फिर पड़ेगी टैरिफ की मार! ट्रंप प्रशासन इसे 15% तक बढ़ाने की कर रहा तैयारी, अमेरिकी ट्रेजरी सेक्रेटरी ने दिए संकेत
अमेरिका दुनिया भर से आने वाले सामान पर लगाए गए ग्लोबल टैरिफ को बढ़ाकर 15% करने की तैयारी में है. अमेरिकी ट्रेजरी सेक्रेटरी स्कॉट बेसेंट के मुताबिक यह फैसला जल्द लागू हो सकता है और फिलहाल लागू 10% टैरिफ को बढ़ाया जाएगा. सुप्रीम कोर्ट द्वारा पहले लगाए गए व्यापक टैरिफ को अवैध करार देने के बाद ट्रंप प्रशासन ने अपनी रणनीति बदली है.
Trump Tariff: अमेरिका की ओर से दुनिया भर से आने वाले सामान पर लगाए गए ग्लोबल टैरिफ से अभी तमाम देश उबर भी नहीं पाए थे, कि ट्रंप प्रशासन दोबारा इसे बढ़ाने की तैयारी में है. इस बात का संकेत खुद अमेरिकी ट्रेजरी सेक्रेटरी स्कॉट बेसेंट ने संकेत दिया है. उनके मुताबिक अमेरिकी सरकार ग्लोबल टैरिफ को जल्द बढ़ाकर 15% कर सकती है. इससे पहले अधिकांश देशों से आने वाले आयात पर 10% का टैरिफ लागू है.
CNBC के शो Squawk Box में बातचीत के दौरान बेसेंट ने नए टैरिफ को लेकर हिंट दी. उन्होंने कहा यह नया टैरिफ इसी हफ्ते लागू किया जा सकता है. साथ ही बताया कि ट्रंप प्रशासन तेजी से अपनी वैश्विक टैरिफ नीति को फिर से मजबूत करने की कोशिश कर रहा है. सुप्रीम कोर्ट के हालिया फैसले के बाद प्रशासन अब नए कानूनी रास्तों के जरिए टैरिफ व्यवस्था को फिर से लागू करना चाहता है.
कोर्ट के फैसले के बाद बदली रणनीति
20 फरवरी को अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट ने 6-3 के फैसले में कहा था कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के पास इंटरनेशनल इमरजेंसी इकोनॉमिक पावर्स एक्ट (IEEPA) के तहत इतने व्यापक टैरिफ लगाने का कानूनी अधिकार नहीं है. इस फैसले के चलते पिछले साल लगाए गए कई बड़े टैरिफ अमान्य हो गए थे. फैसले के कुछ ही घंटों के भीतर ट्रंप ने नया एग्जीक्यूटिव ऑर्डर जारी कर दिया और एक अलग कानूनी प्रावधान के तहत 10% का ग्लोबल टैरिफ लागू कर दिया. इसके अगले दिन उन्होंने घोषणा की कि टैरिफ को बढ़ाकर 15% किया जाएगा, हालांकि फिलहाल 10% की दर ही लागू की गई. अब ट्रेजरी सेक्रेटरी के ताजा बयान से संकेत मिला है कि जल्द ही यह दर बढ़ाकर 15% की जा सकती है.
नए कानून के तहत लागू होंगे टैरिफ
ट्रंप प्रशासन अब Trade Act 1974 की धारा 122 का इस्तेमाल कर रहा है. यह एक ऐसा प्रावधान है जो सरकार को मंजूरी के बिना 150 दिनों तक आयात पर अस्थायी प्रतिबंध या टैरिफ लगाने की अनुमति देता है. इस 150 दिन की अवधि के दौरान अमेरिकी ट्रेड रिप्रेजेंटेटिव और कॉमर्स डिपार्टमेंट विस्तृत जांच करेंगे. इन जांचों के आधार पर भविष्य में और स्थायी टैरिफ लगाने का रास्ता तैयार किया जा सकता है. बेसेंट का अनुमान है कि अगले पांच महीनों के भीतर टैरिफ दरें फिर से पहले के स्तर पर पहुंच सकती हैं.
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सेक्टर आधारित टैरिफ जारी रहेंगे
सुप्रीम कोर्ट ने पुराने टैरिफ को खारिज किया है, लेकिन ट्रंप प्रशासन का कहना है कि उसके पास अभी भी कई मजबूत कानूनी विकल्प मौजूद हैं. स्टील, एल्युमीनियम और ऑटोमोबाइल जैसे सेक्टर पर पहले से लगाए गए टैरिफ जारी रहेंगे. साथ ही सरकार नए ट्रेड इन्वेस्टिगेशन भी शुरू कर सकती है, जिनके आधार पर कुछ खास देशों या उद्योगों पर अतिरिक्त ड्यूटी लगाई जा सकती है.
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