पैसा छापने में चांदी का भी बाप है ये रेलवे स्टॉक! 5 साल में ₹1 लाख को बनाया ₹15 लाख, अब कमाई का नया इंजन भी चालू
इस रेलवे स्टॉक ने बीते 5 साल में 1500 फीसदी से ज्यादा रिटर्न देकर चांदी जैसे सुरक्षित निवेश को भी पीछे छोड़ दिया है. मजबूत ऑर्डर बुक, वेगन प्रोडक्शन की रफ्तार और लीजिंग बिजनेस की एंट्री इस स्टॉक को फिर चर्चा में ला रही है. यही कारण है कि इस स्टॉक का प्रदर्शन चांदी- जिसने पिछले कुछ सालों में दमदार रिटर्न दिया है, उसे भी पीछे छोड़ दिया है.
Titagarh Rail Systems vs Silver Return: शेयर बाजार में बहुत कम ऐसे स्टॉक्स होते हैं, जो कम समय में निवेशकों की किस्मत पूरी तरह बदल देते हैं. Titagarh Rail Systems Ltd उन्हीं चुनिंदा स्टॉक्स में शामिल हो चुका है. बीते 5 साल में इस शेयर ने जो रिटर्न दिया है, उसने सोना-चांदी जैसे परंपरागत निवेश के विकल्पों को भी पीछे छोड़ दिया है. मालूम होगा कि पिछले कुछ महीनों से चांदी की कीमत में किस कदर तेजी देखी गई है. लेकिन इस स्टॉक ने चांदी की तेजी को भी फीकी साबित कर दिया है. आज यह स्टॉक 788.70 रुपये के भाव पर कारोबार कर रहा है, जबकि कंपनी का मार्केट कैप 10,969 करोड़ रुपये तक पहुंच चुका है. जिस निवेशक ने 5 साल पहले इस शेयर में भरोसा दिखाया, उसके लिए यह निवेश आज किसी खजाने से कम नहीं है.
5 साल में 1 लाख रुपये बना करीब 15 लाख
टीटागढ़ रेल सिस्टम्स ने पिछले 5 साल में निवेशकों को 1,498.79 फीसदी यानी तकरीबन 1500 फीसदी का जबरदस्त रिटर्न दिया है. इसका सीधा गणित यह बताता है कि अगर किसी निवेशक ने 5 साल पहले इसमें 1 लाख रुपये लगाए होते तो आज उसकी वैल्यू बढ़कर लगभग 15 लाख रुपये के करीब पहुंच चुकी होती यही वजह है कि बाजार में अब यह स्टॉक मजाक नहीं, बल्कि हकीकत में “चांदी का भी बाप” कहलाने लगा है. जहां 5 साल में चांदी की कीमत करीब 190–200 फीसदीही बढ़ी, वहीं इस रेलवे शेयर ने निवेशकों को 1500 फीसदी से ज्यादा रिटर्न दे दिया.
व्हीलसेट संकट खत्म, प्रोडक्शन फिर पकड़ा रफ्तार!
पिछले कुछ महीनों से टीटागढ़ रेल सिस्टम्स के बिजनेस पर एक बड़ा ब्रेक लग गया था. इसकी सबसे बड़ी वजह थी व्हीलसेट की भारी किल्लत. रेलवे वेगन बनाने के लिए व्हीलसेट सबसे जरूरी पार्ट होता है और इसकी कमी की वजह से कंपनी का प्रोडक्शन बुरी तरह प्रभावित हुआ. कंपनी का कहना है कि अब यह संकट लगभग खत्म हो चुका है. इसके बाद प्रोडक्शन दोबारा सामान्य हो गया है.
अब कंपनी हर महीने 800 से 850 वेगन बनाने की क्षमता पर काम कर रही है. पिछले दो तिमाहियों में जो नुकसान हुआ था, उसकी भरपाई की उम्मीद अब आने वाले क्वार्टर में दिख रही है. यानी ऑपरेशनल मोर्चे पर कंपनी फिर से पटरी पर लौट चुकी है.
29,000 करोड़ रुपये की ऑर्डर बुक बनी कंपनी की सबसे बड़ी ताकत
टीटागढ़ रेल सिस्टम्स के पास इस समय लगभग 28,000 करोड़ रुपये से 29,000 करोड़ रुपये की मजबूत ऑर्डर बुक मौजूद है. यह ऑर्डर बुक बताती है कि आने वाले कई सालों तक कंपनी को काम की कोई कमी नहीं रहने वाली. रेलवे फ्रेट, मेट्रो प्रोजेक्ट्स, कोच और वेगन निर्माण जैसे बड़े सेक्टर में कंपनी लगातार अपनी मौजूदगी मजबूत कर रही है. लॉजिस्टिक्स सेक्टर में बढ़ती मांग का उसे सीधा फायदा मिल सकता है.
अब वेगन लीजिंग बिजनेस में भी उतरने की तैयारी
टीटागढ़ रेल सिस्टम्स अब सिर्फ वेगन बनाने वाली कंपनी नहीं रहना चाहती, बल्कि वह अब वेगन लीजिंग बिजनेस में उतरने जा रही है. यह बिजनेस मॉडल कंपनी के लिए गेमचेंजर साबित हो सकता है, क्योंकि इससे कंपनी को नियमित किराये की कमाई (Recurring Income) मिलेगी, सिर्फ ऑर्डर बेस्ड कमाई पर निर्भरता कम होगी और कैश फ्लो में स्थिरता आएगी. कंपनी के एक शीर्ष अधिकारी के मुताबिक लीजिंग बिजनेस के लिए लाइसेंस प्रक्रिया अब अंतिम चरण में है और इसके ऑपरेशनल ढांचे पर तेजी से काम किया जा रहा है.
कैसा था वित्तीय नतीजा?
हालांकि स्टॉक ने निवेशकों को लंबी अवधि में शानदार रिटर्न दिया है, लेकिन कंपनी के हालिया तिमाही नतीजे (Q2 FY26) थोड़े कमजोर जरूर रहे हैं. Q2 FY26 के प्रमुख वित्तीय आंकड़ों के मुताबिक, कंपनी का नेट प्रॉफिट 36.90 करोड़ रुपये दर्ज किया गया. सालाना आधार पर इसमें 54.27 फीसदी की गिरावट आई है. इससे इतर, कंपनी का रेवेन्यू 799.03 करोड़ रुपये दर्ज किया गया जो सालभर में 24.40 फीसदी कम है. ऑपरेटिंग मार्जिन में 177 बेसिस प्वाइंट की गिरावट है जिसके बाद यह 10.47 फीसदी पर है. इन सभी से अलग, क्वार्टर-ऑन-क्वार्टर ग्रोथ के मोर्चे पर कंपनी ने बढ़त दिखाई है. कंपनी का रेवेन्यू इस दौरान 17.63 फीसदी तक बढ़ा है. इस गिराटव के लिए मुख्य कारण के रूप में व्हीलसेट संकट को देखा जाता है. चूंकि, अब यह समस्या सुलझ चुकी है, तो आने वाले क्वार्टर में नतीजों में सुधार दिख सकती है.
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डिस्क्लेमर: Money9live किसी स्टॉक, म्यूचुअल फंड, आईपीओ में निवेश की सलाह नहीं देता है. यहां पर केवल स्टॉक्स की जानकारी दी गई है. निवेश से पहले अपने वित्तीय सलाहकार की राय जरूर लें.
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