ट्रंप ने बढ़ाया 44% डिफेंस बजट, ₹139.47 लाख करोड़ होगा खर्च, हेल्थ और घरेलू योजनाओं पर चली कैंची

अमेरिका के राष्ट्रपति Donald Trump के बजट प्रस्ताव ने नई बहस छेड़ दी है. एक तरफ सरकार रक्षा खर्च को रिकॉर्ड स्तर तक बढ़ाने की बात कर रही है, तो दूसरी तरफ घरेलू योजनाओं में कटौती का प्रस्ताव रखा गया है. ऐसे में सवाल उठ रहा है कि क्या सुरक्षा पर ज्यादा खर्च करना जरूरी है.

ट्रंप Image Credit: @Money9live

America Budget: अमेरिका की राजनीति में बजट हमेशा एक बड़ा मुद्दा होता है, क्योंकि इससे यह साफ होता है कि सरकार किन क्षेत्रों को ज्यादा महत्व दे रही है. इस बार भी अमेरिका के राष्ट्रपति Donald Trump के बजट प्रस्ताव ने नई बहस छेड़ दी है. एक तरफ सरकार रक्षा खर्च को रिकॉर्ड स्तर तक बढ़ाने की बात कर रही है, तो दूसरी तरफ घरेलू योजनाओं में कटौती का प्रस्ताव रखा गया है. ऐसे में सवाल उठ रहा है कि क्या सुरक्षा पर ज्यादा खर्च करना जरूरी है या फिर आम लोगों से जुड़ी सेवाओं को बचाना. इस बजट में सरकार ने साफ संकेत दिया है कि उसकी प्राथमिकता सुरक्षा, सेना और कानून व्यवस्था है.

रक्षा बजट में बड़ी बढ़ोतरी

ट्रंप सरकार ने साल 2027 के लिए रक्षा बजट को बढ़ाकर करीब 1.5 ट्रिलियन डॉलर करने का प्रस्ताव दिया है. यह पहले के मुकाबले करीब 44 प्रतिशत ज्यादा है. सरकार का कहना है कि बदलते वैश्विक हालात में देश की सुरक्षा मजबूत करना जरूरी है. जहां रक्षा बजट बढ़ाया जा रहा है, वहीं कई घरेलू योजनाओं में कटौती का प्रस्ताव रखा गया है. गैर-रक्षा खर्च में करीब 10 प्रतिशत की कमी की बात कही गई है. स्वास्थ्य, आवास और कृषि जैसे क्षेत्रों के बजट में भी कटौती हो सकती है.

किन क्षेत्रों पर रहेगा फोकस

सरकार का फोकस रक्षा, इमिग्रेशन और कानून व्यवस्था पर रहेगा. न्याय विभाग के बजट में करीब 13 प्रतिशत बढ़ोतरी की योजना है, ताकि अपराध पर कंट्रोल किया जा सके. ट्रंप ने साफ कहा कि देश युद्ध जैसी स्थिति का सामना कर रहा है, इसलिए हर क्षेत्र में खर्च करना संभव नहीं है. उन्होंने कहा कि सरकार को प्राथमिकता तय करनी होगी.

राजनीतिक प्रतिक्रिया

इस बजट को लेकर राजनीति भी तेज हो गई है. कुछ नेताओं ने इसे देश की सुरक्षा के लिए जरूरी बताया है, वहीं कई नेताओं ने इसे आम लोगों के हितों के खिलाफ बताया है. यह बजट प्रस्ताव अभी अंतिम नहीं है. अमेरिका की संसद यानी कांग्रेस इसमें बदलाव कर सकती है या इसे खारिज भी कर सकती है. आने वाले समय में इस पर और चर्चा होने की संभावना है.

यह भी पढ़ें: दुनिया का सबसे बड़ा गैस प्लांट फिलहाल बंद, 7-8 करोड़ LPG सिलेंडर जितनी सप्लाई पर ब्रेक; हिल सकता है ग्लोबल बाजार