फेड रिजर्व ने ब्याज दर में नहीं किया कोई बदलाव, बोला- महंगाई और बेरोजगारी का खतरा बढ़ा
अमेरिकी फेडरल रिजर्व ने मई 2025 की मौद्रिक नीति बैठक में प्रमुख ब्याज दरों को यथावत रखने का फैसला लिया है. यह फैसला हाल ही में बढ़े टैरिफ और अमेरिका में बढ़ने वाले महंगाई और बेरोजगारी को ध्यान में रखकर लिया गया है.
US Federal Reserve Rate Decision: अमेरिका में महंगाई और बेरोजगारी दोनों का खतरा मंडरा रहा है. इसके बीच अमेरिकी सेंट्रल बैंक फेडरल रिजर्व ने मई की पॉलिसी मीटिंग में ब्याज दरों में कोई बदलाव नहीं किया है. फिलहाल दरें 4.25 फीसदी से 4.5 फीसदी के बीच बनी रहेंगी. यह फैसला ऐसे समय आया है जब अमेरिका में भारी-भरकम टैरिफ लगाए जाने के बाद बाजार में काफी उथल-पुथल है और अर्थव्यवस्था के हालात भी मिले-जुले हैं.
क्यों लिया गया यह फैसला?
अमेरिका के सेंट्रल बैंक फेडरल रिजर्व के चेयरमैन जेरोम पॉवेल ने इस बारें में जानकारी देते हुए बताया कि हाल के हफ्तों में अर्थव्यवस्था को लेकर अनिश्चितता और बढ़ गई है, खासकर नए टैरिफ के चलते. अमेरिका के राष्ट्रपति ने पिछले महीने चीन से आयातित वस्तुओं पर भारी शुल्क लगा दिया और बाकी अधिकतर देशों से आने वाले सामान पर भी 10 फीसदी का बेसलाइन टैरिफ लागू किया है. इसके साथ ही कुछ दूसरे व्यापारिक साझेदारों पर भी शुल्क बढ़ाए हैं, लेकिन उन्हें जुलाई तक टाल दिया गया है ताकि मौजूदा समझौतों को फिर से बातचीत के जरिए बदला जा सके.
महंगाई और रोजगार दोनों पर नजर
सेंट्रल बैंक कि तरफ से बताया गया है कि, बैंक अपनी दोहरी जिम्मेदारी यानी महंगाई को काबू में रखना और रोजगार को मजबूत बनाए रखना को लेकर सतर्क है. साथ ही आर्थिक परिदृश्य को लेकर अनिश्चितता और बढ़ गई है. महंगाई और बेरोजगारी दोनों बढ़ने के खतरे को फेड गंभीरता से ले रहा है. इसलिए, केंद्रीय बैंक ने यह स्पष्ट किया कि वह आगे भी मौद्रिक नीति का आकलन करते समय ताजा आंकड़ों को ध्यान में रखेगा और उसी के अनुसार आगे के कदम उठाएगा.
क्या दिखा हालिया आर्थिक आंकड़ों में?
अमेरिका की अर्थव्यवस्था ने साल की पहली तिमाही में 0.3 फीसदी की वार्षिक दर से गिरावट दर्ज की, जिसकी मुख्य वजह आयातों में तेज उछाल रही. ट्रेड डेफिसिट मार्च 2025 में 140.5 बिलियन डॉलर के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया, क्योंकि कंपनियों और ग्राहकों ने संभावित भारी टैरिफ लागू होने से पहले अधिक माल मंगवाना शुरू कर दिया. साथ ही अमेरिका में महंगाई का लक्ष्य केंद्रिय बैंक के 2 फीसदी के लक्ष्य के करीब आ रही है, जबकि बेरोजगारी दर में भी कमी हो रही है. हालांकि, टैरिफ को लेकर अनिश्चितता के कारण आम अमेरिकी परिवारों में फ्यूचर को लेकर निराशा देखी जा रही है, जिससे उनकी बड़ी खरीदारी योजनाएं प्रभावित हो सकती हैं.
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