Grok को ‘पड़ोस जैसा’ बनाने की तैयारी में मस्क की xAI, हिंदी-बंगाली स्पीकर्स की भर्ती; जानें क्या है योग्यता
एलन मस्क की AI कंपनी xAI अपने चैटबॉट Grok को ज्यादा लोकल और इंसानी अंदाज देने के लिए हिंदी और बंगाली समेत कई भाषाओं के नेटिव स्पीकर्स को हायर कर रही है. भारत में बढ़ती लोकप्रियता के बीच यह कदम ऐसे वक्त आया है, जब Grok रेगुलेटरी विवादों में भी घिरा हुआ है.
Elon Musk xAI Grok Hiring Hindi Bengali: एलन मस्क की आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस कंपनी xAI अपने चैटबॉट Grok को और ज्यादा “लोकल” और आम लोगों जैसा बनाने की तैयारी में जुट गई है. इसी कड़ी में कंपनी अब हिंदी और बंगाली समेत कई भाषाओं के नेटिव स्पीकर्स को हायर कर रही है, ताकि Grok यूजर्स से बात करते वक्त “पड़ोस के इंसान” जैसा महसूस हो.
भारतीय भाषाओं पर खास फोकस
xAI में काम कर रहे आयुष जायसवाल ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर इस भर्ती की जानकारी दी. उन्होंने बताया कि कंपनी ऐसे लोगों की तलाश कर रही है, जो अपनी मातृभाषा में मजबूत पकड़ रखते हों और Grok को ट्रेन करने में मदद कर सकें. इस भर्ती में कुल छह भाषाएं शामिल हैं- रूसी, अरबी, मंदारिन, इंडोनेशियन, हिंदी और बंगाली.
खास बात यह है कि इन पदों के लिए AI या टेक्नोलॉजी का पूर्व ज्ञान जरूरी नहीं है. जायसवाल के मुताबिक, अगर किसी को AI मॉडल ट्रेनिंग का अनुभव नहीं भी है, तो भी यह रोल उनके लिए सीखने का शानदार मौका हो सकता है. उन्होंने कहा कि यह काम न सिर्फ नई टेक्नोलॉजी समझने में मदद करेगा, बल्कि Grok को ज्यादा इंसानी और लोकल अंदाज में बात करना भी सिखाएगा.
क्यों जरूरी है हिंदी-बंगाली ट्रेनिंग?
भारत में Grok की लोकप्रियता तेजी से बढ़ी है. सोशल मीडिया पर लोग अक्सर राजनीतिक बहस सुलझाने, इतिहास से जुड़े सवाल पूछने, ट्रेंडिंग गॉसिप जानने या सामान्य बातचीत के लिए Grok को टैग करते हैं. बड़ी संख्या में यूजर्स सवाल हिंदी, बंगाली या अपनी स्थानीय भाषा में पूछते हैं. माना जा रहा है कि इसी वजह से xAI अब भारतीय भाषाओं में Grok की परफॉर्मेंस सुधारने पर जोर दे रही है.
AI कंपनियों की भारत पर नजर
xAI का यह कदम ऐसे समय में आया है, जब Google, OpenAI और Anthropic जैसी बड़ी AI कंपनियां भी भारत में अपने प्रोडक्ट्स, सस्ते प्लान और लोकल फीचर्स के जरिए पकड़ मजबूत करने की कोशिश कर रही हैं. भारत को तेजी से बढ़ता AI मार्केट माना जा रहा है, जहां करोड़ों यूजर्स अपनी भाषा में टेक्नोलॉजी इस्तेमाल करना चाहते हैं.
Grok की बढ़ी मुश्किलें
हालांकि, Grok पिछले कुछ दिनों से विवादों में भी रहा है. आरोप है कि चैटबॉट ने यूजर्स के अनुरोध पर महिलाओं और बच्चों की बिना सहमति वाली अश्लील तस्वीरें बना दीं, जिससे xAI को कई देशों में रेगुलेटरी दिक्कतों का सामना करना पड़ा. मलेशिया और इंडोनेशिया जैसे देशों ने Grok को ब्लॉक कर दिया है. वहीं, ब्रिटेन सरकार ने कंपनी को चेतावनी दी है कि वह इस तरह की आपत्तिजनक कंटेंट जनरेशन रोकने के लिए सख्त कदम उठाए.
अमेरिका में कुछ सीनेटरों ने तो Grok और X को Google Play Store और Apple App Store से हटाने की मांग तक कर दी है. इन विवादों के बाद xAI ने यूजर्स को कानूनी कार्रवाई की चेतावनी दी है और Grok के पब्लिक वर्जन में कई पाबंदियां लगा दी हैं. अब चैटबॉट यूजर्स की एडिटेड तस्वीरें या आपत्तिजनक इमेज जनरेट नहीं करेगा.
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