Budget 2026: वित्त मंत्रालय की नई बिल्डिंग में नहीं छपेगा बजट, पुरानी जगह ही अभी सबसे महफूज
केंद्रीय बजट 2026 27 की छपाई इस बार भी नार्थ ब्लॉक में ही होगी. हालांकि वित्त मंत्रालय कर्तव्य भवन में शिफ्ट हो चुका है. नई जगह पर प्रिंटिंग प्रेस समय पर पूरी तरह तैयार नहीं हो पाई. बजट 1 फरवरी 2026 को संसद में पेश किया जाएगा. गोपनीयता और डेडलाइन को ध्यान में रखते हुए पुराने और भरोसेमंद नार्थ ब्लॉक प्रेस का इस्तेमाल किया जा रहा है.
Budget 2026: केंद्रीय बजट 2026-27 से जुड़ी एक महत्वपूर्ण जानकारी सामने आई है. भले ही वित्त मंत्रालय नार्थ ब्लॉक से कर्तव्य भवन शिफ्ट हो चुका है, लेकिन इस बार भी बजट की छपाई नार्थ ब्लॉक में ही की जाएगी. बजट 1 फरवरी 2026 को संसद में पेश होगा. नई इमारत में प्रिंटिंग प्रेस समय पर पूरी तरह तैयार नहीं हो सकी. ऐसे में सरकार ने गोपनीयता और समय की पाबंदी को देखते हुए पुराने और भरोसेमंद सिस्टम पर भरोसा किया है.
नार्थ ब्लॉक में ही होगी बजट की छपाई
वित्त मंत्रालय के अनुसार कर्तव्य भवन में बजट प्रिंटिंग प्रेस लगाने में कई तकनीकी और स्थान से जुड़ी दिक्कतें सामने आईं. वरिष्ठ अधिकारी इन समस्याओं को सुलझाने के लिए कई बार नार्थ ब्लॉक गए. चूंकि बजट एक समयबद्ध और संवेदनशील प्रक्रिया है इसलिए किसी तरह का जोखिम नहीं लिया गया. इसी वजह से बजट 2026-27 की अंतिम प्रतियां नार्थ ब्लॉक के पुराने प्रिंटिंग प्रेस में ही छापी जाएंगी.
कर्तव्य भवन में नई मशीनों पर काम जारी
इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक, मंत्रालय ने कर्तव्य भवन में बजट छपाई के लिए नई आधुनिक मशीनें खरीदी हैं. इन मशीनों की जांच और ट्रायल प्रिंटिंग का काम अभी चल रहा है. हालांकि यह व्यवस्था अभी पूरी तरह से वर्किंग नहीं हो पाई है. बजट प्रिंटिंग में कई मंत्रालय और विभाग शामिल होते हैं और यह काम तय समय में पूरा करना होता है. इसी कारण एहतियात के तौर पर पुराने प्रेस का सहारा लिया गया है.
हलवा सेरेमनी और लॉक इन प्रक्रिया
बजट पेश होने से पहले हर साल हलवा सेरेमनी आयोजित की जाती है. इसके बाद बजट तैयार करने और छापने से जुड़े अधिकारी लॉक इन कर दिए जाते हैं. इस बार करीब 60 अधिकारी और कर्मचारी इस प्रक्रिया में शामिल होंगे. लॉक इन अवधि के दौरान इन लोगों का बाहरी दुनिया से संपर्क पूरी तरह बंद रहता है. फोन और अन्य इलेक्ट्रॉनिक इंक्विपमेंट की अनुमति नहीं होती ताकि बजट की गोपनीयता बनी रहे.
लॉक इन अवधि में किया गया बदलाव
कोविड के बाद बजट से जुड़ी प्रक्रिया में कुछ बदलाव किए गए हैं. पहले लॉक इन अवधि 10 से 12 दिन की होती थी. अब इसे घटाकर लगभग 7 दिन कर दिया गया है. इसकी वजह बजट दस्तावेजों की डिजिटल उपलब्धता बढ़ना है. अब बजट की हार्ड कॉपी की संख्या पहले के मुकाबले काफी कम हो गई है और ज्यादातर डिस्ट्रीब्यूशन ऑनलाइन होता है.
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क्यों जरूरी है नार्थ ब्लॉक का पुराना प्रेस
नार्थ ब्लॉक का बजट प्रिंटिंग प्रेस दशकों से इस्तेमाल में है और इसे सुरक्षित और भरोसेमंद माना जाता है. बजट जैसे संवेदनशील दस्तावेज की छपाई के लिए समय और गोपनीयता सबसे अहम होती है. कर्तव्य भवन में नया प्रिंटिंग सेटअप भविष्य के लिए तैयार किया जा रहा है. लेकिन बजट 2026-27 के लिए यह समय पर तैयार नहीं हो सका. इसलिए इस बार भी सरकार ने पुराने सिस्टम पर भरोसा बनाए रखा है.