हरियाणा में 1.69 लाख किसानों ने कराया फसल नुकसान का क्लेम, जानें कैसे करें e-क्षतिपूर्ति पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन

हरियाणा के सीएम नायब सिंह सैनी ने बताया है कि राज्य में अब तक 1.69 लाख किसानों ने फसल नुकसान के मुआवजे के लिए e-क्षतिपूर्ति पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन कराया है. इन किसानों ने कुल 9.96 लाख एकड़ जमीन पर हुए नुकसान का दावा दर्ज कराया है. ऐसे में आइए जानते हैं क्या है हरियाणा का e-क्षतिपूर्ति पोर्टल तथा कैसे फसल बर्बादी का क्लेम करें.

ई क्षतिपूर्ति पोर्टल Image Credit:

e-Kshatipurti Portal: हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने 7 सिंतबर को बताया कि राज्य में अब तक 1.69 लाख किसानों ने फसल नुकसान के मुआवजे के लिए e-क्षतिपूर्ति पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन कराया है. इन किसानों ने कुल 9.96 लाख एकड़ जमीन पर हुए नुकसान का दावा दर्ज कराया है. सीएम ने कहा कि यह पोर्टल किसानों की सुविधा के लिए खोला गया है, ताकि वे फसल नुकसान और हाल की बाढ़ से हुई क्षति का ब्यौरा अपलोड कर मुआवजा ले सकें. उन्होंने कहा कि सरकार इस प्राकृतिक आपदा में किसानों के साथ पूरी तरह खड़ी है. ऐसे में आइए जानते हैं क्या है हरियाणा का e-क्षतिपूर्ति पोर्टल तथा कैसे फसल बर्बादी का क्लेम करें.

क्या है हरियाणा का e-क्षतिपूर्ति पोर्टल?

e-Kshatipurti पोर्टल हरियाणा सरकार का एक वेब पोर्टल है, जिसके जरिए किसान प्राकृतिक आपदाओं जैसे बाढ़ और पानीभराव से हुई फसल क्षति का रजिस्ट्रेशन कर मुआवजे का दावा कर सकते हैं. ऑनलाइन क्लेम करने के लिए किसान को आधिकारिक पोर्टल पर फसल बर्बादी की जानकारी देनी होती है.

फसल बर्बादी की जानकारी कैसे दर्ज करें?

ई-क्षतिपूर्ति पोर्टल पर जानकारी दर्ज करने की प्रोसेस को सरल बनाया गया है, ताकि किसान आसानी से अप्लाई कर सकेंइसके लिए आपको,

  • सबसे पहले ई-क्षतिपूर्ति ऑनलाइन पोर्टल पर जाना होगा.
  • उसके बाद आधार कार्ड और दूसरे दस्तावेजों की मदद से अपना रजिस्ट्रेशन करें.
  • आगे अपनी फसल की क्षति की जानकारी दें. इसमें आपको फसल की पूरी डिटेल, नुकसान का अनुमान और जिस खेत में फसल बर्बाद हुई, वहां की तस्वीर अपलोड करनी होगी.
  • उसके बाद सभी जानकारी भरने के बाद आवेदन सबमिट करें.

किन डॉक्यूमेंट्स की होगी जरूरत?

फसल क्षति का क्लेम दर्ज करने के लिए किसानों को कुछ दस्तावेजों की जरूरत होगी. इनमें,

  • आधार कार्ड.
  • बैंक पासबुक.
  • खतौनी.
  • फसल नुकसान का सर्टिफिकेट.
  • आधार से लिंक मोबाइल नंबर.

पंजाब-हिमाचल को भेजी राहत सामग्री

इसके अलावा पंचकूला से सीएम नायब सिंह सैने ने 25 ट्रक राहत सामग्री पंजाब और हिमाचल प्रदेश के लिए रवाना करवाएं. उन्होंने कहा कि इस तरह की आपदा पर राजनीति नहीं होनी चाहिए. कुछ लोग राजनीति करते हैं, लेकिन हमारा कर्तव्य है कि हम जनता की सेवा करें.

इसे भी पढ़ें- सितंबर की बारिश डुबो रही किसानों की किस्मत! पंजाब, बिहार-हरियाणा में बाढ़ से सब्जियां चौपट, फसलें बेकार

Latest Stories

पश्चिम एशिया संघर्ष: फर्टिलाइजर प्लांट के लिए गैस की कीमतों में 60% बढ़ोतरी, सरकार पर बढ़ सकता है सब्सिडी का बोझ

ईरान-इजरायल तनाव लंबा खिंचा तो फर्टिलाइजर पर पड़ेगा बड़ा असर, प्रोडक्शन में हो सकती है 10-15% की कमी

ईरान-इजराइल युद्ध से हल्दी की कीमतों में बड़ी गिरावट, एक्सपोर्ट रुकने से गिरे दाम; किसानों को हो रहा भारी नुकसान

गैस संकट से आधा हुआ यूरिया उत्पादन, क्या खरीफ सीजन से पहले खाद की कमी बढ़ाएगी मुश्किलें?

अप्रैल-जनवरी में यूरिया-DAP का आयात 63 फीसदी बढ़ा, पश्चिम एशिया में तनाव के बीच सरकार ने सुनिश्चित की सप्लाई

PM Kisan 22nd Installment Released: 9.32 करोड़ किसानों के खाते में पहुंचे ₹18,640 करोड़, लेकिन क्यों कम हो गए लाभार्थी?