साइबर सिक्योरिटी कोर्स के नाम पर फ्रॉड, इंजीनियर से 1.86 लाख की ठगी, जानें कैसे करें बचाव
अमेरिका में साइबर सिक्योरिटी की पढ़ाई कर रहे प्रयागराज निवासी प्रतीक बोस से एडवांस कोर्स के नाम पर 1.86 लाख की ठगी हुई. एक फर्जी संस्था के व्यक्ति ने कॉल कर डिस्काउंट ऑफर दिया और कई किश्तों में पैसे मंगवाए. जब कोर्स शुरू नहीं हुआ, तो प्रतीक की मां ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई. आरोपी के खिलाफ FIR दर्ज की गई है.
Cyber Security Fraud: देश में बढ़ते साइबर अपराध के चलन के साथ ही इससे निपटने के लिए कई तरह के कोर्स भी लॉन्च किए गए हैं, जिन्हें देश-विदेश के कई प्रतिष्ठित विश्वविद्यालय अपने यहां पढ़ाते हैं . साइबर अपराध से निपटने के लिए तैयार किए गए इन कोर्स के नाम पर भी साइबर अपराधियों ने प्रयागराज के एक इंजीनियर को ठग लिया . दरअसल, अमेरिका में साइबर सिक्योरिटी में पोस्टग्रेजुएट कोर्स कर रहे प्रयागराज के जॉर्ज टाउन के रहने वाले प्रतीक बोस ने एक एडवांस अपग्रेड कोर्स में एडमिशन लेने के लिए तीन किश्तों में 2023 से जनवरी 2025 तक एक इंस्टिट्यूट में पैसा दर्ज किया, लेकिन इतना लंबा समय बीत जाने के बाद भी यह कोर्स शुरू नहीं हुआ, तो इसकी शिकायत उनकी मां ने पुलिस से की. बाद में पता चला कि वह इंस्टिट्यूट ही फर्जी था और वह साइबर फ्रॉड के शिकार हुए हैं.
कैसे हुई ठगी?
हिंदुस्तान टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक, पीड़ित ने ऑनलाइन साइबर सिक्योरिटी कोर्स खोजते हुए “Quantum World Technologies Inc.” नाम की एक वेबसाइट देखी. इसमें एडमिशन लेने के लिए सितंबर में उन्हें अर्चित श्रीवास्तव नाम के एक व्यक्ति का कॉल आया. उसने खुद को कंपनी का मैनेजर बताया और कोर्स में छूट का ऑफर दिया. एडमिशन के नाम पर प्रतीक ने पहले 1.75 लाख रुपये ट्रांसफर किए, लेकिन कोर्स शुरू नहीं हुआ. कुछ दिन बाद उनके रजिस्ट्रेशन के नाम पर 10 हजार रुपये मांगे गए . इसके बाद जनवरी में 1000 रुपये री-रजिस्ट्रेशन के नाम पर फिर मांगे गए. कोर्स शुरू होने में लगातार हो रही देरी से पीड़ित को शक हुआ और उन्होंने इसकी शिकायत पुलिस से की.
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पुलिस ने दर्ज की केस
पीड़िता द्वारा केस दर्ज कराए जाने पर पुलिस ने इस मामले में अर्चित श्रीवास्तव उर्फ अर्चित नंदन (हजरतगंज, लखनऊ) के खिलाफ नामजद FIR दर्ज की है. मामला भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 318(4) और आईटी एक्ट 2008 की धारा 66D के तहत दर्ज किया गया है और जांच जारी है.
ऐसे करें बचाव
- संस्थान की सत्यता जांचें
- किसी भी कोर्स या ऑफर को स्वीकार करने से पहले उस कंपनी या संस्थान की वेबसाइट, रजिस्ट्रेशन नंबर , GST नंबर और ऑनलाइन रिव्यू जरूर जांचें .
- सरकारी पोर्टल (जैसे UGC, AICTE) या लिंक्डइन जैसी प्रोफेशनल साइट पर संस्था की वैधता देखें .
- अनजान कॉल्स और ईमेल से सतर्क रहें
- अनजान नंबरों से आए कॉल या मेल में किसी को तुरंत पैसे ट्रांसफर न करें .
किसी भी डील या फीस से पहले वीडियो कॉल या फिजिकल मीटिंग की मांग करें . - पेमेंट का सुरक्षित तरीका अपनाएं
- हमेशा UPI या बैंक ट्रांसफर से पेमेंट करें , जिसमें ट्रांजैक्शन रिकॉर्ड बना रहे .
नकद या वॉलेट ट्रांसफर से बचें, जिससे रिकवरी मुश्किल हो सकती है . - रजिस्ट्रेशन व कोर्स की लिखित पुष्टि लें
- कोर्स की जानकारी, फीस डिटेल, शुरुआत की तारीख और संपर्क जानकारी को ईमेल या पत्र में लिखित रूप में लें.
- निजी जानकारी साझा करने से बचें
- आधार, पासपोर्ट, OTP, बैंक डिटेल जैसी जानकारी किसी को भी फोन, मेल या मैसेज पर न दें, चाहे वो किसी भी संस्था का दावा करे.
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