क्रेडिट, डेबिट कार्ड यूजर्स सावधान, बिना OTP शेयर किए हो रहा फ्रॉड; APK लिंक से अकाउंट हो सकता है खाली
देश में साइबर ठगी के नए मामले सामने आ रहे हैं जहां बिना OTP शेयर किए भी क्रेडिट और डेबिट कार्ड से पैसे निकल रहे हैं. विशाखापत्तनम में ऐसे 20 से ज्यादा केस दर्ज हुए हैं. पुलिस के अनुसार APK फाइल डाउनलोड करना इसकी बड़ी वजह है. फर्जी लिंक, रिवॉर्ड ऑफर और कमजोर सुरक्षा सिस्टम से ठग लोगों को निशाना बना रहे हैं. त्योहारों के दौरान ऐसे फ्रॉड और बढ़ जाते हैं.
APK File Fraud: देश में साइबर ठगी के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं. अब ठग ऐसे तरीके अपना रहे हैं जिसमें बिना OTP बताए भी लोगों का पैसा निकल जा रहा है. विशाखापत्तनम में हाल के दिनों में ऐसे कई मामले सामने आए हैं. पीड़ितों को न तो कोई अलर्ट मिला और न ही उन्होंने कोई खरीदारी की. इसके बावजूद उनके क्रेडिट और डेबिट कार्ड से पैसे कट गए. कई लोगों को तो इसकी जानकारी बिल आने के बाद हुई. पुलिस ने इसे नया और खतरनाक तरीका बताया है.
20 से ज्यादा मामले सामने आए
टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के मुताबिक, विशाखापत्तनम में बीते कुछ हफ्तों में 20 से ज्यादा लोग इस तरह की ठगी का शिकार हुए हैं. इन सभी मामलों में कुल मिलाकर 10 लाख रुपये से ज्यादा का नुकसान हुआ है. एक रक्षा कर्मचारी के कार्ड से 75000 रुपये खर्च हो गए. उन्होंने OTP मिलने की बात मानी लेकिन किसी से साझा नहीं किया. एक अन्य व्यक्ति को एक लाख रुपये से ज्यादा का बिल मिला जबकि उन्होंने कार्ड का इस्तेमाल ही नहीं किया था.
APK फाइल से खेल
साइबर पुलिस के अनुसार इस तरह की ठगी का बड़ा कारण APK फाइल डाउनलोड करना है. यह फाइल मोबाइल में इंस्टॉल होते ही ठगों को OTP और अन्य जानकारियां मिलने लगती हैं. इसके बाद वे कार्ड से पैसा निकाल लेते हैं और पीड़ित को भनक तक नहीं लगती. कई बार यूजर को पता तब चलता है जब बैंक स्टेटमेंट आता है. पुलिस ने लोगों को ऐसे ऐप से दूर रहने की सलाह दी है.
कॉन्टैक्टलेस कार्ड और कमजोर सुरक्षा भी खतरा
साइबर एक्सपर्ट्स का कहना है कि कमजोर सुरक्षा व्यवस्था भी फ्रॉड को बढ़ावा दे रही है. कई कार्ड में दो चरण की सुरक्षा नहीं होती. कॉन्टैक्टलेस कार्ड से भी ठगी का खतरा बढ़ गया है. इसके अलावा ठग फर्जी UPI लिंक भेजकर लोगों को फंसाते हैं. त्योहारों के समय इन मामलों में तेजी देखने को मिलती है.
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फर्जी ऑफर और रिवॉर्ड के नाम पर जाल
त्योहारों से पहले ठग फर्जी कैशबैक रिवॉर्ड और क्रेडिट लिमिट बढ़ाने का लालच देते हैं. वे खुद को बैंक कर्मचारी बताकर कॉल या मैसेज भेजते हैं. जैसे ही कोई लिंक पर क्लिक करता है या ऐप डाउनलोड करता है ठगी हो जाती है. पुलिस ने कहा है कि अनजान लिंक न खोलें. किसी भी संदिग्ध कॉल या मैसेज की जानकारी तुरंत बैंक और साइबर हेल्पलाइन को दें.
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