ट्रंप ने ‘बोर्ड ऑफ पीस’ पर किए हस्ताक्षर! गाजा में शांति का आगाज, हमास को दिया अल्टीमेटम
दावोस के वैश्विक मंच से गाजा को लेकर एक नई पहल सामने आई है, जिसमें अंतरराष्ट्रीय समर्थन, सख्त शर्तें और बड़े दावे शामिल हैं. यह योजना सिर्फ युद्धविराम तक सीमित नहीं, बल्कि आगे की राजनीति और स्थिरता की दिशा भी तय करती दिख रही है. सवाल यह है कि क्या यह पहल जमीन पर असर दिखा पाएगी?
विश्व राजनीति और वैश्विक अर्थव्यवस्था के बड़े मंच दावोस से एक बार फिर अमेरिका ने मध्य पूर्व को लेकर बड़ा संदेश दिया है. अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने World Economic Forum 2026 के दौरान Davos में अपने नए ‘बोर्ड ऑफ पीस’ पर हस्ताक्षर किए. यह बोर्ड ट्रंप प्रशासन की उस व्यापक योजना का हिस्सा है, जिसका दावा है कि यह गाजा में युद्ध के बाद स्थायी शांति, शासन व्यवस्था और पुनर्निर्माण की दिशा तय करेगा.
क्या है ‘बोर्ड ऑफ पीस’
‘बोर्ड ऑफ पीस’ दरअसल गाजा संघर्ष को खत्म करने के लिए पेश की गई 20 सूत्रीय योजना का अहम स्तंभ है. ट्रंप प्रशासन के एक वरिष्ठ अधिकारी के अनुसार, करीब 50 वैश्विक नेताओं को आमंत्रण भेजा गया था, जिनमें से लगभग 35 नेताओं ने इस बोर्ड में शामिल होने की सहमति दे दी है. खुद ट्रंप ने कहा कि उन्हें इस बोर्ड का अध्यक्ष बनने के लिए कहा गया है.
हमास को सख्त चेतावनी
बोर्ड के लॉन्च के दौरान ट्रंप ने Hamas को लेकर बेहद सख्त रुख अपनाया. उन्होंने कहा कि गाजा में संघर्षविराम के तहत अगर हमास ने हथियार नहीं छोड़े, तो यह उसके लिए “ उनका अंत” साबित होगा. ट्रंप ने कहा, “उन्हें हथियार छोड़ने होंगे. अगर ऐसा नहीं हुआ, तो उनका अंत तय है.” उन्होंने यह भी कहा कि यह संगठन शुरू से ही हथियारों के साथ बड़ा हुआ है.
अर्थव्यवस्था और अमेरिकी दावा
इस बोर्ड में शामिल होने वाले नेताओं में मिस्र के राष्ट्रपति Abdel Fattah al-Sisi भी शामिल हैं. अल-सीसी से मुलाकात के बाद ट्रंप ने इसे अब तक का “सबसे बेहतरीन बोर्ड” बताया. उनके अनुसार, यह पहल सिर्फ गाजा तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि व्यापक क्षेत्रीय स्थिरता की दिशा में काम कर सकती है.
दावोस में ट्रंप ने अमेरिकी अर्थव्यवस्था को लेकर भी बड़ा दावा किया. उन्होंने कहा कि अमेरिका में महंगाई लगभग काबू में है और आर्थिक वृद्धि मजबूत बनी हुई है. ट्रंप के मुताबिक, “जब अमेरिका आगे बढ़ता है, तो पूरी दुनिया आगे बढ़ती है.”
संयुक्त राष्ट्र की मंजूरी
यह पहल अक्टूबर 2025 में प्रस्तावित की गई थी और अगले ही महीने इसे United Nations Security Council का समर्थन मिल गया. बोर्ड का काम गाजा में युद्ध के बाद शांति योजना को लागू करना, संसाधन जुटाना और जवाबदेही तय करना बताया गया है.
कुल मिलाकर, ट्रंप का ‘बोर्ड ऑफ पीस’ गाजा के भविष्य को लेकर एक नए अंतरराष्ट्रीय ढांचे का दावा करता है, लेकिन यह कितना प्रभावी होगा, इसका फैसला आने वाले महीनों में जमीन पर दिखेगा.
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