अब ChatGPT पर दिखेंगे विज्ञापन, कमाई के नए मॉडल पर OpenAI का दांव; पैसे देने वाले यूजर्स भी आए दायरे में

OpenAI ने अपनी कमाई बढ़ाने के लिए विज्ञापन मॉडल अपनाने का ऐलान किया है. कंपनी जल्द ही ChatGPT के फ्री और कम कीमत वाले प्लान पर यूजर्स को कंटेक्स्ट आधारित विज्ञापन दिखाएगी. हालांकि, प्राइवेसी और जवाबों की निष्पक्षता को लेकर कंपनी ने साफ भरोसा दिलाया है.

OpenAI और ChatGPT Image Credit: @Canva/Money9live

OpenAI ChatGPT Ads: टेक्नोलॉजी की दुनिया की सबसे चर्चित कंपनियों में शामिल OpenAI अब अपनी कमाई बढ़ाने के नए रास्ते पर कदम रखने जा रही है. करीब 50,000 बिलियन डॉलर वैल्यूएशन वाली इस कंपनी को लेकर लंबे समय से सवाल उठते रहे हैं कि आखिर यह इतना बड़ा बिजनेस मॉडल कैसे खड़ा करेगी. अब कंपनी ने खुद साफ कर दिया है कि विज्ञापन उसके रेवेन्यू बढ़ाने का अहम जरिया बनने वाले हैं.

कंपनी ने क्या कहा?

OpenAI ने शुक्रवार, 17 जनवरी को अपने आधिकारिक ब्लॉग पोस्ट में जानकारी दी कि वह जल्द ही ChatGPT पर कुछ यूजर्स को विज्ञापन दिखाना शुरू करेगी. फिलहाल इसकी शुरुआत सीमित स्तर पर होगी, लेकिन आने वाले समय में यह मॉडल कंपनी की कमाई का बड़ा आधार बन सकता है.

किन यूजर्स को दिखेंगे विज्ञापन?

OpenAI ने बताया है कि शुरुआती तौर पर अमेरिका में विज्ञापनों की टेस्टिंग की जाएगी. इस दौरान दो तरह के यूजर्स को एड्स दिखाए जाएंगे. पहला, वे यूजर्स जो फ्री टियर पर ChatGPT का इस्तेमाल करते हैं और कोई शुल्क नहीं देते. दूसरा, नया लो-कॉस्ट प्लान, जिसकी कीमत करीब 8 डॉलर प्रति माह (भारतीय रुपये में लगभग 650–700 रुपये) रखी गई है. कंपनी का कहना है कि विज्ञापन से होने वाली कमाई से फ्री सर्विस को लंबे समय तक बनाए रखने में मदद मिलेगी. हालांकि राहत की बात यह है कि Plus, Pro, Business और Enterprise जैसे महंगे सब्सक्रिप्शन प्लान फिलहाल पूरी तरह एड-फ्री रहेंगे.

विज्ञापन किस तरह दिखेंगे?

OpenAI के मुताबिक, ChatGPT में दिखने वाले विज्ञापन आपकी बातचीत के नीचे नजर आएंगे. ये सामान्य बैनर एड्स नहीं होंगे, बल्कि कंटेक्स्ट आधारित विज्ञापन होंगे. यानी आप जिस विषय पर सवाल पूछ रहे हैं, उसी से जुड़े विज्ञापन आपको दिख सकते हैं. यूजर्स को इस पर पूरा कंट्रोल दिया जाएगा. आप किसी भी विज्ञापन को डिसमिस कर सकेंगे और यह भी जान पाएंगे कि आपको वह एड क्यों दिखाया जा रहा है. अगर आप चाहें, तो पर्सनलाइजेशन सेटिंग बंद करके टार्गेटेड एड्स से बच सकते हैं.

उम्र और प्राइवेसी को लेकर क्या कहा?

OpenAI ने यह भी साफ किया है कि 18 साल से कम उम्र के यूजर्स को कोई विज्ञापन नहीं दिखाया जाएगा. इसके अलावा, कंपनी ने प्राइवेसी को लेकर भरोसा दिलाया है कि यूजर्स का डाटा किसी भी हालत में विज्ञापनदाताओं को नहीं बेचा जाएगा. कंपनी ने जोर देकर कहा है कि विज्ञापन आने के बाद भी ChatGPT के जवाबों की निष्पक्षता पर कोई असर नहीं पड़ेगा. OpenAI इसे “Answer Independence” कह रही है, यानी कोई भी विज्ञापनदाता ChatGPT के जवाबों को प्रभावित नहीं कर सकेगा.

OpenAI को क्या फायदा होगा?

इस नए मॉडल से OpenAI को दो बड़े फायदे मिलने की उम्मीद है. पहला, फ्री और कम कीमत वाले प्लान के यूजर्स से विज्ञापन के जरिए सीधी कमाई होगी. और दूसरा, जिन यूजर्स को विज्ञापन पसंद नहीं होंगे, वे बिना एड्स वाले महंगे सब्सक्रिप्शन प्लान की तरफ शिफ्ट कर सकते हैं. कंपनी का कहना है कि विज्ञापन लाने का मकसद सिर्फ मुनाफा कमाना नहीं है, बल्कि इससे उसके लंबे समय के मिशन को सपोर्ट मिलेगा. OpenAI के अनुसार, इस कमाई का इस्तेमाल आर्टिफिशियल जनरल इंटेलिजेंस (AGI) को विकसित करने और उसके फायदे पूरी मानवता तक पहुंचाने में किया जाएगा.

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