इंडस्ट्रियल लैंड अलॉटमेंट के नाम पर लोगों को ठग रहे हैं जालसाज, दिल्ली के कारोबारी को लगाया 12 लाख का चूना
दिल्ली में एक व्यवसायी से इंडस्ट्रियल लैंड अलॉटमेंट के नाम पर 12 लाख रुपये की ठगी हुई.जालसाजों ने खुद को DSIIDC अधिकारी बताकर नकली वेबसाइट और फर्जी दस्तावेज दिखाए. संदेह होने पर व्यवसायी ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई.इस मामले में एक आरोपी गिरफ्तार हुआ, जबकि अन्य की तलाश जारी है.
Industrial Land Scam: दिल्ली के एक कारोबारी को इंडस्ट्रियल लैंड अलॉटमेंट के नाम पर 12 लाख रुपये की ठगी का शिकार बनाया गया. जालसाजों ने खुद को दिल्ली स्टेट इंडस्ट्रियल एंड इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट कॉरपोरेशन (DSIIDC) का अधिकारी बताया और जमीन के पुनः आवंटन (reallocation) के नाम पर पैसे ठग लिए.पुलिस ने इस मामले में एक आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि अन्य की तलाश जारी है.
कैसे हुई ठगी?
बिजनेसमैन ने 2002 में इंडस्ट्रियल लैंड अलॉटमेंट के लिए आवेदन किया था और उनके पास आवेदन संख्या भी थी. इसी जानकारी का इस्तेमाल करके स्कैमर्स ने 18 फरवरी को फोन किया और खुद को DSIIDC का अधिकारी बताया. जालसाजों ने एक नकली वेबसाइट और फर्जी दस्तावेज तैयार किए, ताकि वे भरोसेमंद लगें. ठगों ने कारोबारी को कनॉट प्लेस में बुलाया और फर्जी दस्तावेज दिखाकर आवंटन प्रक्रिया समझाई. इसके बाद, आरोपियों ने प्रोसेसिंग फीस और अन्य शुल्क के नाम पर 12 लाख रुपये लिए और फिर बहाने बनाकर टालमटोल करने लगे. शक होने पर बिजनेसमैन ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई.
ये भी पढ़ें- ई-कॉमर्स पर बेचते हैं प्रोडक्ट या करते हैं ऑनलाइन शॉपिंग तो हो जाएं सावधान, त्रिकोणीय फ्रॉड हाल करेगा बेहाल
ऐसी ठगी से कैसे बचें?
सरकारी आवंटन की प्रक्रिया को समझें
कोई भी सरकारी जमीन आवंटन सीधे आधिकारिक वेबसाइट और संबंधित विभागों के माध्यम से किया जाता है. बिना वेरिफाई किसी कॉल या व्यक्ति पर भरोसा न करें.
सरकारी वेबसाइट और ईमेल की पुष्टि करें
अगर कोई DSIIDC या किसी अन्य सरकारी विभाग से संपर्क करता है, तो उसकी सरकारी वेबसाइट पर क्रॉस-चेक करें.
किसी अनजान व्यक्ति को पैसे न दें
सरकारी प्रक्रिया में किसी व्यक्तिगत व्यक्ति या एजेंट के माध्यम से पेमेंट नहीं किया जाता.
फर्जी वेबसाइट और दस्तावेजों की जांच करें
वेबसाइट का URL (जैसे gov.in या nic.in) देखें. संदेह हो तो संबंधित विभाग से संपर्क करें.
ये भी पढ़ें- साइबर फ्रॉड के पीछे टेक्निकल एक्सपर्ट, WITT के मंच पर दिग्गजों ने बताया कैसे हो रहा धोखाधड़ी का खेल
Latest Stories
Credit Card EMI vs BNPL: खरीदारी के लिए कौन सा पेमेंट ऑप्शन है ज्यादा फायदेमंद? समझिए पूरा फर्क
US या इजरायल नहीं, इस देश के पास है दुनिया का सबसे ताकतवर एयर डिफेंस सिस्टम, 500 km तक है रेंज
फ्लैगशिप स्मार्टफोन खरीदने का है प्लान? Xiaomi 17 Ultra का विकल्प बन सकते हैं ये 4 फोन; कैमरा और परफॉर्मेंस है दमदार
