फ्री में फिल्म-सीरीज देखने की आदत पड़ सकती है भारी, डाउनलोड होते ही खाली हो सकता है बैंक अकाउंट, ऐसे रहें सेफ

नई फिल्मों को फ्री में देखने का लालच आज लाखों लोगों को साइबर ठगी के जाल में फंसा रहा है. टेलीग्राम चैनल, पायरेटेड वेबसाइट्स और फेक ऐप्स के जरिए ठग न सिर्फ गैरकानूनी कंटेंट परोस रहे हैं, बल्कि लोगों का डेटा चुराकर बैंक अकाउंट तक खाली कर रहे हैं. CyberDost भी इस खतरे को लेकर लगातार चेतावनी दे रहा है.

नई-नई फिल्में आने पर बहुत से लोग थिएटर या OTT प्लेटफॉर्म पर पैसे खर्च करने के बजाय फ्री में देखने का जुगाड़ करते हैं. टेलीग्राम चैनल्स, अनजान वेबसाइट्स या ऐप्स से डाउनलोड या स्ट्रीमिंग करते हैं. लेकिन ये आसान रास्ता बहुत खतरनाक साबित हो रहा है. साइबर ठग इसी लालच का फायदा उठाकर लोगों का डेटा चुराते हैं, मालवेयर भेजते हैं और बैंक अकाउंट तक खाली कर देते हैं. सरकारी एजेंसी CyberDost ने भी बार-बार चेतावनी दी है कि फ्री मूवीज के चक्कर में पायरेटेड कंटेंट देखना न सिर्फ गैरकानूनी है, बल्कि आपकी सुरक्षा और पैसे दोनों को खतरे में डाल सकता है.

ठगी कैसे होती है?

साइबर ठग लोगों की फ्री एंटरटेनमेंट की आदत का फायदा उठाते हैं. आमतौर पर, यूजर्स टेलीग्राम चैनल्स, टॉरेंट साइट्स या फेक वेबसाइट्स जैसे iBomma, Tamilblasters या 1TamilMV पर जाते हैं. फिल्म डाउनलोड करने के लिए लिंक क्लिक करते ही मालवेयर इंस्टॉल हो जाता है, जो फोन या कंप्यूटर से पासवर्ड, बैंक डिटेल्स और पर्सनल इंफॉर्मेशन चुरा लेता है. कुछ साइट्स रजिस्ट्रेशन मांगती हैं, जहां ईमेल या फोन नंबर देकर यूजर्स फिशिंग का शिकार हो जाते हैं. विज्ञापनों में छिपे लिंक्स से स्पाइवेयर लग जाता है, जो डेटा चोरी करता है.

इससे कैसे बचें?

सबसे आसान तरीका है कानूनी प्लेटफॉर्म्स का इस्तेमाल करना, जैसे Netflix, Amazon Prime, Disney+ Hotstar या YouTube Movies, जहां फिल्में सेफ और हाई क्वालिटी में मिलती हैं. अनजान वेबसाइट्स या टेलीग्राम चैनल्स से दूर रहें, खासकर जो फ्री HD मूवीज का लालच देते हैं. हमेशा URL चेक करें – असली साइट्स HTTPS से शुरू होती हैं. अच्छा एंटीवायरस सॉफ्टवेयर इंस्टॉल करें, जैसे McAfee या Norton, जो मालवेयर डिटेक्ट करे. CyberDost की सलाह है कि पायरेटेड कंटेंट से दूर रहें, क्योंकि यह न सिर्फ कानूनी जुर्म है, बल्कि साइबर ठगों का ट्रैप भी. अगर कोई लिंक संदिग्ध लगे, तो क्लिक न करें और दोस्तों से शेयर न करें.

ठगी होने के बाद क्या करें?

अगर आप ठगी का शिकार हो गए हैं, तो तुरंत ऐक्शन लें. सबसे पहले अपना डिवाइस स्कैन करें एंटीवायरस से और सभी पासवर्ड बदलें. बैंक या क्रेडिट कार्ड से जुड़ी कोई अनऑथराइज्ड ट्रांजैक्शन हो तो बैंक को ब्लॉक करने कहें. रिपोर्ट करें नेशनल साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल (cybercrime.gov.in) पर या हेल्पलाइन 1930 पर. पुलिस को FIR दर्ज कराएं, जहां डिटेल्स जैसे साइट का नाम, लिंक और नुकसान बताएं. अगर डेटा चोरी हुआ है, तो ID प्रोटेक्शन सर्विस यूज करें. याद रखें, जितनी जल्दी रिपोर्ट करेंगे, उतनी जल्दी ठग पकड़े जा सकेंगे, जैसे हैदराबाद में हाल के केस में हुआ.