Alphabet 3 ट्रिलियन डॉलर क्लब में शामिल; Apple, Microsoft और Nvidia के बाद दुनिया की चौथी कंपनी
टेक दिग्गज गूगल की पैरेंट कंपनी Alphabet ने सोमवार को 3 ट्रिलियन डॉलर मार्केट कैप पार किया. Apple, Microsoft और Nvidia के बाद अल्फाबेट यह उपलब्धि हासिल करने वाली दुनिया की चौथी कंपनी है. पिछले 5 दिन में अल्फाबेट के शेयरों 6 फीसदी से ज्यादा तेजी आई है.
Alphabet Market Cap: सुंदर पिचाई के नेतृत्व में गूगल की पैरेंट कंपनी अल्फाबेट ने बड़ी उपलब्धि हासिल की है. अल्फाबेट अब 3 ट्रिलियन डॉलर क्लब में शामिल हो गई है. सोमवार को अल्फाबेट का मार्केट कैप पहली बार 3 ट्रिलियन डॉलर के मार्केट कैप को पार कर गया. अब तक एपल, माइक्रोसॉफ्ट और एनविडिया ने ही यह उपलब्धि हासिल की है. अल्फाबेट ने यह उपलब्धि इसके शेयरों में आई तेजी के चलते हासिल की है.
क्यों आई शेयरों में तेजी?
अल्फाबेट के शेयरों में तेजी का सबसे अहम कारण US एंटीट्रस्ट रूलिंग के मामले में कंपनी को मिली रहात है. इसके अलावा कंपनी ने AI के मोर्चे पर तेजी से कदम बढ़ाए हैं, जिससे निवेशकों के बीच गूगल को लेकर उत्सुकता बढ़ रही है. सोमवार को बाजार खुलते ही कंपन के शेयरों में 4% तेजी आई, जिससे मार्केट कैप 3 लाख करोड़ डॉलर से ज्यादा हो गया.
क्या है एंटीट्रस्ट रूलिंग का मामला?
अमेरिकी न्याय विभाग की तरफ से कई वर्ष से Google पर गंभीर प्रतिबंध लगाने की मांग की जा रही थी. इसके अलावा Chrome ब्राउजर को गूगल से अलग करने पर भी जोर दिया जा रहा था, ताकि वेब सर्च के मामले में क्रोम के जरिये गूगल की मोनोपॉली को खत्म किया जा सके. इस मामले में एक डिस्ट्रिक्ट कोर्ट ने कंपनी को सर्च और विज्ञापन में अवैध मोनोपॉली में संलिप्त पाया था. लेकिन, आखिर में मामले की सुनवाई कर रहे जज अमित मेहता ने क्रोम को गूगल से अलग करने के उपायों को खारिज कर दिया, जिससे निवेशकों की चिंताएं कम हुईं और Alphabet के शेयरों में तेजी आई.
ट्रंंप ने सराहा निर्णय
गूगल के खिलाफ इस मामले में आए फैसले को ट्रंप ने भी सराहा है. CNBC की एक रिपोर्ट के मुताबिक ट्रंप ने इस फैसले को अपेक्षा से हल्का बताते हुए कहा कि यह कंपनी के लिए “एक बहुत अच्छा दिन” है. 2025 में Alphabet का स्टॉक अब तक 30% बढ़ चुका है, जबकि Nasdaq में समान अवधि में 15% की बढ़ोतरी हुई है.
3 ट्रिलियन की उपलब्धि का महत्व
3 ट्रिलियन की उपलब्धि Google के IPO के लगभग दो दशक बाद और Alphabet के होल्डिंग कंपनी बनने के लगभग एक दशक बाद आई है. यह उपलब्धि Alphabet को दुनिया की सबसे मूल्यवान कंपनियों में स्थायी रूप से स्थापित करती है, यह दर्शाती है कि कंपनी नियामक चुनौतियों के बावजूद तकनीक और डिजिटल विज्ञापन में अपनी बढ़त बनाए हुए है.

सुंदर पिचाई का नेतृत्व और AI रणनीति
कंपनी के सह-संस्थापक लैरी पेज ने 2019 में में कंपनी की कमान सुंदर पिचाई को सौंपी. इसके बाद Alphabet ने AI के क्षेत्र में तेजी से काम किया. Alphabet का प्रमुख AI प्लेटफॉर्म Gemini कंपनी को AI में प्रतिस्पर्धी बनाने की रणनीति का केंद्र बना हुआ है, क्योंकि OpenAI और Perplexity जैसे नए प्रतिस्पर्धियों ने इस सेक्टर को तेजी से बदल दिया है.
कोर्ट ने क्या कहा?
AI सेक्टर में पिछले कुछ दिनों में आए तेज बदलावों को ध्यान में रखकर कोर्ट ने माना कि अब क्रोम की मोनोपॉली जैसी स्थिति नहीं है. क्योंकि, अब इंटरनेट सर्च मार्केट पहले की तुलना में ज्यादा डायनेमिक हो गया है.
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