ऑटोमोबाइल इंडस्ट्री है भारत का ग्रोथ इंजन, 5 साल में नंबर-1 बनने का लक्ष्य: Auto9 Awards में बोले नितिन गडकरी
Auto9 Awards में केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने कहा कि ऑटोमोबाइल इंडस्ट्री भारत की अर्थव्यवस्था का सबसे बड़ा ग्रोथ इंजन बन चुकी है. यह 4.5 करोड़ नौकरियां दे रही है और 2026 तक 22 लाख करोड़ रुपये की इंडस्ट्री बनकर दुनिया में तीसरे स्थान पर पहुंच चुकी है.
TV9 नेटवर्क की ओर से आयोजित Auto9 Awards में केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए. इस मौके पर उन्होंने भारत के ऑटोमोबाइल और मोबिलिटी सेक्टर में हो रहे तेज़ और सकारात्मक बदलावों पर विस्तार से बात की. गडकरी ने कहा कि ऑटोमोबाइल इंडस्ट्री आज देश की अर्थव्यवस्था का सबसे बड़ा ग्रोथ इंजन बन चुकी है. यह इंडस्ट्री केंद्र और राज्य सरकारों को जीएसटी और रेवेन्यू का बड़ा योगदान देती है, सबसे ज्यादा निर्यात करती है और करीब 4.5 करोड़ लोगों को रोजगार उपलब्ध कराती है. उन्होंने कहा कि भारत दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्थाओं में शामिल है और इसमें ऑटो सेक्टर की भूमिका बेहद अहम है.
दुनिया में तीसरे नंबर पर है भारत की ऑटोमोबाइल इंडस्ट्री
केंद्रीय मंत्री ने बताया कि जब 2014 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सत्ता संभाली थी, तब देश की ऑटोमोबाइल इंडस्ट्री का आकार करीब 15 लाख करोड़ रुपये था और भारत वैश्विक स्तर पर 7वें स्थान पर था. वहीं, 2026 तक यह इंडस्ट्री बढ़कर 22 लाख करोड़ रुपये की हो चुकी है और भारत दुनिया में तीसरे नंबर पर पहुंच गया है. गडकरी ने कहा कि भारत ने इस मामले में जापान को पीछे छोड़ दिया है. फिलहाल पहले स्थान पर अमेरिका (79 लाख करोड़ रुपये) और दूसरे स्थान पर चीन (49 लाख करोड़ रुपये) है. उन्होंने भरोसा जताया कि जिस रफ्तार से ऑटो इंडस्ट्री आगे बढ़ रही है, आने वाले पांच साल में भारत नंबर-1 बनने की दिशा में मजबूत प्रयास करेगा.
आने वाले समय में इन फ्यूल्स की बढ़ेगी मांग
गडकरी ने स्क्रैपिंग पॉलिसी, वैकल्पिक ईंधन और प्रदूषण जैसे अहम मुद्दों पर भी खुलकर बात की. उन्होंने कहा कि वाहन स्क्रैपिंग को तेजी से बढ़ाया जा रहा है, जिससे एल्यूमिनियम, कॉपर और रबर जैसे कच्चे माल सस्ते मिलेंगे और ऑटो पार्ट्स की लागत घटेगी. आने वाले समय में इलेक्ट्रिक, बायो-फ्यूल, एथेनॉल, मेथनॉल, CNG और हाइड्रोजन फ्यूल का बड़ा उछाल देखने को मिलेगा. उन्होंने बताया कि वे खुद हाइड्रोजन कार का इस्तेमाल कर रहे हैं और इसका प्रचार कर रहे हैं, क्योंकि भारत हर साल करीब 22 लाख करोड़ रुपये का फॉसिल फ्यूल आयात करता है. प्रदूषण पर बात करते हुए गडकरी ने स्वीकार किया कि दिल्ली के प्रदूषण में करीब 45% हिस्सा ऑटो इंडस्ट्री का है, लेकिन एथेनॉल मिश्रण से पेट्रोल की एफिशिएंसी पर असर नहीं पड़ा है. उन्होंने कहा कि मक्के से एथेनॉल बनाने से यूपी और बिहार के किसानों को 45,000 करोड़ रुपये का फायदा हुआ है, जो आत्मनिर्भर भारत की दिशा में बड़ा कदम है.
पहली बार बढ़ा ट्रैक्टर का प्रोडक्शन
Auto9 Awards 2026 के कार्यक्रम में नितिन गडकरी ने बताया कि साल 2025 में देश में ट्रैक्टर की सबसे ज्यादा उत्पादन और बिक्री दर्ज की गई. इसके साथ ही उन्होंने दोपहिया वाहनों के बढ़ते एक्सपोर्ट पर भी जोर दिया. नितिन गडकरी ने बताया भारत में बनने वाले करीब 50 प्रतिशत टू-व्हीलर विदेशों में एक्सपोर्ट किए जा रहे हैं. इस क्षेत्र में बजाज, टीवीएस, हीरो और होंडा जैसी कंपनियां अहम भूमिका निभा रही हैं, जिनके प्रोडक्ट्स की वैश्विक बाजार में लगातार मांग बढ़ रही है.
कम दूरी की उड़ानें बंद होंगी: गडकरी
नितिन गडकरी ने कहा कि जिन रूट्स पर सड़क कनेक्टिविटी तेज, बेहतर और अधिक प्रभावी हो जाएगी, वहां लोग हवाई यात्रा करना बंद कर देंगे. उन्होंने कहा, “इस साल मैं दिल्ली से छह शहरों के लिए हवाई सेवाएं बंद करा दूंगा. इसे लिखकर रख लीजिए.” गडकरी के मुताबिक, दिल्ली से देहरादून, दिल्ली से जयपुर, दिल्ली से अमृतसर, दिल्ली से चंडीगढ़, चेन्नई से बेंगलुरु और मैसूरु से बेंगलुरु जैसे रूट्स पर लोग खुद ही फ्लाइट लेना छोड़ देंगे, क्योंकि सड़क मार्ग से सफर ज्यादा तेज और सुविधाजनक हो जाएगा.
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