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PM शहबाज ने पाकिस्तान को सुनाई खोखली जीत की कहानी, राफेल से लेकर ‘जवाबी हमले’ तक; दावे झूठे

भारत और पाकिस्तान के बीच युद्धविराम के बाद पाकिस्तान के प्रधानमंत्री ने कुछ चौंकाने वाले दावे किए हैं. उन्होंने भारत पर सैन्य और धार्मिक स्थलों पर हमले का आरोप लगाया और राफेल विमानों को गिराने की बात कही, लेकिन क्या सच्चाई भी यही है? जानिए, क्या छिपा है इस बयान के पीछे.

पाकिस्तान को संबोधित करते पीएम शहबाज शरीफ Image Credit: X

भारत के ऑपरेशन सिंदूर के बाद पाकिस्तान में राजनीतिक नेतृत्व अपनी जनता को ‘जीत’ का एहसास कराने में जुटा है. पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने युद्धविराम के बाद रात करीब 11 बजे अपने देश को संबोधित करते हुए भारत पर आरोपों की झड़ी लगा दी. लेकिन इनमें से कई दावे न केवल तथ्यहीन हैं बल्कि भारतीय सेना की ओर से पूरी तरह से खारिज भी किए जा चुके हैं.

राफेल गिराने का दावा, सच्चाई के परे

DAWN के रिपोर्ट के मुताबिक, शहबाज शरीफ ने अपने भाषण में कहा कि पाकिस्तान वायुसेना ने भारत के राफेल लड़ाकू विमानों को निशाना बनाकर उन्हें ‘निष्क्रिय’ कर दिया. हालांकि, भारत की वायुसेना या रक्षा मंत्रालय की ओर से ऐसी किसी भी घटना की न तो पुष्टि की गई है और न ही इस तरह के नुकसान की कोई जानकारी सामने आई है.

शरीफ ने दावा किया कि भारत ने जब पाकिस्तान की सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया तो उनकी सेना ने ‘चंद घंटों में’ भारतीय सैन्य ढांचे को तबाह कर दिया. जबकि सच्चाई यह है कि पाकिस्तान की ओर से किए गए ड्रोन और मिसाइल हमलों में अधिकांश को भारतीय वायु रक्षा प्रणाली ने बीच में ही निष्क्रिय कर दिया. किसी भी बड़े नुकसान की खबर भारत की ओर से नहीं आई.

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धार्मिक स्थलों पर हमले का झूठा प्रचार

शरीफ ने भारत पर धार्मिक स्थलों और नागरिक आबादी को निशाना बनाने का भी आरोप लगाया लेकिन भारतीय सेना ने स्पष्ट किया है कि सभी लक्षित हमले आतंकवादी ढांचे और ठिकानों पर किए गए थे. सेना की नीति संविधान की भावना के अनुरूप है और नागरिक अथवा धार्मिक स्थानों को निशाना नहीं बनाया गया. जहां पाकिस्तान की सरकार इस टकराव को ‘नैतिक जीत’ बताने में जुटी है, वहीं भारत ने संयम और रणनीतिक स्पष्टता के साथ आगे बढ़ते हुए बिना किसी उकसावे के जवाबी कार्रवाई की.