बिना होर्मुज स्ट्रेट खोले ही ईरान के साथ युद्ध खत्म करने को तैयार हैं ट्रंप, WSJ ने अधिकारियों के हवाले से बताई अहम बात
28 फरवरी से अमेरिका-इजरायल ने ईरान के खिलाफ संयुक्त हमले शुरू किए, जिसके जवाब में ईरान ने भी जवाबी कार्रवाई की, जिससे युद्ध पूरे खाड़ी क्षेत्र में फैल गया. लेविट ने यह भी संकेत दिया कि अरब देशों से ईरान में सैन्य अभियान का बोझ उठाने के लिए कहा जा सकता है.
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अपने सहयोगियों से कहा है कि वे ईरान के खिलाफ अमेरिकी सैन्य अभियान को खत्म करने को तैयार हैं, भले ही होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) काफी हद तक बंद ही क्यों न रहे. इससे संभवतः इस जलमार्ग पर ईरान की मजबूत पकड़ और बढ़ जाएगी और इसे फिर से खोलने का जटिल काम बाद के लिए टल जाएगा.
ट्रंप की क्या है चिंता
वॉल स्ट्रीट जर्नल ने प्रशासन के अधिकारियों के हवाले से बताया कि ट्रंप और उनके सहयोगियों ने यह आकलन किया कि इस अहम जलमार्ग को जबरदस्ती खोलने के किसी भी अभियान से यह संघर्ष उनके तय समय (चार से छह हफ्ते) से कहीं आगे खिंच जाएगा.
कूटनीतिक दबाव बनाने की कोशिश
उन्होंने फैसला किया कि अमेरिका को अपने मुख्य लक्ष्य हासिल करने चाहिए, यानी ईरान की नौसेना और उसके मिसाइल भंडारों को कमजोर करना, और मौजूदा शत्रुता को खत्म करना चाहिए. साथ ही, व्यापार के बिना रुकावट के फिर से शुरू करने के लिए तेहरान पर कूटनीतिक दबाव बनाना चाहिए़.
अधिकारियों ने बताया कि अगर यह तरीका नाकाम रहता है, तो वॉशिंगटन यूरोप और खाड़ी देशों में अपने सहयोगी देशों पर दबाव डालेगा कि वे इस जलडमरूमध्य को फिर से खोलने की पहल करें.
रिपोर्ट के अनुसार, हाल के दिनों में ट्रंप और उनके सहयोगियों ने यह आकलन किया कि उस ‘चोकपॉइंट’ (अवरोधक बिंदु) को खोलने का अभियान, संघर्ष को उनकी तय समय-सीमा, यानी चार से छह सप्ताह, से आगे बढ़ा देगा.
अरब देशों को उठाना पड़ सकता है सैन्य अभियान का बोझ
सोमवार (30 मार्च, 2026) को एक मीडिया ब्रीफिंग में, व्हाइट हाउस की प्रेस सेक्रेटरी कैरोलिन लेविट ने कहा कि राष्ट्रपति और पेंटागन प्रमुख ने सैन्य अभियान के लिए हमेशा चार से छह सप्ताह की अनुमानित समय-सीमा बताई है. लेविट ने यह भी संकेत दिया कि अरब देशों से ईरान में सैन्य अभियान का बोझ उठाने के लिए कहा जा सकता है.
उन्होंने इस सवाल के जवाब में कहा कि क्या कुवैत, UAE और सऊदी अरब जैसे देशों को ईरान अभियान का खर्च उठाना चाहिए. इसपर लेविट ने कहा, ‘मुझे लगता है कि यह एक ऐसा विषय है जिसमें राष्ट्रपति की काफी दिलचस्पी होगी। मैं इस मामले में उनसे आगे नहीं बढ़ूंगी, लेकिन निश्चित रूप से यह एक विचार है, एक ऐसी बात जिसके बारे में मुझे लगता है कि आप उनसे और भी कुछ सुनेंगे.’
संघर्ष शुरू होने के बाद से बंद है होर्मुज स्ट्रेट
28 फरवरी से अमेरिका-इजरायल ने ईरान के खिलाफ संयुक्त हमले शुरू किए, जिसके जवाब में ईरान ने भी जवाबी कार्रवाई की, जिससे युद्ध पूरे खाड़ी क्षेत्र में फैल गया. होर्मुज जलडमरूमध्य दुनिया की ऊर्जा आपूर्ति के लिए एक रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण ‘चोक पॉइंट’ है. यह जलडमरूमध्य, जो एक संकरा समुद्री मार्ग है और फारसी खाड़ी को हिंद महासागर से जोड़ता है,असल में बंद पड़ा है, जिससे कंटेनर, ड्राई बल्क और लिक्विड कार्गो जहाजों सहित, प्रतिदिन सैकड़ों जहाजों की आवाजाही लगभग पूरी तरह से ठप हो गई है.
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