Israel-Iran War:कितना मजबूत है ईरान? तेल भंडार, GDP, मुद्रा और महंगाई के आंकड़ों से समझिए अर्थव्यवस्था का पूरा गणित

पश्चिम एशिया में ईरान और इजराइल के बीच खुली जंग ने वैश्विक राजनीति और अर्थव्यवस्था को झकझोर दिया है. दुनिया के तीसरे सबसे बड़े तेल भंडार वाले ईरान पर पहले से ही महंगाई, मुद्रा संकट और बैंकिंग अस्थिरता का दबाव था. ऐसे में यह युद्ध तेल बाजार, महंगाई और आम लोगों की जिंदगी पर गहरा असर डाल सकता है.

Iran GDP Inflation Oil Reserves Currency Image Credit: @AI/Money9live

Iran GDP Inflation Oil Reserves Currency: आज पश्चिम एशिया में तनाव अपने चरम पर है. ईरान और इजराइल के बीच आज खुली जंग की शुरुआत ने न सिर्फ क्षेत्रीय राजनीति को हिला दिया है, बल्कि वैश्विक अर्थव्यवस्था की धड़कन भी तेज कर दी है. मिसाइलों और हवाई हमलों की गूंज के बीच सबसे बड़ा सवाल यह है कि इस युद्ध का असर तेल बाजार, महंगाई और आम लोगों की जिंदगी पर कितना गहरा पड़ेगा.

ईरान, जिसके पास दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा तेल भंडार है, पहले ही गंभीर आर्थिक दबाव से गुजर रहा था. आसमान छूती महंगाई, गिरती मुद्रा, बैंकिंग संकट और आम लोगों में बढ़ता असंतोष – इन सबके बीच अब युद्ध ने हालात को और विस्फोटक बना दिया है. क्या तेल की कीमतें रिकॉर्ड स्तर पर पहुंचेंगी? क्या वैश्विक बाजारों में उथल-पुथल मचेगी? और क्या ईरान की अंदरूनी आर्थिक चुनौतियां इस जंग को और जटिल बना देंगी?

ईरान के पास है तेल का कितना भंडार?

ईरान दुनिया के बड़े तेल उत्पादक देशों में से एक है. साल 2025 में, ईरान के पास लगभग 208,600,000,000 बैरल तेल भंडार है, जिससे वह दुनिया में तीसरे स्थान पर है. साल 2024 में ईरान रोजाना लगभग 46 लाख 26 हजार 733 बैरल तेल का उत्पादन करता था और इस मामले में उसका स्थान दुनिया में छठा है. वहीं, ईरान रोजाना लगभग 19 लाख 70 हजार 348 बैरल तेल की खपत करता है, जिससे वह खपत के मामले में दुनिया में 11वें स्थान पर आता है. इससे पता चलता है कि ईरान तेल के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण देश है. ईरान की अर्थव्यवस्था में तेल का बहुत ही खास महत्व है.

कितना बड़ा है ईरान का GDP?

विश्व बैंक के आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, साल 2024 में ईरान का सकल घरेलू उत्पाद (GDP) 436.91 अरब अमेरिकी डॉलर था. यह पूरी दुनिया की अर्थव्यवस्था का लगभग 0.41 प्रतिशत हिस्सा है. इसका मतलब है कि ईरान की अर्थव्यवस्था वैश्विक स्तर पर भी अपना महत्वपूर्ण योगदान रखती है.

ईरान में महंगाई?

ईरान में बहमन महीने (21 जनवरी से 20 फरवरी 2026 तक) के लिए महंगाई दर में बड़ी तेजी आई है. बहमन ईरान के कैलेंडर (फारसी या हिजरी-शम्सी कैलेंडर) का एक महीना है. पॉइंट-टू-पॉइंट आधार पर महंगाई दर 68.1% तक पहुंच गई है, जो पिछले महीने से 8.1% अधिक है, और सालाना महंगाई दर 47.5% है. खास तौर पर खाने-पीने की चीजों की कीमतें एक महीने में ही 15.5% बढ़ गई हैं. इसका मतलब है कि आम लोगों की जीवन-यापन की लागत काफी तेजी से बढ़ रही है और रोजमर्रा की वस्तुएं महंगी होती जा रही हैं.

ईरान की करेंसी का क्या है हाल?

मौजूदा एक्सचेंज रेट के अनुसार, 1 अमेरिकी डॉलर (USD) की कीमत 42,000 ईरानी रियाल (IRR) के बराबर है. इसका मतलब है कि अगर कोई व्यक्ति 1 डॉलर को ईरानी मुद्रा में बदलता है, तो उसे 42,000 रियाल प्राप्त होंगे. विनिमय दर वह मूल्य होता है, जिस पर एक देश की मुद्रा को दूसरे देश की मुद्रा में बदला जाता है. यह दर अंतरराष्ट्रीय बाजार की स्थिति के अनुसार बदलती रहती है. इसलिए डॉलर और रियाल के बीच का यह मूल्य समय-समय पर कम या ज्यादा हो सकता है. हालांकि मौजूदा स्तर पर ईरान की मुद्रा का प्रदर्शन डॉलर के मुकाबले काफी कमजोर है.

ईरान की प्रति व्यक्ति आय (Per Capita Income) वर्ष 2024 में लगभग 5,190 अमेरिकी डॉलर दर्ज की गई है. ताजा उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार यह देश की मौजूदा आर्थिक स्थिति को दर्शाता है. प्रति व्यक्ति आय का अर्थ है कि यदि देश की कुल आय को उसकी कुल जनसंख्या में बराबर बांटा जाए, तो औसतन हर नागरिक के हिस्से में इतनी आय आती है.

Ayandeh Bank के दिवालिया होते ही भड़के लोग

2025 के अंत में Ayandeh Bank नाम का एक बड़ा प्राइवेट बैंक, जिसमें लाखों आम लोगों की बचत थी, भारी घाटे और खराब कर्ज के कारण दिवालिया घोषित कर दिया गया. यह बैंक लंबे समय से मुश्किल स्थिति में था और उसने बहुत जोखिम भरे लोन दिए थे, जिनकी वसूली नहीं हो पाई, जिससे उसके पास पैसे कम पड़ गए और वह अपने ग्राहकों को भुगतान नहीं कर सका. इसके दिवालिया होने से आम लोगों में गुस्सा और डर फैल गया, क्योंकि कई लोगों ने अपनी बचत खोने का डर महसूस किया. यह आर्थिक संकट, बढ़ती महंगाई और मुद्रा के गिरते मूल्य के साथ मिलकर लोगों को सड़कों पर विरोध करने के लिए उकसाया. इस तरह बैंक का दिवालिया होना ईरान के मौजूदा आर्थिक संकट और विरोध प्रदर्शनों में एक महत्वपूर्ण कारण रहा है.