCS Loses Valutation: देश की सबसे बड़ी IT कंपनी TCS (Tata Consultancy Services) के बादशाहत को अब चुनौती मिल रही है. वैल्यूएशन के मामले में कंपनी पिछले 14 साल से टॉप पर थी. लेकिन लंबे समय से कायम प्रभुत्व को अब Infosys और HCLTech, Wipro और Tech Mahindra जैसी कंपटीटर कंपनियां चुनौती दे रही है. टीसीएस फिलहाल 22.8 के P/E रेशियो पर ट्रेड कर रही है, जो इंफोसिस के 22.9 और एचसीएलटेक के 25.5 से कम है. इसका सीधा अर्थ यह है कि बाजार टीसीएस के शेयर के लिए उतनी ऊंची कीमत देने को तैयार नहीं है जितनी उसके प्रतिस्पर्धियों के लिए दे रहा है.
P/E रेशियो ने लगाया 11% गोता
BS की एक रिपोर्ट के अनुसार साल 2011 से लेकर 2025 के शुरुआत तक टीसीएस 25.5 के P/E रेशियो पर ट्रेड हो रही थी, जो इंडस्ट्री के 22.2 P/E रेशियो से 15 फीसदी प्रीमियम पर कारोबार कर रही थी. 13 नवंबर को इसका P/E रेशियो 22.80 है. यानी 14 साल के 25.5 के P/E रेशियो से लगभग 12 फीसदी नीचे ट्रेड कर रहा है. 2011 से 2025 के बीच कंपनी का औसत वैल्यूएशन Infosys से 18 फीसदी अधिक, तो वहीं HCLTech से 38 फीसदी अधिक रहा है.
TCS के मार्केट कैप में गिरावट
अब टॉप 5 आईटी कंपनियों की कुल मार्केट कैप में TCS की हिस्सेदारी 43.4 फीसदी है. मार्च 2020 में इसकी हिस्सेदारी 55 फीसदी थी. यानी मार्केट कैप के मोर्चे पर भी कंपनी को नुकसान हुआ है. बुधवार को बाजार बंद होने के बाद इसका मार्केट कैप 11.3 ट्रिलियन रुपये रहा. वहीं टॉप 5 कंपनियों का कुल मार्केट कैप 26.1 ट्रिलियन रुपये था.
पिछले साल सितंबर के महीनें में टीसीएस का मार्केट कैप 15.44 ट्रिलियन रुपये था. दिसंबर 2024 में टॉप 5 आईटी कंपनियों का मार्केट कैप 32.67 ट्रिलियन रुपये था, जो गिरकर 26.1 ट्रिलियन रुपये पर पहुंच गया. साल 2024 के सितंबर महीने में टीसीएस का P/E रेशियो 32.6 था, जो गिरकर 22.5 पहुंच गया है. वहीं टॉप 5 आईटी कंपनियों का P/E रेशियो 30.4 था.
TCS के वैल्यूएशन में गिरावट की वजह?
टीसीएस के वैल्यूएशन में गिरावट की एक वजह कंपनी का सिकुड़ता मुनाफा है. पिछले चार तिमाही में कंपनी का मुनाफा 4.4 फीसदी की दर से बढ़ा है, तो वहीं कॉम्पटीटर कंपनियों का मुनाफा 6 फीसदी की दर से बढ़ा है.
27% फिसला TCS का मार्केट कैप
महामारी के बाद आईटी कंपनियों के शेयरों में तेज उछाल देखने को मिला था, लेकिन पिछले कुछ समय से पूरे सेक्टर में गिरावट का दौर चल रहा है. इस गिरावट का सबसे ज्यादा असर टीसीएस पर पड़ा है. सितंबर पिछले साल कंपनी अपने लाइफटाइम हाई पर थी, लेकिन तब से अब तक उसके मार्केट कैप में लगभग 27 फीसदी की कमी आ चुकी है. इसका मतलब यह है कि निवेशक अब टीसीएस को पहले जैसी ऊंची कीमत देने को तैयार नहीं हैं और कंपनी का मूल्यांकन बाकी आईटी कंपनियों की तुलना में ज्यादा तेजी से घटा है. वहीं टॉप 5 कंपनियों के मार्केट कैप दिसंबर के हाई से 20 फीसदी तक नीचे है.
शेयर का हाल
गुरुवार को बाजार के बाद TCS के शेयर में गिरावट दर्ज की गई है. इसके शेयर के भाव में 12 रुपये से अधिक की गिरावट दर्ज की गई है. इस गिरावट के बाद इसके शेयर की कीमत 3120 रुपये है. रिटर्न के मोर्चे पर भी निवेशकों को निराशा हाथ लगी है. पांच साल में औसत रिटर्न केवल 17.5 फीसदी रहा है.

डिस्क्लेमर: Money9live किसी स्टॉक, म्यूचुअल फंड, आईपीओ में निवेश की सलाह नहीं देता है. यहां पर केवल स्टॉक्स की जानकारी दी गई है. निवेश से पहले अपने वित्तीय सलाहकार की राय जरूर लें.
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