अमेरिका-ईरान वार्ता बेनतीजा, क्या बाजार में लौटेगी गिरावट? एक्सपर्ट ने कहा- अहम स्तर पर निफ्टी, आगे क्या
अमेरिका-ईरान बातचीत बिना नतीजे खत्म होने से शेयर बाजार में अनिश्चितता बढ़ गई है. पिछले हफ्ते की तेजी के बाद अब निवेशक सतर्क हैं, क्योंकि कच्चे तेल की कीमतें, महंगाई के आंकड़े और Q4 नतीजे इस हफ्ते बाजार की दिशा तय करेंगे. जानें क्चा है एक्सपर्ट्स की राय.
US Iran Fails Talk Share Market: अमेरिका और ईरान के बीच हालिया बातचीत का बिना किसी समझौते के खत्म होना अब सीधे तौर पर शेयर बाजार की दिशा को प्रभावित कर सकता है. विश्लेषकों का मानना है कि सोमवार, 13 अप्रैल को बाजार खुलते ही निवेशकों की धारणा पर इसका दबाव दिख सकता है, खासकर ऐसे समय में जब पिछले हफ्ते बाजार ने जोरदार तेजी दिखाई थी.
कहां पहुंची ईरान-अमेरिका की बातचीत?
पाकिस्तान में हुई इस वार्ता से उम्मीद थी कि दोनों देशों के बीच तनाव कम होगा और बाजार को स्थिरता मिलेगी. लेकिन बातचीत का अंत बिना किसी ठोस नतीजे के हुआ, जिससे एक बार फिर अनिश्चितता बढ़ गई है. ईरान की ओर से कहा गया कि अमेरिकी पक्ष की “अत्यधिक मांगों” के कारण सहमति नहीं बन सकी, हालांकि यह भी संकेत दिया गया कि बातचीत के रास्ते पूरी तरह बंद नहीं हुए हैं. वहीं अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व कर रहे उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने साफ किया कि ईरान का अपने परमाणु कार्यक्रम से पीछे हटने को तैयार न होना समझौते में सबसे बड़ी बाधा रहा. उन्होंने यह भी कहा कि अमेरिका ने अपनी ओर से “आखिरी और सबसे बेहतर प्रस्ताव” दिया था, जिसे ईरान ने स्वीकार नहीं किया.
बाजार पर पड़ेगा इस वार्ता का असर!
इस घटनाक्रम का असर बाजार पर पड़ना लगभग तय माना जा रहा है. पिछले हफ्ते युद्ध विराम की खबर और कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट के चलते सेंसेक्स और निफ्टी में जबरदस्त उछाल आया था. सेंसेक्स 4,000 से ज्यादा अंक चढ़ा, जबकि निफ्टी भी करीब 6 फीसदी तक मजबूत हुआ. लेकिन अब हालात बदलते नजर आ रहे हैं.
क्या है एक्सपर्ट्स की राय?
मार्केट एक्सपर्ट्स का कहना है कि निफ्टी फिलहाल एक अहम मोड़ पर खड़ा है. लाइवलॉन्ग वेल्थ के फाउंडर और रिसर्च एनालिस्ट हरिप्रसाद के ने कहा, 24,000 के स्तर को पार करने के बाद बाजार में काफी क्रिटिकल पाइंट पर दिख रहा था, लेकिन अब इस असफल वार्ता के बाद फिर से उतार-चढ़ाव बढ़ सकता है. शुरुआती कारोबार में बाजार में गिरावट के साथ शुरुआत होने की आशंका जताई जा रही है, जिससे हालिया तेजी का कुछ हिस्सा मिट सकता है.
4 दिन ही होगी ट्रेडिंग
इस हफ्ते वैसे भी ट्रेडिंग दिन कम रहेंगे क्योंकि मंगलवार यानी 14 अप्रैल को अंबेडकर जयंती के कारण बाजार बंद रहेगा. ऐसे में कम समय में ज्यादा घटनाएं बाजार को प्रभावित कर सकती हैं. कच्चे तेल की कीमतों पर भी निवेशकों की नजर बनी रहेगी, क्योंकि इसमें किसी भी तरह की तेजी सीधे महंगाई और कॉर्पोरेट मार्जिन पर असर डाल सकती है.
ये फैक्टर्स भी अहम
इसके अलावा, चौथी तिमाही के नतीजों का सीजन भी शुरू हो रहा है. विप्रो, एचडीएफसी बैंक और आईसीआईसीआई बैंक जैसी बड़ी कंपनियों के नतीजे बाजार की दिशा तय करने में अहम भूमिका निभाएंगे. साथ ही, खुदरा (CPI) और थोक (WPI) महंगाई के आंकड़े भी निवेशकों के लिए अहम संकेत देंगे. विदेशी निवेशकों का रुख भी चिंता का विषय बना हुआ है. इस महीने अब तक उन्होंने भारतीय बाजार से 48000 करोड़ रुपये से ज्यादा की रकम निकाली है, जिससे बाजार पर अतिरिक्त दबाव बना हुआ है.
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