नई कार खरीदने वालों के लिए खुशखबरी, अब पता चलेगी AC के साथ कितनी देती है माइलेज, सरकार ने बदले नियम
अगले साल अप्रैल से भारत में नई कारों की माइलेज टेस्टिंग AC चालू और AC बंद दोनों स्थितियों में की जाएगी. सरकार का उद्देश्य ग्राहकों को अधिक सटीक और वास्तविक माइलेज जानकारी उपलब्ध कराना है. यह नियम पेट्रोल, डीजल और इलेक्ट्रिक वाहनों पर लागू होगा. वाहन कंपनियों को दोनों आंकडे अपनी वेबसाइट और यूजर मैनुअल में प्रकाशित करने होंगे.
Car Mileage Test: कार खरीदने वाले ग्राहकों के लिए जल्द ही एक बड़ा बदलाव होने जा रहा है. सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय ने नया नियम जारी किया है, जिसके तहत अगले साल अप्रैल से सभी नई कारों की माइलेज और फ्यूल एफिशिएंसी की जांच दो अलग-अलग परिस्थितियों में की जाएगी. पहली जांच AC चालू होने पर और दूसरी AC बंद होने पर होगी. अभी तक कंपनियां केवल AC बंद रखकर टेस्ट करती हैं और उसी के आधार पर माइलेज का दावा करती हैं. सरकार का मानना है कि नया नियम ग्राहकों को ज्यादा सटीक और सही जानकारी देगा. यह नियम पेट्रोल, डीजल और इलेक्ट्रिक वाहनों सभी पर लागू होगा.
क्यों लाया गया नया नियम
सरकार का कहना है कि मौजूदा व्यवस्था में ग्राहकों को सही माइलेज की पूरी जानकारी नहीं मिल पाती है. ज्यादातर लोग गर्म मौसम में AC का यूज करते हैं, जिससे वाहन की माइलेज प्रभावित होती है. ऐसे में केवल AC बंद करके की गई टेस्टिंग असली स्थिति को नहीं दिखाती. नए नियम से ग्राहकों को यह समझने में आसानी होगी कि AC चलाने पर वाहन कितना फ्यूल या बैटरी खर्च करेगा. इससे खरीदारी का फैसला लेना भी आसान होगा.
अगले साल अप्रैल से लागू होंगे नियम
मंत्रालय की नोटिफिकेशन की मुताबिक, यह नियम अगले साल अप्रैल से आने वाले नए वाहन मॉडल पर लागू होगा. इससे पहले सरकार अक्टूबर से इसे लागू करने पर विचार कर रही थी. हालांकि वाहन इंडस्ट्री के साथ चर्चा के बाद समयसीमा को आगे बढ़ाया गया है. इससे कंपनियों को नए नियमों के अनुसार अपनी तैयारियां पूरी करने का समय मिलेगा.
पुराने मॉडल्स को मिल सकती है मोहलत
जो वाहन मॉडल पहले से बाजार में उपलब्ध हैं, उनके लिए कंपनियों को कुछ अतिरिक्त समय दिया जा सकता है. वाहन कंपनियों ने सरकार से इस संबंध में समय मांगने की बात कही थी. माना जा रहा है कि मंत्रालय जल्द ही पुराने मॉडल्स के लिए अलग डेडलाइन घोषित कर सकता है. इससे कंपनियों को मौजूदा वाहनों की दोबारा टेस्टिंग कराने का अवसर मिलेगा. फिलहाल इस पर अंतिम फैसला आना बाकी है.
वेबसाइट और यूजर मैनुअल में देनी होगी जानकारी
नए नियम के तहत कार मैन्युफुक्चिरिंग और इंपोर्टर कंपनियों को AC चालू और AC बंद दोनों स्थितियों की माइलेज जानकारी पब्लिक करनी होगी. यह जानकारी वाहन के यूजर मैनुअल में दर्ज की जाएगी. इसके अलावा कंपनियों को अपनी आधिकारिक वेबसाइट पर भी यह डेटा उपलब्ध कराना होगा. इससे ग्राहक खरीदारी से पहले दोनों आंकड़ों की तुलना कर सकेंगे. ट्रांसपेरेंसी बढ़ाने की दिशा में इसे महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है.
इलेक्ट्रिक वाहनों पर भी लागू होगा नियम
यह नियम केवल पेट्रोल और डीजल कारों तक सीमित नहीं रहेगा. इलेक्ट्रिक वाहनों को भी इसी प्रक्रिया से गुजरना होगा. EV में AC चलने पर बैटरी की खपत बढ़ जाती है, जिससे ड्राइविंग रेंज कम हो सकती है. ऐसे में ग्राहकों को वास्तविक रेंज की जानकारी मिलना जरूरी है. नई व्यवस्था EV खरीदारों को भी अधिक सटीक आंकडे़ उपलब्ध कराएगी. इससे बाजार में भरोसा बढने की उम्मीद है.
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क्यों लिया गया ऐसा फैसला
वाहन कंपनियां अब तक यूरोपीय मानकों का हवाला देती रही हैं, जहां माइलेज टेस्ट में AC को शामिल नहीं किया जाता. लेकिन भारत में मौसम और उपयोग की परिस्थितियां अलग हैं. यहां साल के अधिकतर समय लोग AC का उपयोग करते हैं. इसी वजह से सरकार ने भारतीय जरूरतों के अनुसार नया नियम बनाने का फैसला किया है. माना जा रहा है कि इससे ग्राहकों को वास्तविक प्रदर्शन की जानकारी मिलेगी और कंपनियों की जवाबदेही भी बढे़गी.
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