टाटा स्टील का शेयर हिट करेगा 240 रुपये का लेवल, ब्रोकरेज ने दी खरीदने की सलाह; लगातार मजबूत हो रही कंपनी

आनंद राठी के मुताबिक, यूरोप में कीमतों का स्थिर होना, देश के अंदर मजबूत मांग, बेहतर होता प्रोडक्ट मिक्स और अप्रैल 2026 से ऑटोमोटिव कॉन्ट्रैक्ट्स में कीमतों में बढ़ोतरी की उम्मीद, इन सभी चीजों के मेल से कंपनी के मार्जिन में बढ़ोतरी होगी. ब्रोकरेज का मानना ​​है कि कीमतों में सुधार की गति मैनेजमेंट के पहले के अनुमान से आगे चल रही है.

टाटा स्टील के शेयर का आउटलुक. Image Credit: AI

घरेलू ब्रोकरेज फर्म आनंद राठी शेयर्स एंड स्टॉक ब्रोकर्स ने अलग-अलग तरह के स्टील बनाने वाली कंपनी टाटा स्टील की रेटिंग को ‘Buy’ (खरीदें) में अपग्रेड कर दिया है. इसके पीछे उन्होंने दुनिया भर में कीमतों के बेहतर होते रुझानों और कमाई के मजबूत होते अनुमानों का हवाला दिया है. आनंद राठी के मुताबिक, यूरोप में कीमतों का स्थिर होना, देश के अंदर मजबूत मांग, बेहतर होता प्रोडक्ट मिक्स और अप्रैल 2026 से ऑटोमोटिव कॉन्ट्रैक्ट्स में कीमतों में बढ़ोतरी की उम्मीद, इन सभी चीजों के मेल से कंपनी के मार्जिन में बढ़ोतरी होगी.

कमाई का रास्ता ज्यादा टिकाऊ

इन बातों को ध्यान में रखते हुए, ब्रोकरेज ने वित्त वर्ष 2026, 2027 और 2028 के लिए अपने EBITDA अनुमानों को क्रमशः 3.1%, 7.6% और 5.6% तक बढ़ा दिया है. अब उसे उम्मीद है कि कंपनी की कमाई का रास्ता ज्यादा टिकाऊ होगा, क्योंकि UK में उसका कामकाज स्थिर हो रहा है और देश के अंदर उसकी उत्पादन क्षमता बढ़कर 40 मिलियन टन तक पहुंच रही है.

टारगेट प्राइस

ब्रोकरेज ने FY28e SoTP वैल्यूएशन के आधार पर टारगेट प्राइस को 240 रुपये पर रिवाइज किया है. इस टारगेट का मतलब है कि सोमवार 30 मार्च को NSE पर 193 रुपये के क्लोजिंग प्राइस से 24 फीसदी की संभावित बढ़त हो सकती है. कंपनी का कुल मार्केट कैपिटलाइज़ेशन 2.39 ट्रिलियन रुपये है.

बुधवार को स्टॉक 200 रुपये पर खुला, जो पिछले सेशन के क्लोज से 3.5 फीसदी ज्यादा था. शेयर 0.57 फीसदी की गिरावट के साथ 193.50 रुपये पर बंद हुआ.

स्टील की कीमतों में लगातार बढ़ोतरी

आनंद राठी ने कहा कि जनवरी में कार्बन बॉर्डर एडजस्टमेंट मैकेनिज्म (CBAM) के लागू होने के साथ ही EU में स्टील की कीमतों में लगातार बढ़ोतरी देखने को मिली है. पिछले तीन महीनों में स्पॉट कीमतें 100 डॉलर प्रति टन तक बढ़ गई हैं, जिससे टाटा स्टील जैसी मौजूदा कंपनियों को फायदा हुआ है़. इसके अलावा, कंपनी ने कहा कि UK सरकार का अपने स्टील आयात कोटा सिस्टम को EU की नीति के अनुरूप बदलने का फैसला एक संरचनात्मक रूप से सकारात्मक कदम है.

ग्रोथ रेट होगी और भी मजबूत

ब्रोकरेज का मानना ​​है कि कीमतों में सुधार की गति मैनेजमेंट के पहले के अनुमान से आगे चल रही है, जिससे Q4 में प्रति टन स्टैंडअलोन EBITDA 15,000 रुपये से ज्यादा रहने की उम्मीद है, जिसका मतलब है कि FY27 में कंपनी की ग्रोथ रेट और भी मजबूत होगी. ऑपरेशनल तौर पर, ब्रोकरेज ने कहा कि टाटा ग्रुप की इस कंपनी ने लुधियाना में 0.75 मिलियन टन की EAF यूनिट शुरू करके भारत में अपनी मौजूदगी को और मजबूत किया है, जिससे इसकी घरेलू क्षमता बढ़कर 27.35 मिलियन टन हो गई है.

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