भारत को आंख दिखाने वाले यूनुस अपने ही देश में घिरे, जल्द आ सकता है इस्तीफा; बोले – “बंधक जैसा महसूस कर रहा हूं”
बांग्लादेश की राजनीति में लगातार उठापटक देखने को मिल रही है. दरअसल, बांग्लादेश की अंतरिम सरकार के मुख्य एडवाइजर मोहम्मद यूनुस जल्द ही इस्तीफा दे सकते हैं. इसे लेकर छात्र नेता और नेशनल सिटिजन पार्टी के प्रमुख नाहिद इस्लाम ने कहा कि हम सुबह से सर यूनुस के इस्तीफे की खबर सुन रहे हैं. उनका कहना है कि उन्हें लगता है कि मौजूदा स्थिति में वह काम नहीं कर सकते.
Muhammad Yunus: भारत के पड़ोसी मुल्क बांग्लादेश की स्थिति दिन-प्रतिदिन बदतर होती जा रही है. बांग्लादेश की अंतरिम सरकार के मुख्य सलाहकार मोहम्मद यूनुस जल्द ही सरकार से इस्तीफा दे सकते हैं. चीन की गोद में बैठकर भारत के लिए टेंशन बढ़ाने वाले यूनुस अब अपने ही देश में घिरते दिख रहे हैं. इसलिए कहा जाता है ‘जस करनी, तस भोग विधाता’. भारत को आंख दिखाने वाले यूनुस को अब उन्हीं के देश की राजनीतिक पार्टियां और सेना आंख दिखा रही है.
जल्द आ सकता है यूनुस का इस्तीफा
बांग्लादेश में छात्र आंदोलन से निकले नेशनल सिटीजन पार्टी (NCP) के प्रमुख नाहिद इस्लाम ने गुरुवार को बीबीसी से बात करते हुए कहा कि “मैं सुबह से ही सर (यूनुस) के इस्तीफे की खबर सुन रहा हूं. इसलिए मैं इस मुद्दे पर उनसे चर्चा करने आया हूं. उन्होंने कहा कि वे इस्तीफा देने के बारे में सोच रहे हैं. सर का मानना है कि जब तक राजनीतिक दल आपसी सहमती नहीं बना लेती तब तक वे काम नहीं कर पाएंगे.”
BBC बांग्ला की रिपोर्ट के अनुसार मुहम्मद यूनुस का कहना है कि वे मौजूदा स्थिति में देश की राजनीतिक पार्टियों के साथ काम करने में सहज नहीं हैं. वे वर्तमान स्थिति को देखते हुए पद से इस्तीफा देने की योजना बना रहे हैं.
इस्तीफे का US कनेक्शन?
रखाइन कॉरिडोर मुद्दे को लेकर सरकार और सेना पिछले दो महीने से आमने-सामने है. बांग्लादेश के विदेश सलाहकार तौहीद हुसैन ने कहा कि “अंतरिम सरकार ने अमेरिका की तरफ से प्रस्तावित गलियारे को लेकर सहमति जता दी है”.
सेना से है नाराज
आर्मी चीफ जनरल वकार-उज-जमा ने कहा कि “सीमा जैसे मसलों पर सेना की राय लिए बिना ही फैसले किए जा रहे हैं. यह अस्वीकार्य है. ऐसे फैसले निर्वाचित सरकार ही कर सकती है.”
दिसंबर तक हो आम चुनाव – सेना प्रमुख
सेना प्रमुख जनरल वकार-उज-जमा का कहना है कि देश में आम चुनाव को अब और नहीं टाला जा सकता है. गुरुवार को सेना मुख्यालय में अधिकारियों को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि आम चुनाव इस साल दिसंबर से आगे नहीं टलने चाहिए.
अगस्त में मुख्य सलाकार बने थे यूनुस
पिछले साल (2024) देशभर में छात्र संगठनों ने पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना के खिलाफ मोर्चा खोल दिया था. 5 अगस्त को शेख हसीना बांग्लादेश छोड़कर भारत आ गई थीं. 8 अगस्त को मुहमम्द यूनुस अंतरिम सरकार के मुखिया बनाए गए थे. यूनुस को शांति के क्षेत्र में 2006 में नोबेल पुरस्कार भी मिल चुका है.
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